Ādiparva Adhyāya 117
आदिपर्व • अध्यायः 117
Ādiparva Adhyāya 117 of the classical Mahābhārata with 34 verses.
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250 Lexicon Terms
पाण्डोरवभृथं कृत्वा देवकल्पा महर्षयः । ततो मन्त्रमकुर्वन्त ते समेत्य तपस्विनः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
पाण्डोर्
पाण्डु [m]
अवभृथं
अवभृथ [mn]
कृत्वा
कृ [2. Ā.]
देवकल्पा
देव [m]
देवकल्पा
कल्प [mn]
महर्षयः
महत् [adj]
महर्षयः
ऋषि [m]
ततो
ततस् [ind]
मन्त्रम्
मन्त्र [mn]
अकुर्वन्त
कृ [2. Ā.]
ते
तद् [pron]
समेत्य
समे [2. P.]
तपस्विनः
तपस्विन् [m]
हित्वा राज्यं च राष्ट्रं च स महात्मा महातपाः । अस्मिन्स्थाने तपस्तप्तुं तापसाञ्शरणं गतः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
हित्वा
हा [1. P.]
राज्यं
राज्य [n]
च
च [ind]
राष्ट्रं
राष्ट्र [mn]
च
च [ind]
स
तद् [pron]
महात्मा
महात्मन् [adj]
महातपाः
महत् [adj]
महातपाः
तपस् [n]
अस्मिन्
इदम् [pron]
स्थाने
स्थान [n]
तपस्तप्तुं
तपस् [n]
तपस्तप्तुं
तप् [4. Ā.]
तापसाञ्शरणं
तापस [m]
तापसाञ्शरणं
शरण [n]
गतः
गम् [6. Ā.]
स जातमात्रान्पुत्रांश्च दारांश्च भवतामिह । प्रदायोपनिधिं राजा पाण्डुः स्वर्गमितो गतः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
स
तद् [pron]
जातमात्रान्
जन् [4. P.]
जातमात्रान्
मात्र [n]
पुत्रांश्च
पुत्र [m]
पुत्रांश्च
च [ind]
दारांश्च
दार [mn]
दारांश्च
च [ind]
भवताम्
भवत् [adj]
इह
इह [ind]
प्रदायोपनिधिं
प्रदा [3. Ā.]
प्रदायोपनिधिं
उपनिधि [m]
राजा
राजन् [m]
पाण्डुः
पाण्डु [m]
स्वर्गम्
स्वर्ग [m]
इतो
इतस् [ind]
गतः
गम् [6. Ā.]
ते परस्परमामन्त्र्य सर्वभूतहिते रताः । पाण्डोः पुत्रान्पुरस्कृत्य नगरं नागसाह्वयम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
सर्वे
सर्व [pron]
धर्मार्थकुशलाः
धर्म [mn]
धर्मार्थकुशलाः
अर्थ [mn]
धर्मार्थकुशलाः
कुशल [adj]
सर्वे
सर्व [pron]
भूतहिते
भूत [mn]
भूतहिते
हित [n]
रताः
रम् [4. Ā.]
पाण्डोः
पाण्डु [m]
पुत्रान्
पुत्र [m]
पुरस्कृत्य
पुरस्कृ [8. Ā.]
नगरं
नगर [mn]
नागसाह्वयम्
नागसाह्वय [n]
उदारमनसः सिद्धा गमने चक्रिरे मनः । भीष्माय पाण्डवान्दातुं धृतराष्ट्राय चैव हि ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
उदारमनसः
उदार [adj]
उदारमनसः
मनस् [n]
सिद्धा
सिध् [4. Ā.]
गमने
गमन [n]
चक्रिरे
कृ [2. Ā.]
मनः
मनस् [n]
भीष्माय
भीष्म [m]
पाण्डवान्
पाण्डव [m]
दातुं
दा [1. Ā.]
धृतराष्ट्राय
धृतराष्ट्र [m]
चैव
च [ind]
चैव
एव [ind]
हि
हि [ind]
तस्मिन्नेव क्षणे सर्वे तानादाय प्रतस्थिरे । पाण्डोर्दारांश्च पुत्रांश्च शरीरं चैव तापसाः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
तस्मिन्न्
तद् [pron]
एव
एव [ind]
क्षणे
क्षण [m]
सर्वे
सर्व [pron]
तान्
तद् [pron]
आदाय
आदा [4. Ā.]
प्रतस्थिरे
प्रस्था [1. Ā.]
पाण्डोर्
पाण्डु [m]
दारांश्च
दार [mn]
दारांश्च
च [ind]
पुत्रांश्च
पुत्र [m]
पुत्रांश्च
च [ind]
शरीरं
शरीर [n]
चैव
च [ind]
चैव
एव [ind]
तापसाः
तापस [m]
सुखिनी सा पुरा भूत्वा सततं पुत्रवत्सला । प्रपन्ना दीर्घमध्वानं संक्षिप्तं तदमन्यत ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
सुखिनी
सुखिन् [adj]
सा
तद् [pron]
पुरा
पुरा [ind]
भूत्वा
भू [1. Ā.]
सततं
सततम् [ind]
पुत्रवत्सला
पुत्र [m]
पुत्रवत्सला
वत्सल [adj]
प्रपन्ना
प्रपद् [4. P.]
दीर्घम्
दीर्घ [adj]
अध्वानं
अध्वन् [m]
संक्षिप्तं
संक्षिप् [6. Ā.]
तद्
तद् [pron]
अमन्यत
मन् [8. P.]
सा नदीर्घेण कालेन संप्राप्ता कुरुजाङ्गलम् । वर्धमानपुरद्वारमाससाद यशस्विनी ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
सा
तद् [pron]
नदीर्घेण
न [ind]
नदीर्घेण
दीर्घ [adj]
कालेन
काल [m]
सम्प्राप्ता
सम्प्राप् [5. Ā.]
कुरुजाङ्गलम्
कुरुजाङ्गल [n]
वर्धमानपुरद्वारम्
वर्धमान [n]
वर्धमानपुरद्वारम्
पुर [n]
वर्धमानपुरद्वारम्
द्वार [n]
आससाद
आसद् [2. P.]
यशस्विनी
यशस्विन् [adj]
तं चारणसहस्राणां मुनीनामागमं तदा । श्रुत्वा नागपुरे नॄणां विस्मयः समजायत ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
तं
तद् [pron]
चारणसहस्राणां
चारण [fn]
चारणसहस्राणां
सहस्र [mn]
मुनीनाम्
मुनि [m]
आगमं
आगम [m]
तदा
तदा [ind]
श्रुत्वा
श्रु [4. P.]
नागपुरे
नागपुर [n]
नॄणां
नृ [m]
विस्मयः
विस्मय [m]
समजायत
संजन् [4. Ā.]
मुहूर्तोदित आदित्ये सर्वे धर्मपुरस्कृताः । सदारास्तापसान्द्रष्टुं निर्ययुः पुरवासिनः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
मुहूर्तोदित
मुहूर्त [mn]
मुहूर्तोदित
उदि [4. Ā.]
आदित्ये
आदित्य [m]
सर्वे
सर्व [pron]
धर्मपुरस्कृताः
धर्म [mn]
धर्मपुरस्कृताः
पुरस्कृ [8. Ā.]
सदारास्तापसान्
स [ind]
सदारास्तापसान्
दार [mn]
सदारास्तापसान्
तापस [m]
द्रष्टुं
दृश् [6. P.]
निर्ययुः
निर्या [2. P.]
पुरवासिनः
पुर [n]
पुरवासिनः
वासिन् [adj]
स्त्रीसंघाः क्षत्रसंघाश्च यानसंघान्समास्थिताः । ब्राह्मणैः सह निर्जग्मुर्ब्राह्मणानां च योषितः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
स्त्रीसंघाः
स्त्री [f]
स्त्रीसंघाः
संघ [m]
क्षत्रसंघाश्च
क्षत्र [n]
क्षत्रसंघाश्च
संघ [m]
क्षत्रसंघाश्च
च [ind]
यानसंघान्
यान [n]
यानसंघान्
संघ [m]
समास्थिताः
समास्था [1. Ā.]
ब्राह्मणैः
ब्राह्मण [m]
सह
सह [ind]
निर्जग्मुर्
निर्गम् [6. P.]
ब्राह्मणानां
ब्राह्मण [m]
च
च [ind]
योषितः
योषित् [f]
तथा विट्शूद्रसंघानां महान्व्यतिकरोऽभवत् । न कश्चिदकरोदीर्ष्यामभवन्धर्मबुद्धयः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
तथा
तथा [ind]
विट्शूद्रसंघानां
विश् [f]
विट्शूद्रसंघानां
शूद्र [m]
विट्शूद्रसंघानां
संघ [m]
महान्
महत् [adj]
व्यतिकरो
व्यतिकर [m]
ऽभवत्
भू [1. Ā.]
न
न [ind]
कश्चिद्
कश्चित् [pron]
अकरोद्
कृ [2. Ā.]
ईर्ष्याम्
ईर्ष्या [f]
अभवन्
भू [1. Ā.]
धर्मबुद्धयः
धर्म [mn]
धर्मबुद्धयः
बुद्धि [f]
तथा भीष्मः शांतनवः सोमदत्तोऽथ बाह्लिकः । प्रज्ञाचक्षुश्च राजर्षिः क्षत्ता च विदुरः स्वयम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
तथा
तथा [ind]
भीष्मः
भीष्म [m]
शांतनवः
शांतनव [m]
सोमदत्तो
सोमदत्त [m]
ऽथ
अथ [ind]
बाह्लिकः
बाह्लिक [m]
प्रज्ञाचक्षुश्च
प्रज्ञाचक्षुस् [m]
प्रज्ञाचक्षुश्च
च [ind]
राजर्षिः
राजर्षि [m]
क्षत्ता
क्षत्तृ [m]
च
च [ind]
विदुरः
विदुर [m]
स्वयम्
स्वयम् [ind]
सा च सत्यवती देवी कौसल्या च यशस्विनी । राजदारैः परिवृता गान्धारी च विनिर्ययौ ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
ततः
ततस् [ind]
सत्यवतीं
सत्यवती [f]
भीष्मः
भीष्म [m]
कौसल्यां
कौसल्या [f]
च
च [ind]
यशस्विनीम्
यशस्विन् [adj]
राजदारैः
राजन् [m]
राजदारैः
दार [mn]
परिवृता
परिवृ [5. Ā.]
गान्धारी
गान्धारी [f]
च
च [ind]
विनिर्ययौ
विनिर्या [2. P.]
धृतराष्ट्रस्य दायादा दुर्योधनपुरोगमाः । भूषिता भूषणैश्चित्रैः शतसंख्या विनिर्ययुः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
धृतराष्ट्रस्य
धृतराष्ट्र [m]
दायादा
दायाद [m]
दुर्योधनपुरोगमाः
दुर्योधन [m]
दुर्योधनपुरोगमाः
पुरोगम [adj]
भूषिता
भूषय् [10. Ā.]
भूषणैश्चित्रैः
भूषण [n]
भूषणैश्चित्रैः
चित्र [adj]
शतसंख्या
शत [mn]
शतसंख्या
संख्या [f]
विनिर्ययुः
विनिर्या [2. P.]
तान्महर्षिगणान्सर्वाञ्शिरोभिरभिवाद्य च । उपोपविविशुः सर्वे कौरव्याः सपुरोहिताः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
तान्
तद् [pron]
महर्षिगणान्
महत् [adj]
महर्षिगणान्
ऋषि [m]
महर्षिगणान्
गण [m]
सर्वाञ्
सर्व [pron]
शिरोभिर्
शिरस् [n]
अभिवाद्य
अभिवादय् [10. Ā.]
च
च [ind]
उपोपविविशुः
उपोपविश् [6. Ā.]
सर्वे
सर्व [pron]
कौरव्याः
कौरव्य [m]
सपुरोहिताः
स [ind]
सपुरोहिताः
पुरोहित [m]
तथैव शिरसा भूमावभिवाद्य प्रणम्य च । उपोपविविशुः सर्वे पौरजानपदा अपि ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
तथैव
तथा [ind]
तथैव
एव [ind]
शिरसा
शिरस् [n]
भूमावभिवाद्य
भूमि [f]
भूमावभिवाद्य
अभिवादय् [10. Ā.]
प्रणम्य
प्रणम् [1. Ā.]
च
च [ind]
उपोपविविशुः
उपोपविश् [6. Ā.]
सर्वे
सर्व [pron]
कौरव्याः
कौरव्य [m]
सपुरोहिताः
स [ind]
सपुरोहिताः
पुरोहित [m]
तमकूजमिवाज्ञाय जनौघं सर्वशस्तदा । भीष्मो राज्यं च राष्ट्रं च महर्षिभ्यो न्यवेदयत् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
तम्
तद् [pron]
इवाज्ञाय
इव [ind]
इवाज्ञाय
आज्ञा [9. P.]
जनौघं
जन [m]
जनौघं
ओघ [m]
सर्वशस्तदा
सर्वशस् [ind]
सर्वशस्तदा
तदा [ind]
भीष्मो
भीष्म [m]
राज्यं
राज्य [n]
च
च [ind]
राष्ट्रं
राष्ट्र [mn]
च
च [ind]
महर्षिभ्यो
महत् [adj]
महर्षिभ्यो
ऋषि [m]
न्यवेदयत्
निवेदय् [10. Ā.]
तेषामथो वृद्धतमः प्रत्युत्थाय जटाजिनी । महर्षिमतमाज्ञाय महर्षिरिदमब्रवीत् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
तेषाम्
तद् [pron]
अथो
अथो [ind]
वृद्धतमः
वृद्धतम [adj]
प्रत्युत्थाय
प्रत्युत्था [1. P.]
जटाजिनी
जटाजिनिन् [adj]
महर्षिमतम्
महत् [adj]
महर्षिमतम्
ऋषि [m]
महर्षिमतम्
मत [n]
आज्ञाय
आज्ञा [9. P.]
महर्षिर्
महत् [adj]
महर्षिर्
ऋषि [m]
इदम्
इदम् [pron]
अब्रवीत्
ब्रू [2. Ā.]
यः स कौरव्यदायादः पाण्डुर्नाम नराधिपः । कामभोगान्परित्यज्य शतशृङ्गमितो गतः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
यः
यद् [pron]
स
तद् [pron]
कौरव्यदायादः
कौरव्य [m]
कौरव्यदायादः
दायाद [m]
पाण्डुर्
पाण्डु [m]
नाम
नाम [ind]
नराधिपः
नर [m]
नराधिपः
अधिप [m]
कामभोगान्
काम [m]
कामभोगान्
भोग [m]
परित्यज्य
परित्यज् [1. Ā.]
शतशृङ्गम्
शतशृङ्ग [m]
इतो
इतस् [ind]
गतः
गम् [6. Ā.]
ब्रह्मचर्यव्रतस्थस्य तस्य दिव्येन हेतुना । साक्षाद्धर्मादयं पुत्रस्तस्य जातो युधिष्ठिरः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
ब्रह्मचर्यव्रतस्थस्य
ब्रह्मचर्य [n]
ब्रह्मचर्यव्रतस्थस्य
व्रत [n]
ब्रह्मचर्यव्रतस्थस्य
स्थ [adj]
तस्य
तद् [pron]
दिव्येन
दिव्य [adj]
हेतुना
हेतु [m]
साक्षाद्
साक्षात् [ind]
धर्माद्
धर्म [mn]
अयं
इदम् [pron]
पुत्रस्तस्य
पुत्र [m]
पुत्रस्तस्य
तद् [pron]
जातो
जन् [4. P.]
युधिष्ठिरः
युधिष्ठिर [m]
तथेमं बलिनां श्रेष्ठं तस्य राज्ञो महात्मनः । मातरिश्वा ददौ पुत्रं भीमं नाम महाबलम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
पितुर्
पितृ [m]
नियोगाद्
नियोग [m]
भद्रं
भद्र [n]
ते
त्वद् [pron]
दाशराज्ञो
दाश [m]
दाशराज्ञो
राजन् [m]
महात्मनः
महात्मन् [adj]
मातरिश्वा
मातरिश्वन् [m]
ददौ
दा [1. Ā.]
पुत्रं
पुत्र [m]
भीमं
भीम [m]
नाम
नाम [ind]
महाबलम्
महत् [adj]
महाबलम्
बल [mn]
पुरुहूतादयं जज्ञे कुन्त्यां सत्यपराक्रमः । यस्य कीर्तिर्महेष्वासान्सर्वानभिभविष्यति ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
पुरुहूताद्
पुरुहूत [m]
अयं
इदम् [pron]
जज्ञे
जन् [4. P.]
कुन्त्यां
कुन्ती [f]
सत्यपराक्रमः
सत्य [adj]
सत्यपराक्रमः
पराक्रम [m]
यस्य
यद् [pron]
कीर्तिर्
कीर्ति [f]
महेष्वासान्
महत् [adj]
महेष्वासान्
इष्वास [m]
सर्वान्
सर्व [pron]
अभिभविष्यति
अभिभू [1. P.]
यौ तु माद्री महेष्वासावसूत कुरुसत्तमौ । अश्विभ्यां मनुजव्याघ्राविमौ तावपि तिष्ठतः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
यौ
यद् [pron]
तु
तु [ind]
माद्री
माद्री [f]
महेष्वासावसूत
महत् [adj]
महेष्वासावसूत
इष्वास [m]
महेष्वासावसूत
सू [1. Ā.]
कुरुसत्तमौ
कुरु [m]
कुरुसत्तमौ
सत्तम [adj]
अश्विभ्यां
अश्विन् [m]
मनुजव्याघ्राविमौ
मनुज [m]
मनुजव्याघ्राविमौ
व्याघ्र [m]
मनुजव्याघ्राविमौ
इदम् [pron]
तावपि
तद् [pron]
तावपि
अपि [ind]
तिष्ठतः
स्था [1. Ā.]
चरता धर्मनित्येन वनवासं यशस्विना । एष पैतामहो वंशः पाण्डुना पुनरुद्धृतः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
शंतनोर्
शंतनु [m]
धर्मनित्यस्य
धर्म [mn]
धर्मनित्यस्य
नित्य [adj]
कौरव्यस्य
कौरव्य [m]
यशस्विनः
यशस्विन् [adj]
प्रणष्टं
प्रणश् [4. Ā.]
भारतं
भारत [adj]
वंशं
वंश [m]
पाण्डुना
पाण्डु [m]
पुनर्
पुनर् [ind]
उद्धृतम्
उद्धृ [1. Ā.]
पुत्राणां जन्म वृद्धिं च वैदिकाध्ययनानि च । पश्यतः सततं पाण्डोः शश्वत्प्रीतिरवर्धत ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
पुत्राणां
पुत्र [m]
जन्म
जन्मन् [n]
वृद्धिं
वृद्धि [f]
च
च [ind]
वैदिकाध्ययनानि
वैदिक [adj]
वैदिकाध्ययनानि
अध्ययन [n]
च
च [ind]
पश्यतः
दृश् [6. P.]
सततं
सततम् [ind]
पाण्डोः
पाण्डु [m]
शश्वत्
शश्वत् [ind]
प्रीतिर्
प्रीति [f]
अवर्धत
वृध् [6. P.]
वर्तमानः सतां वृत्ते पुत्रलाभमवाप्य च । पितृलोकं गतः पाण्डुरितः सप्तदशेऽहनि ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
वर्तमानः
वृत् [3. P.]
सतां
अस् [2. P.]
वृत्ते
वृत्त [n]
पुत्रलाभम्
पुत्र [m]
पुत्रलाभम्
लाभ [m]
अवाप्य
अवाप् [5. Ā.]
च
च [ind]
पितृलोकं
पितृ [m]
पितृलोकं
लोक [m]
गतः
गम् [6. Ā.]
पाण्डुर्
पाण्डु [m]
इतः
इ [5. Ā.]
सप्तदशे
सप्तदश [adj]
ऽहनि
अहर् [n]
तं चितागतमाज्ञाय वैश्वानरमुखे हुतम् । प्रविष्टा पावकं माद्री हित्वा जीवितमात्मनः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
तं
तद् [pron]
चितागतम्
चिता [f]
चितागतम्
आगम् [6. P.]
आज्ञाय
आज्ञा [9. P.]
वैश्वानरमुखे
वैश्वानर [m]
वैश्वानरमुखे
मुख [n]
हुतम्
हु [3. Ā.]
प्रविष्टा
प्रविश् [4. P.]
पावकं
पावक [m]
माद्री
माद्री [f]
हित्वा
हा [1. P.]
जीवितम्
जीवित [n]
आत्मनः
आत्मन् [m]
सा गता सह तेनैव पतिलोकमनुव्रता । तस्यास्तस्य च यत्कार्यं क्रियतां तदनन्तरम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
सा
तद् [pron]
गता
गम् [6. Ā.]
सह
सह [ind]
तेनैव
तद् [pron]
तेनैव
एव [ind]
पतिलोकम्
पति [m]
पतिलोकम्
लोक [m]
अनुव्रता
अनुव्रत [adj]
तस्यास्तस्य
तद् [pron]
तस्यास्तस्य
तद् [pron]
च
च [ind]
यत्
यद् [pron]
कार्यं
कृ [2. Ā.]
क्रियतां
कृ [2. Ā.]
तदनन्तरम्
तद् [pron]
तदनन्तरम्
अनन्तर [adj]
इमे तयोः शरीरे द्वे सुताश्चेमे तयोर्वराः । क्रियाभिरनुगृह्यन्तां सह मात्रा परंतपाः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
इमे
इदम् [pron]
तयोः
तद् [pron]
शरीरे
शरीर [n]
द्वे
द्वि [nr]
सुताश्चेमे
सुत [m]
सुताश्चेमे
च [ind]
सुताश्चेमे
इदम् [pron]
तयोर्
तद् [pron]
वराः
वर [adj]
क्रियाभिर्
क्रिया [f]
अनुगृह्यन्तां
अनुग्रह् [9. Ā.]
सह
सह [ind]
मात्रा
मातृ [f]
परंतपाः
परंतप [adj]
प्रेतकार्ये च निर्वृत्ते पितृमेधं महायशाः । लभतां सर्वधर्मज्ञः पाण्डुः कुरुकुलोद्वहः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
प्रेतकार्ये
प्रेतकार्य [n]
च
च [ind]
निर्वृत्ते
निर्वृत् [1. Ā.]
पितृमेधं
पितृमेध [m]
महायशाः
महत् [adj]
महायशाः
यशस् [n]
लभतां
लभ् [1. P.]
सर्वधर्मज्ञः
सर्व [pron]
सर्वधर्मज्ञः
धर्म [mn]
सर्वधर्मज्ञः
ज्ञ [adj]
पाण्डुः
पाण्डु [m]
कुरुकुलोद्वहः
कुरु [m]
कुरुकुलोद्वहः
कुल [n]
कुरुकुलोद्वहः
उद्वह [adj]
एवमुक्त्वा कुरून्सर्वान्कुरूणामेव पश्यताम् । क्षणेनान्तर्हिताः सर्वे चारणा गुह्यकैः सह ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
एवम्
एवम् [ind]
उक्त्वा
वच् [2. P.]
कुरून्
कुरु [m]
सर्वान्
सर्व [pron]
कुरूणाम्
कुरु [m]
एव
एव [ind]
पश्यताम्
दृश् [6. P.]
क्षणेनान्तर्हिताः
क्षण [m]
क्षणेनान्तर्हिताः
अन्तर्धा [3. Ā.]
सर्वे
सर्व [pron]
चारणा
चारण [m]
गुह्यकैः
गुह्यक [m]
सह
सह [ind]
गन्धर्वनगराकारं तत्रैवान्तर्हितं पुनः । ऋषिसिद्धगणं दृष्ट्वा विस्मयं ते परं ययुः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
गन्धर्वनगराकारं
गन्धर्वनगर [n]
गन्धर्वनगराकारं
आकार [m]
तत्रैवान्तर्हितं
तत्र [ind]
तत्रैवान्तर्हितं
एव [ind]
तत्रैवान्तर्हितं
अन्तर्धा [3. Ā.]
पुनः
पुनर् [ind]
ऋषिसिद्धगणं
ऋषि [m]
ऋषिसिद्धगणं
सिद्ध [m]
ऋषिसिद्धगणं
गण [m]
दृष्ट्वा
दृश् [6. P.]
विस्मयं
विस्मय [m]
ते
तद् [pron]
परं
पर [pron]
ययुः
या [2. Ā.]