Sabhāparva Adhyāya 53
सभापर्व • अध्यायः 53
Sabhāparva Adhyāya 53 of the classical Mahābhārata with 26 verses.
Total: 26 Verses
•
Citations: MBh 2.53.1–26
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250 Lexicon Terms
उपस्तीर्णा सभा राजन्रन्तुं चैते कृतक्षणाः । अक्षानुप्त्वा देवनस्य समयोऽस्तु युधिष्ठिर ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
उपस्तीर्णा
उपस्तृ [9. Ā.]
सभा
सभा [f]
राजन्
राजन् [m]
रन्तुं
रम् [4. Ā.]
चैते
च [ind]
चैते
एतद् [pron]
कृतक्षणाः
कृ [2. Ā.]
कृतक्षणाः
क्षण [m]
अक्षान्
अक्ष [m]
उप्त्वा
वप् [1. Ā.]
देवनस्य
देवन [m]
समयो
समय [m]
ऽस्तु
अस् [2. P.]
युधिष्ठिर
युधिष्ठिर [m]
निकृतिर्देवनं पापं न क्षात्रोऽत्र पराक्रमः । न च नीतिर्ध्रुवा राजन्किं त्वं द्यूतं प्रशंससि ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
निकृतिर्
निकृति [f]
देवनं
देवन [n]
पापं
पाप [n]
न
न [ind]
क्षात्रो
क्षात्र [adj]
ऽत्र
अत्र [ind]
पराक्रमः
पराक्रम [m]
न
न [ind]
च
च [ind]
नीतिर्
नीति [f]
ध्रुवा
ध्रुव [adj]
राजन्
राजन् [m]
किं
किम् [ind]
त्वं
त्वद् [pron]
द्यूतं
द्यूत [n]
प्रशंससि
प्रशंस् [1. Ā.]
न हि मानं प्रशंसन्ति निकृतौ कितवस्य ह । शकुने मैव नो जैषीरमार्गेण नृशंसवत् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
न
न [ind]
हि
हि [ind]
मानं
मान [m]
प्रशंसन्ति
प्रशंस् [1. Ā.]
निकृतौ
निकृति [f]
कितवस्य
कितव [m]
ह
ह [ind]
शकुने
शकुनि [m]
मैव
मा [ind]
मैव
एव [ind]
नो
मद् [pron]
जैषीर्
जि [9. P.]
अमार्गेण
अमार्ग [m]
नृशंसवत्
नृशंस [adj]
नृशंसवत्
वत् [ind]
योऽन्वेति संख्यां निकृतौ विधिज्ञ;श्चेष्टास्वखिन्नः कितवोऽक्षजासु । महामतिर्यश्च जानाति द्यूतं; स वै सर्वं सहते प्रक्रियासु ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
यो
यद् [pron]
ऽन्वेति
अन्वि [2. P.]
संख्यां
संख्या [f]
निकृतौ
निकृति [f]
विधिज्ञश्
विधि [m]
विधिज्ञश्
ज्ञ [adj]
चेष्टास्वखिन्नः
चेष्टा [f]
चेष्टास्वखिन्नः
अ [ind]
चेष्टास्वखिन्नः
खिद् [4. P.]
कितवो
कितव [m]
ऽक्षजासु
अक्ष [m]
ऽक्षजासु
ज [adj]
महामतिर्
महत् [adj]
महामतिर्
मति [f]
यश्च
यद् [pron]
यश्च
च [ind]
जानाति
ज्ञा [4. Ā.]
द्यूतं
द्यूत [n]
स
तद् [pron]
वै
वै [ind]
सर्वं
सर्व [pron]
सहते
सह् [1. P.]
प्रक्रियासु
प्रक्रिया [f]
अक्षग्लहः सोऽभिभवेत्परं न;स्तेनैव कालो भवतीदमात्थ । दीव्यामहे पार्थिव मा विशङ्कां; कुरुष्व पाणं च चिरं च मा कृथाः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
अक्षग्लहः
अक्ष [m]
अक्षग्लहः
ग्लह [m]
सो
तद् [pron]
ऽभिभवेत्
अभिभू [1. P.]
परं
परम् [ind]
नस्
मद् [pron]
तेनैव
तद् [pron]
तेनैव
एव [ind]
कालो
काल [m]
भवतीदम्
भू [1. Ā.]
भवतीदम्
इदम् [pron]
आत्थ
अह् [1. P.]
दीव्यामहे
दीव् [4. Ā.]
पार्थिव
पार्थिव [m]
मा
मा [ind]
विशङ्कां
विशङ्का [f]
कुरुष्व
कृ [2. Ā.]
पाणं
पाण [m]
च
च [ind]
चिरं
चिर [n]
च
च [ind]
मा
मा [ind]
कृथाः
कृ [2. Ā.]
एवमाहायमसितो देवलो मुनिसत्तमः । इमानि लोकद्वाराणि यो वै संचरते सदा ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
एवम्
एवम् [ind]
आहायम्
अह् [1. P.]
आहायम्
इदम् [pron]
असितो
असित [m]
देवलो
देवल [m]
मुनिसत्तमः
मुनि [m]
मुनिसत्तमः
सत्तम [adj]
इमानि
इदम् [pron]
लोकद्वाराणि
लोक [m]
लोकद्वाराणि
द्वार [n]
यो
यद् [pron]
वै
वै [ind]
संचरते
संचर् [1. Ā.]
सदा
सदा [ind]
इदं वै देवनं पापं मायया कितवैः सह । धर्मेण तु जयो युद्धे तत्परं साधु देवनम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
इदं
इदम् [pron]
वै
वै [ind]
देवनं
देवन [n]
पापं
पाप [n]
मायया
माया [f]
कितवैः
कितव [m]
सह
सह [ind]
धर्मेण
धर्म [mn]
तु
तु [ind]
जयो
जय [m]
युद्धे
युद्ध [n]
तत्
तद् [pron]
परं
पर [pron]
साधु
साधु [adj]
देवनम्
देवन [n]
नार्या म्लेच्छन्ति भाषाभिर्मायया न चरन्त्युत । अजिह्ममशठं युद्धमेतत्सत्पुरुषव्रतम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
नार्या
न [ind]
नार्या
आर्य [adj]
म्लेछन्ति
म्लेछ् [1. P.]
भाषाभिर्
भाषा [f]
मायया
माया [f]
न
न [ind]
चरन्त्युत
चर् [1. Ā.]
चरन्त्युत
उत [ind]
अजिह्मम्
अजिह्म [adj]
अशठं
अशठ [adj]
युद्धम्
युद्ध [n]
एतत्
एतद् [pron]
सत्पुरुषव्रतम्
सत् [adj]
सत्पुरुषव्रतम्
पुरुष [m]
सत्पुरुषव्रतम्
व्रत [n]
शक्तितो ब्राह्मणान्वन्द्याञ्शिक्षितुं प्रयतामहे । तद्वै वित्तं मातिदेवीर्मा जैषीः शकुने परम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
शक्तितो
शक्ति [f]
ब्राह्मणान्
ब्राह्मण [m]
वन्द्याञ्
वन्द् [1. P.]
शिक्षितुं
शिक्ष् [6. P.]
प्रयतामहे
प्रयत् [1. P.]
तद्
तद् [pron]
वै
वै [ind]
वित्तं
वित्त [n]
मातिदेवीर्
मा [ind]
मातिदेवीर्
अतिदिव् [4. P.]
मा
मा [ind]
जैषीः
जि [9. P.]
शकुने
शकुनि [m]
परम्
परम् [ind]
नाहं निकृत्या कामये सुखान्युत धनानि वा । कितवस्याप्यनिकृतेर्वृत्तमेतन्न पूज्यते ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
नाहं
न [ind]
नाहं
मद् [pron]
निकृत्या
निकृति [f]
कामये
कामय् [10. P.]
सुखान्युत
सुख [n]
सुखान्युत
उत [ind]
धनानि
धन [n]
वा
वा [ind]
कितवस्याप्यनिकृतेर्
कितव [m]
कितवस्याप्यनिकृतेर्
अपि [ind]
कितवस्याप्यनिकृतेर्
अ [ind]
कितवस्याप्यनिकृतेर्
निकृति [f]
वृत्तम्
वृत्त [n]
एतन्न
एतद् [pron]
एतन्न
न [ind]
पूज्यते
पूजय् [10. Ā.]
श्रोत्रियोऽश्रोत्रियमुत निकृत्यैव युधिष्ठिर । विद्वानविदुषोऽभ्येति नाहुस्तां निकृतिं जनाः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
श्रोत्रियो
श्रोत्रिय [m]
ऽश्रोत्रियम्
अ [ind]
ऽश्रोत्रियम्
श्रोत्रिय [m]
उत
उत [ind]
निकृत्यैव
निकृति [f]
निकृत्यैव
एव [ind]
युधिष्ठिर
युधिष्ठिर [m]
विद्वान्
विद्वस् [adj]
अविदुषो
अविद्वस् [adj]
ऽभ्येति
अभी [4. Ā.]
नाहुस्तां
न [ind]
नाहुस्तां
अह् [1. P.]
नाहुस्तां
तद् [pron]
निकृतिं
निकृति [f]
जनाः
जन [m]
एवं त्वं मामिहाभ्येत्य निकृतिं यदि मन्यसे । देवनाद्विनिवर्तस्व यदि ते विद्यते भयम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
एवं
एवम् [ind]
त्वं
त्वद् [pron]
माम्
मद् [pron]
इहाभ्येत्य
इह [ind]
इहाभ्येत्य
अभ्ये [2. P.]
निकृतिं
निकृति [f]
यदि
यदि [ind]
मन्यसे
मन् [8. P.]
देवनाद्
देवन [n]
विनिवर्तस्व
विनिवृत् [1. Ā.]
यदि
यदि [ind]
ते
त्वद् [pron]
विद्यते
विद् [6. Ā.]
भयम्
भय [n]
आहूतो न निवर्तेयमिति मे व्रतमाहितम् । विधिश्च बलवान्राजन्दिष्टस्यास्मि वशे स्थितः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
आहूतो
आह्वा [4. Ā.]
न
न [ind]
निवर्तेयम्
निवृत् [1. Ā.]
इति
इति [ind]
मे
मद् [pron]
व्रतम्
व्रत [n]
आहितम्
आधा [3. Ā.]
विधिश्च
विधि [m]
विधिश्च
च [ind]
बलवान्
बलवत् [adj]
राजन्
राजन् [m]
दिष्टस्यास्मि
दिष्ट [n]
दिष्टस्यास्मि
अस् [2. P.]
वशे
वश [m]
स्थितः
स्था [1. Ā.]
अस्मिन्समागमे केन देवनं मे भविष्यति । प्रतिपाणश्च कोऽन्योऽस्ति ततो द्यूतं प्रवर्तताम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
अस्मिन्
इदम् [pron]
समागमे
समागम [m]
केन
क [pron]
देवनं
देवन [n]
मे
मद् [pron]
भविष्यति
भू [1. Ā.]
प्रतिपाणश्च
प्रतिपाण [m]
प्रतिपाणश्च
च [ind]
को
क [pron]
ऽन्यो
अन्य [pron]
ऽस्ति
अस् [2. P.]
ततो
ततस् [ind]
द्यूतं
द्यूत [n]
प्रवर्तताम्
प्रवृत् [1. Ā.]
अहं दातास्मि रत्नानां धनानां च विशां पते । मदर्थे देविता चायं शकुनिर्मातुलो मम ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
अहं
मद् [pron]
दातास्मि
दा [1. Ā.]
रत्नानां
रत्न [mn]
धनानां
धन [n]
च
च [ind]
विशां
विश् [f]
पते
पति [m]
मदर्थे
मद् [pron]
मदर्थे
अर्थ [mn]
देविता
दीव् [4. Ā.]
चायं
च [ind]
चायं
इदम् [pron]
शकुनिर्
शकुनि [m]
मातुलो
मातुल [m]
मम
मद् [pron]
अन्येनान्यस्य विषमं देवनं प्रतिभाति मे । एतद्विद्वन्नुपादत्स्व काममेवं प्रवर्तताम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
अन्येनान्यस्य
अन्य [pron]
अन्येनान्यस्य
अन्य [pron]
विषमं
विषम [adj]
देवनं
देवन [n]
प्रतिभाति
प्रतिभा [2. P.]
मे
मद् [pron]
एतद्
एतद् [pron]
विद्वन्न्
विद्वस् [adj]
उपादत्स्व
उपादा [3. Ā.]
कामम्
कामम् [ind]
एवं
एवम् [ind]
प्रवर्तताम्
प्रवृत् [1. Ā.]
उपोह्यमाने द्यूते तु राजानः सर्व एव ते । धृतराष्ट्रं पुरस्कृत्य विविशुस्तां सभां ततः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
ततः
ततस् [ind]
प्रयाता
प्रया [2. Ā.]
राजानः
राजन् [m]
सर्व
सर्व [pron]
एव
एव [ind]
यथागतम्
यथागत [adj]
धृतराष्ट्रः
धृतराष्ट्र [m]
सपुत्रस्त्वां
स [ind]
सपुत्रस्त्वां
पुत्र [m]
सपुत्रस्त्वां
त्वद् [pron]
सहामात्यः
सह [ind]
सहामात्यः
अमात्य [m]
सबान्धवः
स [ind]
सबान्धवः
बान्धव [m]
भीष्मो द्रोणः कृपश्चैव विदुरश्च महामतिः । नातीवप्रीतमनसस्तेऽन्ववर्तन्त भारत ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
धृतराष्ट्रश्च
धृतराष्ट्र [m]
धृतराष्ट्रश्च
च [ind]
भीष्मश्च
भीष्म [m]
भीष्मश्च
च [ind]
विदुरश्च
विदुर [m]
विदुरश्च
च [ind]
महामतिः
महामति [adj]
नातीवप्रीतमनसस्ते
न [ind]
नातीवप्रीतमनसस्ते
अतीव [ind]
नातीवप्रीतमनसस्ते
प्री [9. Ā.]
नातीवप्रीतमनसस्ते
मनस् [n]
नातीवप्रीतमनसस्ते
तद् [pron]
ऽन्ववर्तन्त
अनुवृत् [1. Ā.]
भारत
भारत [m]
ते द्वंद्वशः पृथक्चैव सिंहग्रीवा महौजसः । सिंहासनानि भूरीणि विचित्राणि च भेजिरे ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
ते
तद् [pron]
द्वंद्वशः
द्वंद्वशस् [ind]
पृथक्
पृथक् [ind]
चैव
च [ind]
चैव
एव [ind]
सिंहग्रीवा
सिंह [m]
सिंहग्रीवा
ग्रीवा [f]
महौजसः
महत् [adj]
महौजसः
ओजस् [n]
सिंहासनानि
सिंहासन [n]
भूरीणि
भूरि [adj]
विचित्राणि
विचित्र [adj]
च
च [ind]
भेजिरे
भज् [1. Ā.]
शुशुभे सा सभा राजन्राजभिस्तैः समागतैः । देवैरिव महाभागैः समवेतैस्त्रिविष्टपम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
शुशुभे
शुभ् [6. Ā.]
सा
तद् [pron]
सभा
सभा [f]
राजन्
राजन् [m]
राजभिस्तैः
राजन् [m]
राजभिस्तैः
तद् [pron]
समागतैः
समागम् [6. P.]
देवैर्
देव [m]
इव
इव [ind]
महाभागैः
महाभाग [adj]
समवेतैस्त्रिविष्टपम्
समवे [2. P.]
समवेतैस्त्रिविष्टपम्
त्रिविष्टप [n]
सर्वे वेदविदः शूराः सर्वे भास्वरमूर्तयः । प्रावर्तत महाराज सुहृद्द्यूतमनन्तरम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
सर्वे
सर्व [pron]
लब्धवराः
लभ् [1. P.]
लब्धवराः
वर [mn]
शूराः
शूर [m]
सर्वे
सर्व [pron]
विगतमृत्यवः
विगम् [6. P.]
विगतमृत्यवः
मृत्यु [m]
प्रवर्ततां
प्रवृत् [1. Ā.]
सुहृद्द्यूतं
सुहृद् [m]
सुहृद्द्यूतं
द्यूत [n]
दिष्टम्
दिष्ट [n]
एतन्न
एतद् [pron]
एतन्न
न [ind]
संशयः
संशय [m]
अयं बहुधनो राजन्सागरावर्तसंभवः । मणिर्हारोत्तरः श्रीमान्कनकोत्तमभूषणः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
अयं
इदम् [pron]
बहुधनो
बहु [adj]
बहुधनो
धन [n]
राजन्
राजन् [m]
सागरावर्तसंभवः
सागर [m]
सागरावर्तसंभवः
आवर्त [m]
सागरावर्तसंभवः
सम्भव [m]
मणिर्
मणि [m]
हारोत्तरः
हार [mn]
हारोत्तरः
उत्तर [adj]
श्रीमान्
श्रीमत् [adj]
कनकोत्तमभूषणः
कनक [n]
कनकोत्तमभूषणः
उत्तम [adj]
कनकोत्तमभूषणः
भूषण [n]
एतद्राजन्धनं मह्यं प्रतिपाणस्तु कस्तव । भवत्वेष क्रमस्तात जयाम्येनं दुरोदरम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
एतद्
एतद् [pron]
राजन्
राजन् [m]
धनं
धन [n]
मह्यं
मद् [pron]
प्रतिपाणस्तु
प्रतिपाण [m]
प्रतिपाणस्तु
तु [ind]
कस्तव
क [pron]
कस्तव
त्वद् [pron]
भवत्वेष
भू [1. Ā.]
भवत्वेष
एतद् [pron]
क्रमस्तात
क्रम [m]
क्रमस्तात
तात [m]
जयाम्येनं
जि [9. P.]
जयाम्येनं
एनद् [pron]
दुरोदरम्
दुरोदर [m]
सन्ति मे मणयश्चैव धनानि विविधानि च । मत्सरश्च न मेऽर्थेषु जयाम्येनं दुरोदरम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
सन्ति
अस् [2. P.]
मे
मद् [pron]
मणयश्चैव
मणि [m]
मणयश्चैव
च [ind]
मणयश्चैव
एव [ind]
धनानि
धन [n]
विविधानि
विविध [adj]
च
च [ind]
भवत्वेष
भू [1. Ā.]
भवत्वेष
एतद् [pron]
क्रमस्तात
क्रम [m]
क्रमस्तात
तात [m]
जयाम्येनं
जि [9. P.]
जयाम्येनं
एनद् [pron]
दुरोदरम्
दुरोदर [m]
ततो जग्राह शकुनिस्तानक्षानक्षतत्त्ववित् । जितमित्येव शकुनिर्युधिष्ठिरमभाषत ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
ततो
ततस् [ind]
जग्राह
ग्रह् [6. Ā.]
शकुनिस्तान्
शकुनि [m]
शकुनिस्तान्
तद् [pron]
अक्षान्
अक्ष [m]
अक्षतत्त्ववित्
अक्ष [m]
अक्षतत्त्ववित्
तत्त्व [n]
अक्षतत्त्ववित्
विद् [adj]
जितम्
जि [9. P.]
इत्येव
इति [ind]
इत्येव
एव [ind]
शकुनिर्
शकुनि [m]
युधिष्ठिरम्
युधिष्ठिर [m]
अभाषत
भाष् [1. P.]