Śāntiparva Adhyāya 325
शान्तिपर्व • अध्यायः 325
Śāntiparva Adhyāya 325 of the classical Mahābhārata with 5 verses.
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250 Lexicon Terms
प्राप्य श्वेतं महाद्वीपं नारदो भगवानृषिः । ददर्श तानेव नराञ्श्वेतांश्चन्द्रप्रभाञ्शुभान् ॥
English Translation
Bhishma said "Arrived at the spacious kingdom called White Island, the illustrious Rishi saw those same white men effulgent like the sun.
Morphemic Decomposition & Padaccheda
प्राप्य
प्राप् [1. P.]
श्वेतं
श्वेत [adj]
महाद्वीपं
महत् [adj]
महाद्वीपं
द्वीप [mn]
तच्चित्तास्तद्दिदृक्षवः
तद् [pron]
तच्चित्तास्तद्दिदृक्षवः
चित्त [n]
तच्चित्तास्तद्दिदृक्षवः
तद् [pron]
तच्चित्तास्तद्दिदृक्षवः
दिदृक्षु [adj]
ददर्श
दृश् [6. P.]
तान्
तद् [pron]
एव
एव [ind]
नराञ्श्वेतांश्चन्द्रप्रभाञ्शुभान्
नर [m]
नराञ्श्वेतांश्चन्द्रप्रभाञ्शुभान्
श्वेत [adj]
नराञ्श्वेतांश्चन्द्रप्रभाञ्शुभान्
चन्द्र [m]
नराञ्श्वेतांश्चन्द्रप्रभाञ्शुभान्
प्रभा [f]
नराञ्श्वेतांश्चन्द्रप्रभाञ्शुभान्
शुभ [adj]
पूजयामास शिरसा मनसा तैश्च पूजितः । दिदृक्षुर्जप्यपरमः सर्वकृच्छ्रधरः स्थितः ॥
English Translation
Adored by them, the Rishi worshipped them in return by bending his head and respecting them in his mind. Desirous of seeing Narayana, he began to live there, attentively engaged in the silent recitation of Mantras sacred to him, and practising the most difficult VOWS.
Morphemic Decomposition & Padaccheda
पूजयामास
पूजय् [10. Ā.]
शिरसा
शिरस् [n]
मनसा
मनस् [n]
तैश्च
तद् [pron]
तैश्च
च [ind]
पूजितः
पूजय् [10. Ā.]
दिदृक्षुर्
दिदृक्षु [adj]
जप्यपरमः
जप्य [n]
जप्यपरमः
परम [adj]
सर्वकृच्छ्रधरः
सर्व [pron]
सर्वकृच्छ्रधरः
कृच्छ्र [mn]
सर्वकृच्छ्रधरः
धर [adj]
स्थितः
स्था [1. Ā.]
भूत्वैकाग्रमना विप्र ऊर्ध्वबाहुर्महामुनिः । स्तोत्रं जगौ स विश्वाय निर्गुणाय महात्मने ॥
English Translation
With rapt mind, the twice-born Rishi, with arms upraised, stood in Yoga, and then sang the following hymn to the Lord of the universe, Him, viz., who is at once the soul of attributes and divested of ali attributes.
Morphemic Decomposition & Padaccheda
भूत्वैकाग्रमना
भू [1. Ā.]
भूत्वैकाग्रमना
एकाग्र [adj]
भूत्वैकाग्रमना
मनस् [n]
विप्र
विप्र [m]
ऊर्ध्वबाहुर्
ऊर्ध्वबाहु [adj]
महामुनिः
महत् [adj]
महामुनिः
मुनि [m]
स्तोत्रं
स्तोत्र [n]
जगौ
गा [2. P.]
स
तद् [pron]
विश्वाय
विश्व [m]
निर्गुणाय
निर्गुण [adj]
महात्मने
महात्मन् [adj]
नमस्ते देवदेव [1] निष्क्रिय [2] निर्गुण [3] लोकसाक्षिन् [4] क्षेत्रज्ञ [5] अनन्त [6=116] पुरुष [7] महापुरुष [8] त्रिगुण [9] प्रधान [10] । अमृत [11] व्योम [12] सनातन [13] सदसद्व्यक्ताव्यक्त [14] ऋतधामन् [15] पूर्वादिदेव [16] वसुप्रद [17] प्रजापते [18] सुप्रजापते [19] वनस्पते [20] । महाप्रजापते [21] ऊर्जस्पते [22] वाचस्पते [23] मनस्पते [24] जगत्पते [25] दिवस्पते [26] मरुत्पते [27] सलिलपते [28] पृथिवीपते [29] दिक्पते [30] । पूर्वनिवास [31] ब्रह्मपुरोहित [32] ब्रह्मकायिक [33] महाकायिक [34] महाराजिक [35] चतुर्महाराजिक [36] आभासुर [37] महाभासुर [38] सप्तमहाभासुर [39] याम्य [40] । महायाम्य [41] संज्ञासंज्ञ [42] तुषित [43] महातुषित [44] प्रतर्दन [45] परिनिर्मित [46] वशवर्तिन् [47] अपरिनिर्मित [48] यज्ञ [49] महायज्ञ [50] । यज्ञसंभव [51] यज्ञयोने [52] यज्ञगर्भ [53] यज्ञहृदय [54] यज्ञस्तुत [55] यज्ञभागहर [56] पञ्चयज्ञधर [57] पञ्चकालकर्तृगते [58] पञ्चरात्रिक [59] वैकुण्ठ [60] । अपराजित [61] मानसिक [62] परमस्वामिन् [63] सुस्नात [64] हंस [65] परमहंस [66] परमयाज्ञिक [67] सांख्ययोग [68] अमृतेशय [69] हिरण्येशय [70] । वेदेशय [71] कुशेशय [72] ब्रह्मेशय [73] पद्मेशय [74] विश्वेश्वर [75] त्वं जगदन्वयः [76] त्वं जगत्प्रकृतिः [77] तवाग्निरास्यम् [78] वडवामुखोऽग्निः [79] त्वमाहुतिः [80] । त्वं सारथिः [81] त्वं वषट्कारः [82] त्वमोंकारः [83] त्वं मनः [84] त्वं चन्द्रमाः [85] त्वं चक्षुराद्यम् [86] त्वं सूर्यः [87] त्वं दिशां गजः [88] दिग्भानो [89] हयशिरः [90] । प्रथमत्रिसौपर्ण [91] पञ्चाग्ने [92] त्रिणाचिकेत [93] षडङ्गविधान [94] प्राग्ज्योतिष [95] ज्येष्ठसामग [96] सामिकव्रतधर [97] अथर्वशिरः [98] पञ्चमहाकल्प [99] फेनपाचार्य [100] । वालखिल्य [101] वैखानस [102] अभग्नयोग [103] अभग्नपरिसंख्यान [104] युगादे [105] युगमध्य [106] युगनिधन [107] आखण्डल [108] प्राचीनगर्भ [109] कौशिक [110] । पुरुष्टुत [111] पुरुहूत [112] विश्वरूप [113] अनन्तगते [114] अनन्तभोग [115] अनन्त [116=6] अनादे [117] अमध्य [118] अव्यक्तमध्य [119] अव्यक्तनिधन [120] । व्रतावास [121] समुद्राधिवास [122] यशोवास [123] तपोवास [124] लक्ष्म्यावास [125] विद्यावास [126] कीर्त्यावास [127] श्रीवास [128] सर्वावास [129] वासुदेव [130] । सर्वच्छन्दक [131] हरिहय [132] हरिमेध [133] महायज्ञभागहर [134] वरप्रद [135=157] यमनियममहानियमकृच्छ्रातिकृच्छ्रमहाकृच्छ्रसर्वकृच्छ्रनियमधर [136] निवृत्तधर्मप्रवचनगते [137] प्रवृत्तवेदक्रिय [138] अज [139] सर्वगते [140] । सर्वदर्शिन् [141] अग्राह्य [142] अचल [143] महाविभूते [144] माहात्म्यशरीर [145] पवित्र [146] महापवित्र [147] हिरण्मय [148] बृहत् [149] अप्रतर्क्य [150] । अविज्ञेय [151] ब्रह्माग्र्य [152] प्रजासर्गकर [153] प्रजानिधनकर [154] महामायाधर [155] चित्रशिखण्डिन् [156] वरप्रद [157=135] पुरोडाशभागहर [158] गताध्वन् [159] छिन्नतृष्ण [160] । छिन्नसंशय [161] सर्वतोनिवृत्त [162] ब्राह्मणरूप [163] ब्राह्मणप्रिय [164] विश्वमूर्ते [165] महामूर्ते [166] बान्धव [167] भक्तवत्सल [168] ब्रह्मण्यदेव [169] भक्तोऽहं त्वां दिदृक्षुः [170] एकान्तदर्शनाय नमो नमः [171] ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
नमस्ते
नमस् [n]
नमस्ते
त्वद् [pron]
देवदेव
देवदेव [m]
निष्क्रिय
निष्क्रिय [adj]
निर्गुण
निर्गुण [adj]
लोकसाक्षिन्
लोकसाक्षिन् [m]
क्षेत्रज्ञ
क्षेत्रज्ञ [m]
अनन्त
अनन्त [m]
पुरुष
पुरुष [m]
महापुरुष
महापुरुष [m]
त्रिगुण
त्रिगुण [adj]
प्रधान
प्रधान [adj]
अमृत
अमृत [m]
व्योम
व्योमन् [mn]
सनातन
सनातन [adj]
सदसद्व्यक्ताव्यक्त
अस् [2. P.]
सदसद्व्यक्ताव्यक्त
असत् [adj]
सदसद्व्यक्ताव्यक्त
व्यक्त [adj]
सदसद्व्यक्ताव्यक्त
अव्यक्त [adj]
ऋतधामन्
ऋतधामन् [m]
पूर्वादिदेव
पूर्व [pron]
पूर्वादिदेव
आदि [m]
पूर्वादिदेव
देव [m]
वसुप्रद
वसु [n]
वसुप्रद
प्रद [adj]
प्रजापते
प्रजापति [m]
सुप्रजापते
सु [ind]
सुप्रजापते
प्रजापति [m]
वनस्पते
वनस्पति [mf]
महाप्रजापते
महाप्रजापति [m]
ऊर्जस्पते
ऊर्जस्पति [m]
वाचस्पते
वाचस्पति [m]
मनस्पते
मनस्पति [m]
जगत्पते
जगत्पति [m]
दिवस्पते
दिवस्पति [m]
मरुत्पते
मरुत्पति [m]
सलिलपते
सलिलपति [m]
पृथिवीपते
पृथिवीपति [m]
दिक्पते
दिक्पति [m]
पूर्वनिवास
पूर्व [pron]
पूर्वनिवास
निवास [m]
ब्रह्मपुरोहित
ब्रह्मन् [m]
ब्रह्मपुरोहित
पुरोहित [m]
ब्रह्मकायिक
ब्रह्मकायिक [m]
महाकायिक
महाकायिक [m]
महाराजिक
महाराजिक [m]
चतुर्महाराजिक
चतुर्महाराजिक [m]
आभासुर
आभासुर [m]
महाभासुर
महाभासुर [adj]
सप्तमहाभासुर
सप्तन् [adj]
सप्तमहाभासुर
महत् [adj]
सप्तमहाभासुर
भासुर [adj]
याम्य
याम्य [m]
महायाम्य
महायाम्य [m]
संज्ञासंज्ञ
संज्ञा [f]
संज्ञासंज्ञ
असंज्ञ [adj]
तुषित
तुषित [m]
महातुषित
महातुषित [m]
प्रतर्दन
प्रतर्दन [m]
परिनिर्मित
परिनिर्मा [3. Ā.]
वशवर्तिन्
वशवर्तिन् [m]
अपरिनिर्मित
अपरिनिर्मित [adj]
यज्ञ
यज्ञ [m]
महायज्ञ
महायज्ञ [m]
यज्ञसम्भव
यज्ञ [m]
यज्ञसम्भव
सम्भव [m]
यज्ञयोने
यज्ञ [m]
यज्ञयोने
योनि [mf]
यज्ञगर्भ
यज्ञ [m]
यज्ञगर्भ
गर्भ [m]
यज्ञहृदय
यज्ञ [m]
यज्ञहृदय
हृदय [n]
यज्ञस्तुत
यज्ञ [m]
यज्ञस्तुत
स्तु [1. Ā.]
यज्ञभागहर
यज्ञ [m]
यज्ञभागहर
भाग [m]
यज्ञभागहर
हर [adj]
पञ्चयज्ञधर
पञ्चयज्ञ [m]
पञ्चयज्ञधर
धर [adj]
पञ्चकालकर्तृगते
पञ्चन् [adj]
पञ्चकालकर्तृगते
काल [m]
पञ्चकालकर्तृगते
कर्तृ [m]
पञ्चकालकर्तृगते
गति [f]
पञ्चरात्रिक
पञ्चन् [adj]
पञ्चरात्रिक
रात्रिक [adj]
वैकुण्ठ
वैकुण्ठ [m]
अपराजित
अपराजित [adj]
मानसिक
मानसिक [adj]
परमस्वामिन्
परम [adj]
परमस्वामिन्
स्वामिन् [m]
सुस्नात
सु [ind]
सुस्नात
स्ना [2. Ā.]
हंस
हंस [m]
परमहंस
परमहंस [m]
परमयाज्ञिक
परम [adj]
परमयाज्ञिक
याज्ञिक [m]
सांख्ययोग
सांख्ययोग [m]
अमृतेशय
अमृतेशय [m]
हिरण्येशय
हिरण्येशय [adj]
वेदेशय
वेदेशय [adj]
कुशेशय
कुशेशय [m]
ब्रह्मेशय
ब्रह्मेशय [m]
पद्मेशय
पद्मेशय [m]
विश्वेश्वर
विश्वेश्वर [m]
त्वं
त्वद् [pron]
जगदन्वयः
जगन्त् [n]
जगदन्वयः
अन्वय [m]
त्वं
त्वद् [pron]
जगत्प्रकृतिः
जगन्त् [n]
जगत्प्रकृतिः
प्रकृति [f]
तवाग्निर्
त्वद् [pron]
तवाग्निर्
अग्नि [m]
आस्यम्
आस्य [n]
वडवामुखो
वडवामुख [m]
ऽग्निः
अग्नि [m]
त्वम्
त्वद् [pron]
आहुतिः
आहुति [f]
त्वं
त्वद् [pron]
सारथिः
सारथि [m]
त्वं
त्वद् [pron]
वषट्कारः
वषट्कार [m]
त्वम्
त्वद् [pron]
ओंकारः
ओंकार [m]
त्वं
त्वद् [pron]
मनः
मनस् [n]
त्वं
त्वद् [pron]
चन्द्रमाः
चन्द्रमस् [m]
त्वं
त्वद् [pron]
चक्षुर्
चक्षुस् [n]
आद्यम्
आद्य [adj]
त्वं
त्वद् [pron]
सूर्यः
सूर्य [m]
त्वं
त्वद् [pron]
दिशां
दिश् [f]
गजः
गज [m]
दिग्भानो
दिश् [f]
दिग्भानो
भानु [m]
हयशिरः
हयशिरस् [m]
प्रथमत्रिसौपर्ण
प्रथमत्रिसौपर्ण [m]
पञ्चाग्ने
पञ्चन् [adj]
पञ्चाग्ने
अग्नि [m]
त्रिणाचिकेत
त्रिणाचिकेत [adj]
षडङ्गविधान
षडङ्ग [n]
षडङ्गविधान
विधान [n]
प्राग्ज्योतिष
प्राग्ज्योतिष [m]
ज्येष्ठसामग
ज्येष्ठ [adj]
ज्येष्ठसामग
सामन् [n]
ज्येष्ठसामग
ग [adj]
सामिकव्रतधर
सामिक [adj]
सामिकव्रतधर
व्रत [n]
सामिकव्रतधर
धर [adj]
अथर्वशिरः
अथर्वशिरस् [m]
पञ्चमहाकल्प
पञ्चमहाकल्प [m]
फेनपाचार्य
फेनप [m]
फेनपाचार्य
आचार्य [m]
वालखिल्य
वालखिल्य [mn]
वैखानस
वैखानस [m]
अभग्नयोग
अभग्न [adj]
अभग्नयोग
योग [m]
अभग्नपरिसंख्यान
अभग्न [adj]
अभग्नपरिसंख्यान
परिसंख्यान [n]
युगादे
युग [mn]
युगादे
आदि [m]
युगमध्य
युग [mn]
युगमध्य
मध्य [n]
युगनिधन
युग [mn]
युगनिधन
निधन [mn]
आखण्डल
आखण्डल [m]
प्राचीनगर्भ
प्राचीनगर्भ [m]
कौशिक
कौशिक [m]
पुरुष्टुत
पुरुष्टुत [m]
पुरुहूत
पुरुहूत [m]
विश्वरूप
विश्वरूप [m]
अनन्तगते
अनन्त [adj]
अनन्तगते
गम् [6. Ā.]
अनन्तभोग
अनन्त [adj]
अनन्तभोग
भोग [m]
अनन्त
अनन्त [adj]
अनादे
अनादि [adj]
अमध्य
अमध्य [adj]
अव्यक्तमध्य
अव्यक्त [adj]
अव्यक्तमध्य
मध्य [n]
अव्यक्तनिधन
अव्यक्त [adj]
अव्यक्तनिधन
निधन [mn]
व्रतावास
व्रत [n]
व्रतावास
आवास [m]
समुद्राधिवास
समुद्र [m]
समुद्राधिवास
अधिवास [m]
यशोवास
यशस् [n]
यशोवास
वास [m]
तपोवास
तपस् [n]
तपोवास
वास [m]
लक्ष्म्यावास
लक्ष्मी [f]
लक्ष्म्यावास
आवास [m]
विद्यावास
विद्या [f]
विद्यावास
वास [m]
कीर्त्यावास
कीर्ति [f]
कीर्त्यावास
आवास [m]
श्रीवास
श्रीवास [m]
सर्वावास
सर्व [pron]
सर्वावास
आवास [m]
वासुदेव
वासुदेव [m]
सर्वच्छन्दक
सर्व [pron]
सर्वच्छन्दक
छन्दक [adj]
हरिहय
हरिहय [m]
हरिमेध
हरिमेध [m]
महायज्ञभागहर
महायज्ञ [m]
महायज्ञभागहर
भाग [m]
महायज्ञभागहर
हर [adj]
वरप्रद
वर [mn]
वरप्रद
प्रद [adj]
यमनियममहानियमकृच्छ्रातिकृच्छ्रमहाकृच्छ्रसर्वकृच्छ्रनियमधर
यम [m]
यमनियममहानियमकृच्छ्रातिकृच्छ्रमहाकृच्छ्रसर्वकृच्छ्रनियमधर
नियम [m]
यमनियममहानियमकृच्छ्रातिकृच्छ्रमहाकृच्छ्रसर्वकृच्छ्रनियमधर
महानियम [m]
यमनियममहानियमकृच्छ्रातिकृच्छ्रमहाकृच्छ्रसर्वकृच्छ्रनियमधर
कृच्छ्रातिकृच्छ्र [m]
यमनियममहानियमकृच्छ्रातिकृच्छ्रमहाकृच्छ्रसर्वकृच्छ्रनियमधर
महत् [adj]
यमनियममहानियमकृच्छ्रातिकृच्छ्रमहाकृच्छ्रसर्वकृच्छ्रनियमधर
कृच्छ्र [mn]
यमनियममहानियमकृच्छ्रातिकृच्छ्रमहाकृच्छ्रसर्वकृच्छ्रनियमधर
सर्व [pron]
यमनियममहानियमकृच्छ्रातिकृच्छ्रमहाकृच्छ्रसर्वकृच्छ्रनियमधर
कृच्छ्र [mn]
यमनियममहानियमकृच्छ्रातिकृच्छ्रमहाकृच्छ्रसर्वकृच्छ्रनियमधर
नियम [m]
यमनियममहानियमकृच्छ्रातिकृच्छ्रमहाकृच्छ्रसर्वकृच्छ्रनियमधर
धर [adj]
निवृत्तधर्मप्रवचनगते
निवृत् [1. Ā.]
निवृत्तधर्मप्रवचनगते
धर्म [mn]
निवृत्तधर्मप्रवचनगते
प्रवचन [n]
निवृत्तधर्मप्रवचनगते
गति [f]
प्रवृत्तवेदक्रिय
प्रवृत् [1. Ā.]
प्रवृत्तवेदक्रिय
वेद [m]
प्रवृत्तवेदक्रिय
क्रिया [f]
अज
अज [m]
सर्वगते
सर्व [pron]
सर्वगते
गति [f]
सर्वदर्शिन्
सर्व [pron]
सर्वदर्शिन्
दर्शिन् [adj]
अग्राह्य
अग्राह्य [adj]
अचल
अचल [adj]
महाविभूते
महत् [adj]
महाविभूते
विभूति [f]
माहात्म्यशरीर
माहात्म्य [n]
माहात्म्यशरीर
शरीर [n]
पवित्र
पवित्र [adj]
महापवित्र
महत् [adj]
महापवित्र
पवित्र [n]
हिरण्मय
हिरण्मय [adj]
बृहत्
बृहत् [adj]
अप्रतर्क्य
अप्रतर्क्य [adj]
अविज्ञेय
अविज्ञेय [adj]
ब्रह्माग्र्य
ब्रह्मन् [n]
ब्रह्माग्र्य
अग्र्य [adj]
प्रजासर्गकर
प्रजा [f]
प्रजासर्गकर
सर्ग [m]
प्रजासर्गकर
कर [adj]
प्रजानिधनकर
प्रजा [f]
प्रजानिधनकर
निधन [mn]
प्रजानिधनकर
कर [adj]
महामायाधर
महत् [adj]
महामायाधर
माया [f]
महामायाधर
धर [adj]
चित्रशिखण्डिन्
चित्रशिखण्डिन् [m]
वरप्रद
वर [mn]
वरप्रद
प्रद [adj]
पुरोडाशभागहर
पुरोडाश [m]
पुरोडाशभागहर
भाग [m]
पुरोडाशभागहर
हर [adj]
गताध्वन्
गताध्वन् [adj]
छिन्नतृष्ण
छिद् [1. P.]
छिन्नतृष्ण
तृष्णा [f]
छिन्नसंशय
छिद् [1. P.]
छिन्नसंशय
संशय [m]
सर्वतोनिवृत्त
सर्वतस् [ind]
सर्वतोनिवृत्त
निवृत् [1. Ā.]
ब्राह्मणरूप
ब्राह्मण [m]
ब्राह्मणरूप
रूप [n]
ब्राह्मणप्रिय
ब्राह्मणप्रिय [m]
विश्वमूर्ते
विश्वमूर्ति [m]
महामूर्ते
महत् [adj]
महामूर्ते
मूर्ति [f]
बान्धव
बान्धव [m]
भक्तवत्सल
भक्त [m]
भक्तवत्सल
वत्सल [adj]
ब्रह्मण्यदेव
ब्रह्मण्यदेव [m]
भक्तो
भक्त [m]
ऽहं
मद् [pron]
त्वां
त्वद् [pron]
दिदृक्षुः
दिदृक्षु [adj]
एकान्तदर्शनाय
एकान्त [m]
एकान्तदर्शनाय
दर्शन [n]
नमो
नमस् [n]
नमः
नमस् [n]