Sabhāparva Adhyāya 60
सभापर्व • अध्यायः 60
Sabhāparva Adhyāya 60 of the classical Mahābhārata with 48 verses.
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धिगस्तु क्षत्तारमिति ब्रुवाणो; दर्पेण मत्तो धृतराष्ट्रस्य पुत्रः । अवैक्षत प्रातिकामीं सभाया;मुवाच चैनं परमार्यमध्ये ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
धिग्
धिक् [ind]
अस्तु
अस् [2. P.]
क्षत्तारम्
क्षत्तृ [m]
इति
इति [ind]
ब्रुवाणो
ब्रू [2. Ā.]
दर्पेण
दर्प [m]
मत्तो
मद् [3. P.]
धृतराष्ट्रस्य
धृतराष्ट्र [m]
पुत्रः
पुत्र [m]
अवैक्षत
अवेक्ष् [1. P.]
सभायाम्
सभा [f]
उवाच
वच् [2. P.]
चैनं
च [ind]
चैनं
एनद् [pron]
परमार्यमध्ये
परम [adj]
परमार्यमध्ये
आर्य [adj]
परमार्यमध्ये
मध्य [n]
त्वं प्रातिकामिन्द्रौपदीमानयस्व; न ते भयं विद्यते पाण्डवेभ्यः । क्षत्ता ह्ययं विवदत्येव भीरु;र्न चास्माकं वृद्धिकामः सदैव ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
त्वं
त्वद् [pron]
प्रातिकामिन्
प्रातिकामिन् [adj]
द्रौपदीम्
द्रौपदी [f]
आनयस्व
आनी [1. Ā.]
न
न [ind]
ते
त्वद् [pron]
भयं
भय [n]
विद्यते
विद् [6. Ā.]
पाण्डवेभ्यः
पाण्डव [m]
क्षत्ता
क्षत्तृ [m]
ह्ययं
हि [ind]
ह्ययं
इदम् [pron]
विवदत्येव
विवद् [1. Ā.]
विवदत्येव
एव [ind]
भीरुर्
भीरु [adj]
न
न [ind]
चास्माकं
च [ind]
चास्माकं
मद् [pron]
वृद्धिकामः
वृद्धि [f]
वृद्धिकामः
काम [m]
सदैव
सदा [ind]
सदैव
एव [ind]
एवमुक्तः प्रातिकामी स सूतः; प्रायाच्छीघ्रं राजवचो निशम्य । प्रविश्य च श्वेव स सिंहगोष्ठं; समासदन्महिषीं पाण्डवानाम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
एवम्
एवम् [ind]
उक्तः
वच् [2. P.]
प्रातिकामी
प्रातिकामिन् [adj]
स
तद् [pron]
सूतः
सूत [m]
प्रायाच्छीघ्रं
प्रया [2. Ā.]
प्रायाच्छीघ्रं
शीघ्रम् [ind]
राजवचो
राजन् [m]
राजवचो
वचस् [n]
निशम्य
निशामय् [10. Ā.]
प्रविश्य
प्रविश् [4. P.]
च
च [ind]
श्वेव
श्वन् [m]
श्वेव
इव [ind]
स
तद् [pron]
सिंहगोष्ठं
सिंह [m]
सिंहगोष्ठं
गोष्ठ [m]
समासदन्महिषीं
समासद् [2. P.]
समासदन्महिषीं
महिषी [f]
पाण्डवानाम्
पाण्डव [m]
युधिष्ठिरे द्यूतमदेन मत्ते; दुर्योधनो द्रौपदि त्वामजैषीत् । सा प्रपद्य त्वं धृतराष्ट्रस्य वेश्म; नयामि त्वां कर्मणे याज्ञसेनि ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
युधिष्ठिरे
युधिष्ठिर [m]
द्यूतमदेन
द्यूत [n]
द्यूतमदेन
मद [m]
मत्ते
मद् [3. P.]
दुर्योधनो
दुर्योधन [m]
द्रौपदि
द्रौपदी [f]
त्वाम्
त्वद् [pron]
अजैषीत्
जि [9. P.]
सा
तद् [pron]
प्रपद्य
प्रपद् [4. P.]
त्वं
त्वद् [pron]
धृतराष्ट्रस्य
धृतराष्ट्र [m]
वेश्म
वेश्मन् [n]
नयामि
नी [2. P.]
त्वां
त्वद् [pron]
कर्मणे
कर्मन् [n]
याज्ञसेनि
याज्ञसेनी [f]
कथं त्वेवं वदसि प्रातिकामि;न्को वै दीव्येद्भार्यया राजपुत्रः । मूढो राजा द्यूतमदेन मत्त; आहो नान्यत्कैतवमस्य किंचित् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
कथं
कथम् [ind]
त्वेवं
तु [ind]
त्वेवं
एवम् [ind]
वदसि
वद् [1. Ā.]
प्रातिकामिन्
प्रातिकामिन् [adj]
को
क [pron]
वै
वै [ind]
दीव्येद्
दीव् [4. Ā.]
भार्यया
भार्या [f]
राजपुत्रः
राजन् [m]
राजपुत्रः
पुत्र [m]
मूढो
मुह् [4. Ā.]
राजा
राजन् [m]
द्यूतमदेन
द्यूत [n]
द्यूतमदेन
मद [m]
मत्त
मद् [3. P.]
आहो
आहो [ind]
नान्यत्
न [ind]
नान्यत्
अन्य [pron]
कैतवम्
कैतव [n]
अस्य
इदम् [pron]
किंचित्
कश्चित् [pron]
यदा नाभूत्कैतवमन्यदस्य; तदादेवीत्पाण्डवोऽजातशत्रुः । न्यस्ताः पूर्वं भ्रातरस्तेन राज्ञा; स्वयं चात्मा त्वमथो राजपुत्रि ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
यदा
यदा [ind]
नाभूत्
न [ind]
नाभूत्
भू [1. Ā.]
कैतवम्
कैतव [n]
अन्यद्
अन्य [pron]
अस्य
इदम् [pron]
पाण्डवो
पाण्डव [m]
ऽजातशत्रुः
अजातशत्रु [m]
न्यस्ताः
न्यस् [2. P.]
पूर्वं
पूर्वम् [ind]
भ्रातरस्तेन
भ्रातृ [m]
भ्रातरस्तेन
तद् [pron]
राज्ञा
राजन् [m]
स्वयं
स्वयम् [ind]
चात्मा
च [ind]
चात्मा
आत्मन् [m]
त्वम्
त्व [n]
अथो
अथो [ind]
राजपुत्रि
राजन् [m]
राजपुत्रि
पुत्री [f]
गच्छ त्वं कितवं गत्वा सभायां पृच्छ सूतज । किं नु पूर्वं पराजैषीरात्मानं मां नु भारत । एतज्ज्ञात्वा त्वमागच्छ ततो मां नय सूतज ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
गच्छ
गम् [6. Ā.]
त्वं
त्वद् [pron]
कितवं
कितव [m]
गत्वा
गम् [6. Ā.]
सभायां
सभा [f]
पृच्छ
प्रच्छ् [1. P.]
सूतज
सूतज [m]
किं
किम् [ind]
नु
नु [ind]
पूर्वं
पूर्वम् [ind]
पराजैषीर्
पराजि [2. P.]
आत्मानं
आत्मन् [m]
मां
मद् [pron]
नु
नु [ind]
भारत
भारत [m]
एतज्ज्ञात्वा
एतद् [pron]
एतज्ज्ञात्वा
ज्ञा [4. Ā.]
त्वम्
त्वद् [pron]
आगच्छ
आगम् [6. P.]
ततो
ततस् [ind]
मां
मद् [pron]
नय
नी [2. P.]
सूतज
सूतज [m]
सभां गत्वा स चोवाच द्रौपद्यास्तद्वचस्तदा । कस्येशो नः पराजैषीरिति त्वामाह द्रौपदी । किं नु पूर्वं पराजैषीरात्मानमथ वापि माम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
सभां
सभा [f]
गत्वा
गम् [6. Ā.]
स
तद् [pron]
चोवाच
च [ind]
चोवाच
वच् [2. P.]
द्रौपद्यास्तद्
द्रौपदी [f]
द्रौपद्यास्तद्
तद् [pron]
वचस्तदा
वचस् [n]
वचस्तदा
तदा [ind]
कस्येशो
क [pron]
कस्येशो
ईश [m]
नः
मद् [pron]
पराजैषीर्
पराजि [2. P.]
इति
इति [ind]
त्वाम्
त्वद् [pron]
आह
अह् [1. P.]
द्रौपदी
द्रौपदी [f]
किं
किम् [ind]
नु
नु [ind]
पूर्वं
पूर्वम् [ind]
पराजैषीर्
पराजि [2. P.]
आत्मानं
आत्मन् [m]
मां
मद् [pron]
नु
नु [ind]
भारत
भारत [m]
युधिष्ठिरस्तु निश्चेष्टो गतसत्त्व इवाभवत् । न तं सूतं प्रत्युवाच वचनं साध्वसाधु वा ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
युधिष्ठिरस्तु
युधिष्ठिर [m]
युधिष्ठिरस्तु
तु [ind]
निश्चेष्टो
निश्चेष्ट [adj]
गतसत्त्व
गम् [6. Ā.]
गतसत्त्व
सत्त्व [n]
इवाभवत्
इव [ind]
इवाभवत्
भू [1. Ā.]
न
न [ind]
तं
तद् [pron]
सूतं
सूत [m]
प्रत्युवाच
प्रतिवच् [3. Ā.]
वचनं
वचन [n]
साध्वसाधु
साधु [adj]
साध्वसाधु
असाधु [adj]
वा
वा [ind]
इहैत्य कृष्णा पाञ्चाली प्रश्नमेतं प्रभाषताम् । इहैव सर्वे शृण्वन्तु तस्या अस्य च यद्वचः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
इहैत्य
इह [ind]
इहैत्य
ए [2. P.]
कृष्णा
कृष्णा [f]
पाञ्चाली
पाञ्चाली [f]
प्रश्नम्
प्रश्न [m]
एतं
एतद् [pron]
प्रभाषताम्
प्रभाष् [1. P.]
इहैव
इह [ind]
इहैव
एव [ind]
सर्वे
सर्व [pron]
शृण्वन्तु
श्रु [4. P.]
तस्या
तद् [pron]
अस्य
इदम् [pron]
च
च [ind]
यद्
यद् [pron]
वचः
वचस् [n]
स गत्वा राजभवनं दुर्योधनवशानुगः । उवाच द्रौपदीं सूतः प्रातिकामी व्यथन्निव ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
स
तद् [pron]
गत्वा
गम् [6. Ā.]
त्वरितो
त्वरित [adj]
राजन्
राजन् [m]
दुर्योधनमते
दुर्योधन [m]
दुर्योधनमते
मत [n]
स्थितः
स्था [1. Ā.]
उवाच
वच् [2. P.]
द्रौपदीं
द्रौपदी [f]
सूतः
सूत [m]
प्रातिकामी
प्रातिकामिन् [adj]
व्यथन्न्
व्यथ् [1. P.]
इव
इव [ind]
सभ्यास्त्वमी राजपुत्र्याह्वयन्ति; मन्ये प्राप्तः संक्षयः कौरवाणाम् । न वै समृद्धिं पालयते लघीया;न्यत्त्वं सभामेष्यसि राजपुत्रि ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
सभ्यास्त्वमी
सभ्य [m]
सभ्यास्त्वमी
तु [ind]
सभ्यास्त्वमी
अदस् [pron]
राजपुत्र्याह्वयन्ति
राजन् [m]
राजपुत्र्याह्वयन्ति
पुत्री [f]
राजपुत्र्याह्वयन्ति
आह्वा [4. Ā.]
मन्ये
मन् [8. P.]
प्राप्तः
प्राप् [1. P.]
संक्षयः
संक्षय [m]
कौरवाणाम्
कौरव [m]
न
न [ind]
वै
वै [ind]
समृद्धिं
समृद्धि [f]
पालयते
पालय् [10. Ā.]
लघीयान्
लघीयस् [adj]
यत्
यत् [ind]
त्वं
त्वद् [pron]
सभाम्
सभा [f]
एष्यसि
इ [5. Ā.]
राजपुत्रि
राजन् [m]
राजपुत्रि
पुत्री [f]
एवं नूनं व्यदधात्संविधाता; स्पर्शावुभौ स्पृशतो धीरबालौ । धर्मं त्वेकं परमं प्राह लोके; स नः शमं धास्यति गोप्यमानः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
एवं
एवम् [ind]
नूनं
नूनम् [ind]
व्यदधात्
विधा [3. Ā.]
संविधाता
संविधातृ [m]
स्पर्शावुभौ
स्पर्श [m]
स्पर्शावुभौ
उभ् [pron]
स्पृशतो
स्पृश् [6. Ā.]
धीरबालौ
धीर [adj]
धीरबालौ
बाल [adj]
धर्मं
धर्म [mn]
त्वेकं
तु [ind]
त्वेकं
एक [pron]
परमं
परम [adj]
प्राह
प्राह् [1. P.]
लोके
लोक [m]
स
तद् [pron]
नः
मद् [pron]
शमं
शम [m]
धास्यति
धा [1. P.]
गोप्यमानः
गोपय् [10. Ā.]
युधिष्ठिरस्तु तच्छ्रुत्वा दुर्योधनचिकीर्षितम् । द्रौपद्याः संमतं दूतं प्राहिणोद्भरतर्षभ ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
चेदिराजो
चेदि [m]
चेदिराजो
राज [m]
ऽपि
अपि [ind]
तच्छ्रुत्वा
तद् [pron]
तच्छ्रुत्वा
श्रु [4. P.]
पाण्डवस्य
पाण्डव [m]
चिकीर्षितम्
चिकीर्षित [n]
द्रौपद्याः
द्रौपदी [f]
संमतं
सम्मन् [8. Ā.]
दूतं
दूत [m]
प्राहिणोद्
प्रहि [5. P.]
भरतर्षभ
भरत [m]
भरतर्षभ
ऋषभ [m]
एकवस्त्रा अधोनीवी रोदमाना रजस्वला । सभामागम्य पाञ्चाली श्वशुरस्याग्रतोऽभवत् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
एकवस्त्रा
एक [pron]
एकवस्त्रा
वस्त्र [mn]
अधोनीवी
अधस् [ind]
अधोनीवी
नीवि [f]
रोदमाना
रुद् [1. P.]
रजस्वला
रजस्वला [f]
सभाम्
सभा [f]
आगम्य
आगम् [6. P.]
पाञ्चाली
पाञ्चाली [f]
श्वशुरस्याग्रतो
श्वशुर [m]
श्वशुरस्याग्रतो
अग्रतस् [ind]
ऽभवत्
भू [1. Ā.]
ततस्तेषां मुखमालोक्य राजा; दुर्योधनः सूतमुवाच हृष्टः । इहैवैतामानय प्रातिकामि;न्प्रत्यक्षमस्याः कुरवो ब्रुवन्तु ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
ततस्तेषां
ततस् [ind]
ततस्तेषां
तद् [pron]
मुखम्
मुख [n]
आलोक्य
आलोकय् [10. Ā.]
राजा
राजन् [m]
दुर्योधनः
दुर्योधन [m]
सूतम्
सूत [m]
उवाच
वच् [2. P.]
हृष्टः
हृष् [1. P.]
इहैवैताम्
इह [ind]
इहैवैताम्
एव [ind]
इहैवैताम्
एतद् [pron]
आनय
आनी [1. Ā.]
प्रातिकामिन्
प्रातिकामिन् [adj]
प्रत्यक्षम्
प्रत्यक्ष [adj]
अस्याः
इदम् [pron]
कुरवो
कुरु [m]
ब्रुवन्तु
ब्रू [2. Ā.]
ततः सूतस्तस्य वशानुगामी; भीतश्च कोपाद्द्रुपदात्मजायाः । विहाय मानं पुनरेव सभ्या;नुवाच कृष्णां किमहं ब्रवीमि ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
ततः
ततस् [ind]
सूतस्तस्य
सूत [m]
सूतस्तस्य
तद् [pron]
वशानुगामी
वश [m]
वशानुगामी
अनुगामिन् [adj]
भीतश्च
भी [1. Ā.]
भीतश्च
च [ind]
कोपाद्
कोप [m]
द्रुपदात्मजायाः
द्रुपद [m]
द्रुपदात्मजायाः
आत्मज [m]
विहाय
विहा [3. Ā.]
मानं
मान [m]
पुनर्
पुनर् [ind]
एव
एव [ind]
सभ्यान्
सभ्य [m]
उवाच
वच् [2. P.]
कृष्णां
कृष्णा [f]
किम्
क [pron]
अहं
मद् [pron]
ब्रवीमि
ब्रू [2. Ā.]
दुःशासनैष मम सूतपुत्रो; वृकोदरादुद्विजतेऽल्पचेताः । स्वयं प्रगृह्यानय याज्ञसेनीं; किं ते करिष्यन्त्यवशाः सपत्नाः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
दुःशासनैष
दुःशासन [m]
दुःशासनैष
एतद् [pron]
मम
मद् [pron]
सूतपुत्रो
सूतपुत्र [m]
वृकोदराद्
वृकोदर [m]
उद्विजते
उद्विज् [6. P.]
ऽल्पचेताः
अल्प [adj]
ऽल्पचेताः
चेतस् [n]
स्वयं
स्वयम् [ind]
प्रगृह्यानय
प्रग्रह् [9. Ā.]
प्रगृह्यानय
आनी [1. Ā.]
याज्ञसेनीं
याज्ञसेनी [f]
किं
क [pron]
ते
त्वद् [pron]
करिष्यन्त्यवशाः
कृ [2. Ā.]
करिष्यन्त्यवशाः
अवश [adj]
सपत्नाः
सपत्न [m]
ततः समुत्थाय स राजपुत्रः; श्रुत्वा भ्रातुः कोपविरक्तदृष्टिः । प्रविश्य तद्वेश्म महारथाना;मित्यब्रवीद्द्रौपदीं राजपुत्रीम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
ततः
ततस् [ind]
समुत्थाय
समुत्था [1. Ā.]
स
स [ind]
राजपुत्रः
राजन् [m]
राजपुत्रः
पुत्र [m]
श्रुत्वा
श्रु [4. P.]
भ्रातुः
भ्रातृ [m]
कोपविरक्तदृष्टिः
कोप [m]
कोपविरक्तदृष्टिः
विरञ्ज् [4. Ā.]
कोपविरक्तदृष्टिः
दृष्टि [f]
प्रविश्य
प्रविश् [4. P.]
तद्
तद् [pron]
वेश्म
वेश्मन् [n]
महारथानाम्
महत् [adj]
महारथानाम्
रथ [m]
इत्यब्रवीद्
इति [ind]
इत्यब्रवीद्
ब्रू [2. Ā.]
द्रौपदीं
द्रौपदी [f]
राजपुत्रीम्
राजन् [m]
राजपुत्रीम्
पुत्री [f]
एह्येहि पाञ्चालि जितासि कृष्णे; दुर्योधनं पश्य विमुक्तलज्जा । कुरून्भजस्वायतपद्मनेत्रे; धर्मेण लब्धासि सभां परैहि ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
एह्येहि
ए [2. P.]
एह्येहि
ए [2. P.]
पाञ्चालि
पाञ्चाली [f]
जितासि
जि [9. P.]
जितासि
अस् [2. P.]
कृष्णे
कृष्णा [f]
दुर्योधनं
दुर्योधन [m]
पश्य
पश् [4. Ā.]
विमुक्तलज्जा
विमुच् [6. Ā.]
विमुक्तलज्जा
लज्जा [f]
कुरून्
कुरु [m]
भजस्वायतपद्मनेत्रे
भज् [1. Ā.]
भजस्वायतपद्मनेत्रे
आयम् [6. P.]
भजस्वायतपद्मनेत्रे
पद्म [mn]
भजस्वायतपद्मनेत्रे
नेत्र [mn]
धर्मेण
धर्म [mn]
लब्धासि
लभ् [1. P.]
लब्धासि
अस् [2. P.]
सभां
सभा [f]
परैहि
परे [2. P.]
ततः समुत्थाय सुदुर्मनाः सा; विवर्णमामृज्य मुखं करेण । आर्ता प्रदुद्राव यतः स्त्रियस्ता; वृद्धस्य राज्ञः कुरुपुंगवस्य ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
ततः
ततस् [ind]
समुत्थाय
समुत्था [1. Ā.]
सुदुर्मनाः
सु [ind]
सुदुर्मनाः
दुर्मनस् [adj]
सा
तद् [pron]
विवर्णम्
विवर्ण [adj]
आमृज्य
आमृज् [2. P.]
मुखं
मुख [n]
करेण
कर [m]
आर्ता
आर्त [adj]
प्रदुद्राव
प्रद्रु [1. Ā.]
यतः
यतस् [ind]
स्त्रियस्ता
स्त्री [f]
स्त्रियस्ता
तद् [pron]
वृद्धस्य
वृद्ध [adj]
राज्ञः
राजन् [m]
कुरुपुंगवस्य
कुरु [m]
कुरुपुंगवस्य
पुंगव [m]
ततो जवेनाभिससार रोषा;द्दुःशासनस्तामभिगर्जमानः । दीर्घेषु नीलेष्वथ चोर्मिमत्सु; जग्राह केशेषु नरेन्द्रपत्नीम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
ततो
ततस् [ind]
जवेनाभिससार
जव [m]
जवेनाभिससार
अभिसृ [3. Ā.]
रोषाद्
रोष [m]
दुःशासनस्ताम्
दुःशासन [m]
दुःशासनस्ताम्
तद् [pron]
अभिगर्जमानः
अभिगर्ज् [1. Ā.]
दीर्घेषु
दीर्घ [adj]
नीलेष्वथ
नील [adj]
नीलेष्वथ
अथ [ind]
चोर्मिमत्सु
च [ind]
चोर्मिमत्सु
ऊर्मिमत् [adj]
जग्राह
ग्रह् [6. Ā.]
केशेषु
केश [m]
नरेन्द्रपत्नीम्
नरेन्द्र [m]
नरेन्द्रपत्नीम्
पत्नी [f]
ये राजसूयावभृथे जलेन; महाक्रतौ मन्त्रपूतेन सिक्ताः । ते पाण्डवानां परिभूय वीर्यं; बलात्प्रमृष्टा धृतराष्ट्रजेन ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
ये
यद् [pron]
राजसूयावभृथे
राजसूय [m]
राजसूयावभृथे
अवभृथ [mn]
जलेन
जल [n]
महाक्रतौ
महत् [adj]
महाक्रतौ
क्रतु [m]
मन्त्रपूतेन
मन्त्र [mn]
मन्त्रपूतेन
पू [1. P.]
सिक्ताः
सिच् [4. Ā.]
ते
तद् [pron]
पाण्डवानां
पाण्डव [m]
परिभूय
परिभू [1. Ā.]
वीर्यं
वीर्य [n]
बलात्
बल [mn]
प्रमृष्टा
प्रमृज् [2. Ā.]
धृतराष्ट्रजेन
धृतराष्ट्र [m]
धृतराष्ट्रजेन
ज [adj]
स तां परामृश्य सभासमीप;मानीय कृष्णामतिकृष्णकेशीम् । दुःशासनो नाथवतीमनाथव;च्चकर्ष वायुः कदलीमिवार्ताम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
स
तद् [pron]
तां
तद् [pron]
परामृश्य
परामृश् [6. P.]
सभासमीपम्
सभा [f]
सभासमीपम्
समीप [n]
आनीय
आनी [1. Ā.]
कृष्णाम्
कृष्णा [f]
अतिकृष्णकेशीम्
अति [ind]
अतिकृष्णकेशीम्
कृष्ण [m]
अतिकृष्णकेशीम्
केश [adj]
दुःशासनो
दुःशासन [m]
नाथवतीम्
नाथवत् [adj]
अनाथवच्
अनाथ [adj]
अनाथवच्
वत् [ind]
चकर्ष
कृष् [6. Ā.]
वायुः
वायु [m]
कदलीम्
कदल [mf]
इवार्ताम्
इव [ind]
इवार्ताम्
आर्त [adj]
सा कृष्यमाणा नमिताङ्गयष्टिः; शनैरुवाचाद्य रजस्वलास्मि । एकं च वासो मम मन्दबुद्धे; सभां नेतुं नार्हसि मामनार्य ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
सा
तद् [pron]
कृष्यमाणा
कृष् [6. Ā.]
नमिताङ्गयष्टिः
नमय् [10. P.]
नमिताङ्गयष्टिः
अङ्ग [n]
नमिताङ्गयष्टिः
यष्टि [fn]
शनैर्
शनैस् [ind]
उवाचाद्य
वच् [2. P.]
उवाचाद्य
अद्य [ind]
रजस्वलास्मि
रजस्वला [f]
रजस्वलास्मि
अस् [2. P.]
एकं
एक [pron]
च
च [ind]
वासो
वासस् [n]
मम
मद् [pron]
मन्दबुद्धे
मन्द [adj]
मन्दबुद्धे
बुद्धि [f]
सभां
सभा [f]
नेतुं
नी [2. P.]
नार्हसि
न [ind]
नार्हसि
अर्ह् [1. Ā.]
माम्
मद् [pron]
अनार्य
अनार्य [adj]
ततोऽब्रवीत्तां प्रसभं निगृह्य; केशेषु कृष्णेषु तदा स कृष्णाम् । कृष्णं च जिष्णुं च हरिं नरं च; त्राणाय विक्रोश नयामि हि त्वाम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
ततो
ततस् [ind]
ऽब्रवीत्
ब्रू [2. Ā.]
तां
तद् [pron]
प्रसभं
प्रसभम् [ind]
निगृह्य
निग्रह् [9. Ā.]
केशेषु
केश [m]
कृष्णेषु
कृष्ण [adj]
तदा
तदा [ind]
स
स [ind]
कृष्णाम्
कृष्णा [f]
कृष्णं
कृष्ण [m]
च
च [ind]
जिष्णुं
जिष्णु [m]
च
च [ind]
हरिं
हरि [m]
नरं
नर [m]
च
च [ind]
त्राणाय
त्राण [n]
विक्रोश
विक्रुश् [1. Ā.]
नयामि
नी [2. P.]
हि
हि [ind]
त्वाम्
त्वद् [pron]
रजस्वला वा भव याज्ञसेनि; एकाम्बरा वाप्यथ वा विवस्त्रा । द्यूते जिता चासि कृतासि दासी; दासीषु कामश्च यथोपजोषम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
रजस्वला
रजस्वला [f]
वा
वा [ind]
भव
भू [1. Ā.]
याज्ञसेनि
याज्ञसेनी [f]
एकाम्बरा
एक [pron]
एकाम्बरा
अम्बर [n]
वाप्यथ
वा [ind]
वाप्यथ
अपि [ind]
वाप्यथ
अथ [ind]
वा
वा [ind]
विवस्त्रा
विवस्त्र [adj]
द्यूते
द्यूत [n]
जिता
जि [9. P.]
चासि
च [ind]
चासि
अस् [2. P.]
कृतासि
कृ [2. Ā.]
कृतासि
अस् [2. P.]
दासी
दासी [f]
दासीषु
दासी [f]
कामश्च
काम [m]
कामश्च
च [ind]
यथोपजोषम्
यथोपजोषम् [ind]
प्रकीर्णकेशी पतितार्धवस्त्रा; दुःशासनेन व्यवधूयमाना । ह्रीमत्यमर्षेण च दह्यमाना; शनैरिदं वाक्यमुवाच कृष्णा ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
प्रकीर्णकेशी
प्रक् [6. P.]
प्रकीर्णकेशी
केश [adj]
पतितार्धवस्त्रा
पत् [1. Ā.]
पतितार्धवस्त्रा
अर्ध [adj]
पतितार्धवस्त्रा
वस्त्र [mn]
दुःशासनेन
दुःशासन [m]
व्यवधूयमाना
व्यवधू [5. P.]
ह्रीमत्यमर्षेण
ह्रीमत् [adj]
ह्रीमत्यमर्षेण
अमर्ष [m]
च
च [ind]
दह्यमाना
दह् [2. P.]
शनैर्
शनैस् [ind]
इदं
इदम् [pron]
वाक्यम्
वाक्य [n]
उवाच
वच् [2. P.]
कृष्णा
कृष्णा [f]
इमे सभायामुपदिष्टशास्त्राः; क्रियावन्तः सर्व एवेन्द्रकल्पाः । गुरुस्थाना गुरवश्चैव सर्वे; तेषामग्रे नोत्सहे स्थातुमेवम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
इमे
इदम् [pron]
सभायाम्
सभा [f]
उपदिष्टशास्त्राः
उपदिश् [6. Ā.]
उपदिष्टशास्त्राः
शास्त्र [n]
क्रियावन्तः
क्रियावत् [adj]
सर्व
सर्व [pron]
एवेन्द्रकल्पाः
एव [ind]
एवेन्द्रकल्पाः
इन्द्र [m]
एवेन्द्रकल्पाः
कल्प [adj]
गुरुस्थाना
गुरु [m]
गुरुस्थाना
स्थान [n]
गुरवश्चैव
गुरु [m]
गुरवश्चैव
च [ind]
गुरवश्चैव
एव [ind]
सर्वे
सर्व [pron]
तेषाम्
तद् [pron]
अग्रे
अग्रे [ind]
नोत्सहे
न [ind]
नोत्सहे
उत्सह् [1. P.]
स्थातुम्
स्था [1. Ā.]
एवम्
एवम् [ind]