Ādiparva Adhyāya 149
आदिपर्व • अध्यायः 149
Ādiparva Adhyāya 149 of the classical Mahābhārata with 21 verses.
Total: 21 Verses
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Citations: MBh 1.149.1–21
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250 Lexicon Terms
न विषादस्त्वया कार्यो भयादस्मात्कथंचन । उपायः परिदृष्टोऽत्र तस्मान्मोक्षाय रक्षसः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
न
न [ind]
विषादस्त्वया
विषाद [m]
विषादस्त्वया
त्वद् [pron]
कार्यो
कृ [2. Ā.]
भयाद्
भय [n]
अस्मात्
इदम् [pron]
कथंचन
कथंचन [ind]
गतिं
गति [f]
चापि
च [ind]
चापि
अपि [ind]
न
न [ind]
पश्यामि
दृश् [6. P.]
तस्मान्
तद् [pron]
मोक्षाय
मोक्ष [m]
रक्षसः
रक्षस् [n]
एकस्तव सुतो बालः कन्या चैका तपस्विनी । न ते तयोस्तथा पत्न्या गमनं तत्र रोचये ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
एकस्तव
एक [pron]
एकस्तव
त्वद् [pron]
सुतो
सुत [m]
बालः
बाल [adj]
कन्या
कन्या [f]
चैका
च [ind]
चैका
एक [pron]
तपस्विनी
तपस्विनी [f]
नैव
न [ind]
नैव
एव [ind]
स्वयं
स्वयम् [ind]
सपुत्रस्य
स [ind]
सपुत्रस्य
पुत्र [m]
गमनं
गमन [n]
तत्र
तत्र [ind]
रोचये
रोचय् [10. Ā.]
मम पञ्च सुता ब्रह्मंस्तेषामेको गमिष्यति । त्वदर्थं बलिमादाय तस्य पापस्य रक्षसः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
मम
मद् [pron]
पञ्च
पञ्चन् [adj]
सुता
सुत [m]
ब्रह्मंस्तेषाम्
ब्रह्मन् [m]
ब्रह्मंस्तेषाम्
तद् [pron]
एको
एक [pron]
गमिष्यति
गम् [6. Ā.]
त्वदर्थं
त्वद् [pron]
त्वदर्थं
अर्थ [mn]
बलिम्
बलि [m]
आदाय
आदा [4. Ā.]
तस्य
तद् [pron]
पापस्य
पाप [adj]
रक्षसः
रक्षस् [n]
नाहमेतत्करिष्यामि जीवितार्थी कथंचन । ब्राह्मणस्यातिथेश्चैव स्वार्थे प्राणैर्वियोजनम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
नाहम्
न [ind]
नाहम्
मद् [pron]
एतत्
एतद् [pron]
करिष्यामि
कृ [2. Ā.]
जीवितार्थी
जीवित [n]
जीवितार्थी
अर्थिन् [adj]
कथंचन
कथंचन [ind]
ब्राह्मणस्यातिथेश्चैव
ब्राह्मण [m]
ब्राह्मणस्यातिथेश्चैव
अतिथि [m]
ब्राह्मणस्यातिथेश्चैव
च [ind]
ब्राह्मणस्यातिथेश्चैव
एव [ind]
स्वार्थे
स्व [adj]
स्वार्थे
अर्थ [mn]
प्राणैर्
प्राण [m]
वियोजनम्
वियोजन [n]
न त्वेतदकुलीनासु नाधर्मिष्ठासु विद्यते । यद्ब्राह्मणार्थे विसृजेदात्मानमपि चात्मजम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
न
न [ind]
त्वेतद्
तु [ind]
त्वेतद्
एतद् [pron]
अकुलीनासु
अकुलीन [adj]
नाधर्मिष्ठासु
न [ind]
नाधर्मिष्ठासु
अधर्मिष्ठ [adj]
विद्यते
विद् [6. Ā.]
यद्
यत् [ind]
ब्राह्मणार्थे
ब्राह्मण [m]
ब्राह्मणार्थे
अर्थ [mn]
विसृजेद्
विसृज् [4. Ā.]
आत्मानम्
आत्मन् [m]
अपि
अपि [ind]
चात्मजम्
च [ind]
चात्मजम्
आत्मज [m]
आत्मनस्तु मया श्रेयो बोद्धव्यमिति रोचये । ब्रह्मवध्यात्मवध्या वा श्रेय आत्मवधो मम ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
आत्मनस्तु
आत्मन् [m]
आत्मनस्तु
तु [ind]
मया
मद् [pron]
श्रेयो
श्रेयस् [n]
बोद्धव्यम्
बुध् [1. Ā.]
इति
इति [ind]
रोचये
रोचय् [10. Ā.]
ब्रह्मवध्यात्मवध्या
ब्रह्मन् [m]
ब्रह्मवध्यात्मवध्या
वध्या [f]
ब्रह्मवध्यात्मवध्या
आत्मवध्या [f]
वा
वा [ind]
श्रेय
श्रेयस् [n]
आत्मवधो
आत्मवध [m]
मम
मद् [pron]
ब्रह्मवध्या परं पापं निष्कृतिर्नात्र विद्यते । अबुद्धिपूर्वं कृत्वापि श्रेय आत्मवधो मम ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
ब्रह्मवध्या
ब्रह्मन् [m]
ब्रह्मवध्या
वध्या [f]
परं
पर [pron]
पापं
पाप [n]
निष्कृतिर्
निष्कृति [f]
नात्र
न [ind]
नात्र
अत्र [ind]
विद्यते
विद् [2. Ā.]
ब्रह्मवध्यात्मवध्या
ब्रह्मन् [m]
ब्रह्मवध्यात्मवध्या
वध्या [f]
ब्रह्मवध्यात्मवध्या
आत्मवध्या [f]
वा
वा [ind]
श्रेय
श्रेयस् [n]
आत्मवधो
आत्मवध [m]
मम
मद् [pron]
न त्वहं वधमाकाङ्क्षे स्वयमेवात्मनः शुभे । परैः कृते वधे पापं न किंचिन्मयि विद्यते ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
न
न [ind]
त्वहं
तु [ind]
त्वहं
मद् [pron]
वधम्
वध [m]
आकाङ्क्षे
आकाङ्क्ष् [1. Ā.]
स्वयम्
स्वयम् [ind]
एवात्मनः
एव [ind]
एवात्मनः
आत्मन् [m]
शुभे
शुभ [adj]
परैः
पर [pron]
कृते
कृ [2. Ā.]
वधे
वध [m]
पापं
पाप [n]
न
न [ind]
किंचिन्
कश्चित् [pron]
मयि
मय [adj]
विद्यते
विद् [2. Ā.]
अभिसंधिकृते तस्मिन्ब्राह्मणस्य वधे मया । निष्कृतिं न प्रपश्यामि नृशंसं क्षुद्रमेव च ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
अभिसंधिकृते
अभिसंधि [m]
अभिसंधिकृते
कृ [2. Ā.]
तस्मिन्
तद् [pron]
ब्राह्मणस्य
ब्राह्मण [m]
वधे
वध [m]
मया
मद् [pron]
निष्कृतिं
निष्कृति [f]
न
न [ind]
प्रपश्यामि
प्रपश् [4. P.]
नृशंसं
नृशंस [adj]
क्षुद्रम्
क्षुद्र [adj]
एव
एव [ind]
च
च [ind]
आगतस्य गृहे त्यागस्तथैव शरणार्थिनः । याचमानस्य च वधो नृशंसं परमं मतम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
आगतस्य
आगम् [6. P.]
गृहे
गृह [mn]
त्यागस्तथैव
त्याग [m]
त्यागस्तथैव
तथा [ind]
त्यागस्तथैव
एव [ind]
शरणार्थिनः
शरण [n]
शरणार्थिनः
अर्थिन् [adj]
याचमानस्य
याच् [1. Ā.]
च
च [ind]
वधो
वध [m]
नृशंसं
नृशंस [adj]
परमं
परम [adj]
मतम्
मन् [8. P.]
कुर्यान्न निन्दितं कर्म न नृशंसं कदाचन । इति पूर्वे महात्मान आपद्धर्मविदो विदुः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
कुर्यान्
कृ [2. Ā.]
न
न [ind]
निन्दितं
निन्द् [1. Ā.]
कर्म
कर्मन् [n]
न
न [ind]
नृशंसं
नृशंस [adj]
कदाचन
कदाचन [ind]
इति
इति [ind]
पूर्वे
पूर्व [pron]
महात्मान
महात्मन् [adj]
आपद्धर्मविदो
आपद् [f]
आपद्धर्मविदो
धर्म [mn]
आपद्धर्मविदो
विद् [adj]
विदुः
विद् [6. Ā.]
श्रेयांस्तु सहदारस्य विनाशोऽद्य मम स्वयम् । ब्राह्मणस्य वधं नाहमनुमंस्ये कथंचन ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
श्रेयांस्तु
श्रेयस् [adj]
श्रेयांस्तु
तु [ind]
सहदारस्य
सहदार [adj]
विनाशो
विनाश [m]
ऽद्य
अद्य [ind]
मम
मद् [pron]
स्वयम्
स्वयम् [ind]
ब्राह्मणस्य
ब्राह्मण [m]
वधं
वध [m]
नाहम्
न [ind]
नाहम्
मद् [pron]
अनुमंस्ये
अनुमन् [8. Ā.]
कथंचन
कथंचन [ind]
ममाप्येषा मतिर्ब्रह्मन्विप्रा रक्ष्या इति स्थिरा । न चाप्यनिष्टः पुत्रो मे यदि पुत्रशतं भवेत् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
ममाप्येषा
मद् [pron]
ममाप्येषा
अपि [ind]
ममाप्येषा
एतद् [pron]
मतिर्
मति [f]
ब्रह्मन्
ब्रह्मन् [m]
विप्रा
विप्र [m]
रक्ष्या
रक्ष् [4. P.]
इति
इति [ind]
स्थिरा
स्थिर [adj]
न
न [ind]
चाप्यनिष्टः
च [ind]
चाप्यनिष्टः
अपि [ind]
चाप्यनिष्टः
अनिष्ट [adj]
पुत्रो
पुत्र [m]
मे
मद् [pron]
यदि
यदि [ind]
पुत्रशतं
पुत्र [m]
पुत्रशतं
शत [mn]
भवेत्
भू [1. Ā.]
न चासौ राक्षसः शक्तो मम पुत्रविनाशने । वीर्यवान्मन्त्रसिद्धश्च तेजस्वी च सुतो मम ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
न
न [ind]
चासौ
च [ind]
चासौ
अदस् [pron]
राक्षसः
राक्षस [m]
शक्तो
शक् [4. P.]
मम
मद् [pron]
पुत्रविनाशने
पुत्र [m]
पुत्रविनाशने
विनाशन [n]
वीर्यवान्
वीर्यवत् [adj]
मन्त्रसिद्धश्च
मन्त्र [mn]
मन्त्रसिद्धश्च
सिध् [4. Ā.]
मन्त्रसिद्धश्च
च [ind]
तेजस्वी
तेजस्विन् [adj]
च
च [ind]
सुतो
सुत [m]
मम
मद् [pron]
राक्षसाय च तत्सर्वं प्रापयिष्यति भोजनम् । मोक्षयिष्यति चात्मानमिति मे निश्चिता मतिः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
राक्षसाय
राक्षस [m]
च
च [ind]
तत्
तद् [pron]
सर्वं
सर्व [pron]
प्रापयिष्यति
प्रापय् [10. Ā.]
भोजनम्
भोजन [n]
मोक्षयिष्यति
मोक्षय् [10. Ā.]
चात्मानम्
च [ind]
चात्मानम्
आत्मन् [m]
इति
इति [ind]
मे
मद् [pron]
निश्चिता
निश्चि [5. Ā.]
मतिः
मति [f]
समागताश्च वीरेण दृष्टपूर्वाश्च राक्षसाः । बलवन्तो महाकाया निहताश्चाप्यनेकशः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
समागताश्च
समागम् [6. P.]
समागताश्च
च [ind]
वीरेण
वीर [m]
दृष्टपूर्वाश्च
दृश् [6. P.]
दृष्टपूर्वाश्च
पूर्व [pron]
दृष्टपूर्वाश्च
च [ind]
राक्षसाः
राक्षस [m]
बलवन्तो
बलवत् [adj]
महाकाया
महत् [adj]
महाकाया
काय [m]
निहताश्चाप्यनेकशः
निहन् [2. Ā.]
निहताश्चाप्यनेकशः
च [ind]
निहताश्चाप्यनेकशः
अपि [ind]
निहताश्चाप्यनेकशः
अनेकशस् [ind]
न त्विदं केषुचिद्ब्रह्मन्व्याहर्तव्यं कथंचन । विद्यार्थिनो हि मे पुत्रान्विप्रकुर्युः कुतूहलात् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
न
न [ind]
त्विदं
तु [ind]
त्विदं
इदम् [pron]
केषुचिद्
कश्चित् [pron]
ब्रह्मन्
ब्रह्मन् [m]
व्याहर्तव्यं
व्याहृ [1. Ā.]
कथंचन
कथंचन [ind]
विद्यार्थिनो
विद्या [f]
विद्यार्थिनो
अर्थिन् [adj]
हि
हि [ind]
मे
मद् [pron]
पुत्रान्
पुत्र [m]
विप्रकुर्युः
विप्रकृ [8. Ā.]
कुतूहलात्
कुतूहल [n]
गुरुणा चाननुज्ञातो ग्राहयेद्यं सुतो मम । न स कुर्यात्तया कार्यं विद्ययेति सतां मतम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
गुरुणा
गुरु [m]
चाननुज्ञातो
च [ind]
चाननुज्ञातो
अननुज्ञात [adj]
ग्राहयेद्
ग्राहय् [10. Ā.]
यं
यद् [pron]
सुतो
सुत [m]
मम
मद् [pron]
न
न [ind]
स
तद् [pron]
कुर्यात्
कृ [2. Ā.]
तया
तद् [pron]
कार्यं
कार्य [n]
विद्ययेति
विद्या [f]
विद्ययेति
इति [ind]
सतां
अस् [2. P.]
मतम्
मन् [8. P.]
एवमुक्तस्तु पृथया स विप्रो भार्यया सह । हृष्टः संपूजयामास तद्वाक्यममृतोपमम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
एवम्
एवम् [ind]
उक्तस्तु
वच् [2. P.]
उक्तस्तु
तु [ind]
पृथया
पृथा [f]
स
तद् [pron]
विप्रो
विप्र [m]
भार्यया
भार्या [f]
सह
सह [ind]
हृष्टः
हृष् [1. P.]
संपूजयामास
सम्पूजय् [10. Ā.]
तद्
तद् [pron]
वाक्यम्
वाक्य [n]
अमृतोपमम्
अमृत [n]
अमृतोपमम्
उपम [adj]
ततः कुन्ती च विप्रश्च सहितावनिलात्मजम् । तमब्रूतां कुरुष्वेति स तथेत्यब्रवीच्च तौ ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
ततः
ततस् [ind]
कुन्ती
कुन्ती [f]
च
च [ind]
विप्रश्च
विप्र [m]
विप्रश्च
च [ind]
सहितावनिलात्मजम्
सहित [adj]
सहितावनिलात्मजम्
अनिलात्मज [m]
तम्
तद् [pron]
अब्रूतां
ब्रू [2. Ā.]
कुरुष्वेति
कृ [2. Ā.]
कुरुष्वेति
इति [ind]
स
तद् [pron]
तथेत्यब्रवीच्च
तथा [ind]
तथेत्यब्रवीच्च
इति [ind]
तथेत्यब्रवीच्च
ब्रू [2. Ā.]
तथेत्यब्रवीच्च
च [ind]
तौ
तद् [pron]