VR 7.25.31
अनुष्टुप्
अद्य तं समरे हत्वा मधुं रावणनिर्भयम् । इन्द्रलोकं गमिष्यामि युद्धकाङ्क्षी सुहृद्वृतः ॥
adya taṃ samare hatvā madhuṃ rāvaṇanirbhayam | indralokaṃ gamiṣyāmi yuddhakāṅkṣī suhṛdvṛtaḥ ||
Morphemic Decomposition & Padaccheda
अद्य
अद्य [ind]
तं
तद् [pron]
समरे
समर [mn]
हत्वा
हन् [6. P.]
मधुं
मधु [m]
रावणनिर्भयम्
रावण [m]
रावणनिर्भयम्
निर्भय [adj]
इन्द्रलोकं
इन्द्र [m]
इन्द्रलोकं
लोक [m]
गमिष्यामि
गम् [6. Ā.]
युद्धकाङ्क्षी
युद्ध [n]
युद्धकाङ्क्षी
काङ्क्षिन् [adj]
सुहृद्वृतः
सुहृद् [m]
सुहृद्वृतः
वृ [1. Ā.]