Ādiparva Adhyāya 165
आदिपर्व • अध्यायः 165
Ādiparva Adhyāya 165 of the classical Mahābhārata with 45 verses.
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किंनिमित्तमभूद्वैरं विश्वामित्रवसिष्ठयोः । वसतोराश्रमे पुण्ये शंस नः सर्वमेव तत् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
किंनिमित्तम्
किंनिमित्त [adj]
अभूद्
भू [1. Ā.]
वैरं
वैर [mn]
विश्वामित्रवसिष्ठयोः
विश्वामित्र [m]
विश्वामित्रवसिष्ठयोः
वसिष्ठ [m]
वसतोर्
वस् [2. P.]
आश्रमे
आश्रम [mn]
पुण्ये
पुण्य [adj]
शंस
शंस् [2. Ā.]
नः
मद् [pron]
सर्वम्
सर्व [pron]
एव
एव [ind]
तत्
तद् [pron]
इदं वासिष्ठमाख्यानं पुराणं परिचक्षते । पार्थ सर्वेषु लोकेषु यथावत्तन्निबोध मे ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
इदं
इदम् [pron]
वासिष्ठम्
वासिष्ठ [adj]
आख्यानं
आख्यान [n]
पुराणं
पुराण [adj]
परिचक्षते
परिचक्ष् [2. Ā.]
पार्थ
पार्थ [m]
सर्वेषु
सर्व [pron]
लोकेषु
लोक [m]
यथावत्
यथावत् [ind]
तन्
तद् [pron]
निबोध
निबुध् [4. P.]
मे
मद् [pron]
कन्यकुब्जे महानासीत्पार्थिवो भरतर्षभ । गाधीति विश्रुतो लोके सत्यधर्मपरायणः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
कन्यकुब्जे
कन्यकुब्ज [n]
महान्
महत् [adj]
आसीत्
अस् [2. P.]
पार्थिवो
पार्थिव [m]
भरतर्षभ
भरत [m]
भरतर्षभ
ऋषभ [m]
गाधीति
गाधिन् [m]
गाधीति
इति [ind]
विश्रुतो
विश्रु [5. Ā.]
लोके
लोक [m]
सत्यधर्मपरायणः
सत्य [n]
सत्यधर्मपरायणः
धर्म [mn]
सत्यधर्मपरायणः
परायण [n]
तस्य धर्मात्मनः पुत्रः समृद्धबलवाहनः । विश्वामित्र इति ख्यातो बभूव रिपुमर्दनः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
तस्य
तद् [pron]
धर्मात्मनः
धर्म [mn]
धर्मात्मनः
आत्मन् [m]
पुत्रः
पुत्र [m]
समृद्धबलवाहनः
समृध् [4. Ā.]
समृद्धबलवाहनः
बल [mn]
समृद्धबलवाहनः
वाहन [n]
व्युषिताश्व
व्युषिताश्व [m]
इति
इति [ind]
ख्यातो
ख्या [4. P.]
बभूव
भू [1. Ā.]
किल
किल [ind]
पार्थिवः
पार्थिव [m]
स चचार सहामात्यो मृगयां गहने वने । मृगान्विध्यन्वराहांश्च रम्येषु मरुधन्वसु ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
स
तद् [pron]
चचार
चर् [1. Ā.]
सहामात्यो
सहामात्य [adj]
मृगयां
मृगया [f]
गहने
गहन [adj]
वने
वन [n]
मृगान्
मृग [m]
विध्यन्
व्यध् [4. Ā.]
वराहांश्च
वराह [m]
वराहांश्च
च [ind]
रम्येषु
रम्य [adj]
मरुधन्वसु
मरु [m]
मरुधन्वसु
धन्वन् [m]
व्यायामकर्शितः सोऽथ मृगलिप्सुः पिपासितः । आजगाम नरश्रेष्ठ वसिष्ठस्याश्रमं प्रति ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
व्यायामकर्शितः
व्यायाम [m]
व्यायामकर्शितः
कर्शय् [10. P.]
सो
तद् [pron]
ऽथ
अथ [ind]
मृगलिप्सुः
मृग [m]
मृगलिप्सुः
लिप्सु [adj]
पिपासितः
पिपासित [adj]
आजगाम
आगम् [6. P.]
नरश्रेष्ठ
नर [m]
नरश्रेष्ठ
श्रेष्ठ [adj]
वसिष्ठस्याश्रमं
वसिष्ठ [m]
वसिष्ठस्याश्रमं
आश्रम [mn]
प्रति
प्रति [ind]
तमागतमभिप्रेक्ष्य वसिष्ठः श्रेष्ठभागृषिः । विश्वामित्रं नरश्रेष्ठं प्रतिजग्राह पूजया ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
तम्
तद् [pron]
आगतम्
आगम् [6. P.]
अभिप्रेक्ष्य
अभिप्रेक्ष् [1. P.]
वसिष्ठः
वसिष्ठ [m]
श्रेष्ठभाग्
श्रेष्ठ [adj]
श्रेष्ठभाग्
भाज् [adj]
ऋषिः
ऋषि [m]
विश्वामित्रं
विश्वामित्र [m]
नरश्रेष्ठं
नर [m]
नरश्रेष्ठं
श्रेष्ठ [adj]
प्रतिजग्राह
प्रतिग्रह् [9. Ā.]
पूजया
पूजा [f]
पाद्यार्घ्याचमनीयेन स्वागतेन च भारत । तथैव प्रतिजग्राह वन्येन हविषा तथा ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
पाद्यार्घ्याचमनीयेन
पाद्य [n]
पाद्यार्घ्याचमनीयेन
अर्घ्य [n]
पाद्यार्घ्याचमनीयेन
आचमनीय [n]
स्वागतेन
स्वागत [n]
च
च [ind]
भारत
भारत [m]
तथैव
तथा [ind]
तथैव
एव [ind]
प्रतिजग्राह
प्रतिग्रह् [9. Ā.]
वन्येन
वन्य [adj]
हविषा
हविस् [n]
तथा
तथा [ind]
तस्याथ कामधुग्धेनुर्वसिष्ठस्य महात्मनः । उक्ता कामान्प्रयच्छेति सा कामान्दुदुहे ततः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
तस्याथ
तद् [pron]
तस्याथ
अथ [ind]
कामधुग्
कामदुह् [f]
धेनुर्
धेनु [f]
वसिष्ठस्य
वसिष्ठ [m]
महात्मनः
महात्मन् [adj]
उक्ता
वच् [2. P.]
कामान्
काम [m]
प्रयच्छेति
प्रयम् [1. Ā.]
प्रयच्छेति
इति [ind]
सा
तद् [pron]
कामान्
काम [m]
दुदुहे
दुह् [4. Ā.]
ततः
ततस् [ind]
ग्राम्यारण्या ओषधीश्च दुदुहे पय एव च । षड्रसं चामृतरसं रसायनमनुत्तमम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
ग्राम्यारण्या
ग्राम्य [adj]
ग्राम्यारण्या
आरण्य [adj]
ओषधीश्च
ओषधी [f]
ओषधीश्च
च [ind]
दुदुहे
दुह् [4. Ā.]
पय
पयस् [n]
एव
एव [ind]
च
च [ind]
षड्रसं
षष् [adj]
षड्रसं
रस [mn]
चामृतरसं
च [ind]
चामृतरसं
अमृत [n]
चामृतरसं
रस [mn]
रसायनम्
रसायन [n]
अनुत्तमम्
अनुत्तम [adj]
भोजनीयानि पेयानि भक्ष्याणि विविधानि च । लेह्यान्यमृतकल्पानि चोष्याणि च तथार्जुन ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
आनीय
आनी [1. Ā.]
मधुमूलानि
मधु [n]
मधुमूलानि
मूल [mn]
फलानि
फल [n]
विविधानि
विविध [adj]
च
च [ind]
लेह्यान्यमृतकल्पानि
लेहय् [10. P.]
लेह्यान्यमृतकल्पानि
अमृत [n]
लेह्यान्यमृतकल्पानि
कल्प [mn]
चोष्याणि
चूष् [1. P.]
च
च [ind]
तथार्जुन
तथा [ind]
तथार्जुन
अर्जुन [m]
तैः कामैः सर्वसंपूर्णैः पूजितः स महीपतिः । सामात्यः सबलश्चैव तुतोष स भृशं नृपः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
तैः
तद् [pron]
कामैः
काम [m]
सर्वसम्पूर्णैः
सर्व [pron]
सर्वसम्पूर्णैः
सम्पृ [3. P.]
पूजितः
पूजय् [10. Ā.]
स
तद् [pron]
महीपतिः
महीपति [m]
सामात्यः
स [ind]
सामात्यः
अमात्य [m]
सबलश्चैव
स [ind]
सबलश्चैव
बल [mn]
सबलश्चैव
च [ind]
सबलश्चैव
एव [ind]
तुतोष
तुष् [4. Ā.]
स
तद् [pron]
भृशं
भृशम् [ind]
नृपः
नृप [m]
षडायतां सुपार्श्वोरुं त्रिपृथुं पञ्च संवृताम् । मण्डूकनेत्रां स्वाकारां पीनोधसमनिन्दिताम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
षडायतां
षष् [adj]
षडायतां
आयम् [6. P.]
सुपार्श्वोरुं
सु [ind]
सुपार्श्वोरुं
पार्श्व [mn]
सुपार्श्वोरुं
ऊरु [mf]
त्रिपृथुं
त्रि [nr]
त्रिपृथुं
पृथु [adj]
पञ्चसंवृताम्
पञ्चन् [adj]
पञ्चसंवृताम्
संवृ [9. P.]
मण्डूकनेत्रां
मण्डूक [m]
मण्डूकनेत्रां
नेत्र [mn]
स्वाकारां
सु [ind]
स्वाकारां
आकार [m]
पीनोधसम्
पीन [adj]
पीनोधसम्
ऊधस् [n]
अनिन्दिताम्
अनिन्दित [adj]
सुवालधिं शङ्कुकर्णां चारुशृङ्गां मनोरमाम् । पुष्टायतशिरोग्रीवां विस्मितः सोऽभिवीक्ष्य ताम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
सुवालधिं
सुवालधि [adj]
शङ्कुकर्णां
शङ्कु [m]
शङ्कुकर्णां
कर्ण [m]
चारुशृङ्गां
चारु [adj]
चारुशृङ्गां
शृङ्ग [n]
मनोरमाम्
मनोरम [adj]
पुष्टायतशिरोग्रीवां
पुष् [2. P.]
पुष्टायतशिरोग्रीवां
आयम् [6. P.]
पुष्टायतशिरोग्रीवां
शिरस् [n]
पुष्टायतशिरोग्रीवां
ग्रीवा [f]
विस्मितः
विस्मि [1. P.]
सो
तद् [pron]
ऽभिवीक्ष्य
अभिवीक्ष् [1. P.]
ताम्
तद् [pron]
अभिनन्दति तां नन्दीं वसिष्ठस्य पयस्विनीम् । अब्रवीच्च भृशं तुष्टो विश्वामित्रो मुनिं तदा ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
अभिनन्दति
अभिनन्द् [1. Ā.]
तां
तद् [pron]
नन्दीं
नन्दी [f]
वसिष्ठस्य
वसिष्ठ [m]
पयस्विनीम्
पयस्विनी [f]
अब्रवीच्च
ब्रू [2. Ā.]
अब्रवीच्च
च [ind]
भृशं
भृशम् [ind]
तुष्टो
तुष् [4. Ā.]
विश्वामित्रो
विश्वामित्र [m]
मुनिं
मुनि [m]
तदा
तदा [ind]
अर्बुदेन गवां ब्रह्मन्मम राज्येन वा पुनः । नन्दिनीं संप्रयच्छस्व भुङ्क्ष्व राज्यं महामुने ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
अर्बुदेन
अर्बुद [mn]
गवां
गो [mf]
ब्रह्मन्
ब्रह्मन् [m]
मम
मद् [pron]
राज्येन
राज्य [n]
वा
वा [ind]
पुनः
पुनर् [ind]
नन्दिनीं
नन्दिनी [f]
सम्प्रयच्छस्व
सम्प्रयम् [6. P.]
भुङ्क्ष्व
भुज् [6. P.]
राज्यं
राज्य [n]
महामुने
महत् [adj]
महामुने
मुनि [m]
देवतातिथिपित्रर्थमाज्यार्थं च पयस्विनी । अदेया नन्दिनीयं मे राज्येनापि तवानघ ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
देवतातिथिपित्रर्थम्
देवता [f]
देवतातिथिपित्रर्थम्
अतिथि [m]
देवतातिथिपित्रर्थम्
पितृ [m]
देवतातिथिपित्रर्थम्
अर्थ [mn]
आज्यार्थं
आज्य [n]
आज्यार्थं
अर्थ [mn]
च
च [ind]
पयस्विनी
पयस्विनी [f]
अदेया
अदेय [adj]
नन्दिनीयं
नन्दिनी [f]
नन्दिनीयं
इदम् [pron]
मे
मद् [pron]
राज्येनापि
राज्य [n]
राज्येनापि
अपि [ind]
तवानघ
त्वद् [pron]
तवानघ
अनघ [adj]
क्षत्रियोऽहं भवान्विप्रस्तपःस्वाध्यायसाधनः । ब्राह्मणेषु कुतो वीर्यं प्रशान्तेषु धृतात्मसु ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
क्षत्रियो
क्षत्रिय [m]
ऽहं
मद् [pron]
भवान्
भवत् [adj]
विप्रस्तपःस्वाध्यायसाधनः
विप्र [m]
विप्रस्तपःस्वाध्यायसाधनः
तपस् [n]
विप्रस्तपःस्वाध्यायसाधनः
स्वाध्याय [m]
विप्रस्तपःस्वाध्यायसाधनः
साधन [n]
ब्राह्मणेषु
ब्राह्मण [m]
कुतो
कुतस् [ind]
वीर्यं
वीर्य [n]
प्रशान्तेषु
प्रशम् [1. P.]
धृतात्मसु
धृ [4. P.]
धृतात्मसु
आत्मन् [m]
अर्बुदेन गवां यस्त्वं न ददासि ममेप्सिताम् । स्वधर्मं न प्रहास्यामि नयिष्ये ते बलेन गाम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
अर्बुदेन
अर्बुद [mn]
गवां
गो [mf]
यस्त्वं
यद् [pron]
यस्त्वं
त्वद् [pron]
न
न [ind]
ददासि
दा [1. Ā.]
ममेप्सिताम्
मद् [pron]
ममेप्सिताम्
ईप्सय् [Desid. Ā.]
स्वधर्मं
स्वधर्म [m]
न
न [ind]
प्रहास्यामि
प्रहा [3. Ā.]
नयिष्ये
नी [2. P.]
ते
त्वद् [pron]
बलेन
बल [mn]
गाम्
गो [mf]
बलस्थश्चासि राजा च बाहुवीर्यश्च क्षत्रियः । यथेच्छसि तथा क्षिप्रं कुरु त्वं मा विचारय ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
बलस्थश्चासि
बलस्थ [m]
बलस्थश्चासि
च [ind]
बलस्थश्चासि
अस् [2. P.]
राजा
राजन् [m]
च
च [ind]
बाहुवीर्यश्च
बाहु [mf]
बाहुवीर्यश्च
वीर्य [n]
बाहुवीर्यश्च
च [ind]
क्षत्रियः
क्षत्रिय [m]
यथेच्छसि
यथा [ind]
यथेच्छसि
इष् [1. P.]
तथा
तथा [ind]
क्षिप्रं
क्षिप्रम् [ind]
कुरु
कृ [2. Ā.]
त्वं
त्वद् [pron]
मा
मा [ind]
विचारय
विचारय् [10. Ā.]
एवमुक्तस्तदा पार्थ विश्वामित्रो बलादिव । हंसचन्द्रप्रतीकाशां नन्दिनीं तां जहार गाम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
एवम्
एवम् [ind]
उक्तस्तदा
वच् [2. P.]
उक्तस्तदा
तदा [ind]
पार्थ
पार्थ [m]
विश्वामित्रो
विश्वामित्र [m]
बलाद्
बल [mn]
इव
इव [ind]
हंसचन्द्रप्रतीकाशां
हंस [m]
हंसचन्द्रप्रतीकाशां
चन्द्र [m]
हंसचन्द्रप्रतीकाशां
प्रतीकाश [m]
नन्दिनीं
नन्दिनी [f]
तां
तद् [pron]
जहार
हृ [2. P.]
गाम्
गो [mf]
कशादण्डप्रतिहता काल्यमाना ततस्ततः । हम्भायमाना कल्याणी वसिष्ठस्याथ नन्दिनी ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
कशादण्डप्रतिहता
कशा [f]
कशादण्डप्रतिहता
दण्ड [mn]
कशादण्डप्रतिहता
प्रतिहन् [4. Ā.]
काल्यमाना
कालय् [10. Ā.]
ततस्ततः
ततस् [ind]
ततस्ततः
ततस् [ind]
हम्भायमाना
हम्भाय् [Denom. Ā.]
कल्याणी
कल्याण [adj]
वसिष्ठस्याथ
वसिष्ठ [m]
वसिष्ठस्याथ
अथ [ind]
नन्दिनी
नन्दिनी [f]
आगम्याभिमुखी पार्थ तस्थौ भगवदुन्मुखी । भृशं च ताड्यमानापि न जगामाश्रमात्ततः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
आगम्याभिमुखी
आगम् [6. P.]
आगम्याभिमुखी
अभिमुख [adj]
पार्थ
पार्थ [m]
तस्थौ
स्था [1. Ā.]
भगवदुन्मुखी
भगवत् [adj]
भगवदुन्मुखी
उन्मुख [adj]
भृशं
भृशम् [ind]
च
च [ind]
ताड्यमानापि
ताडय् [10. Ā.]
ताड्यमानापि
अपि [ind]
न
न [ind]
जगामाश्रमात्
गम् [6. Ā.]
जगामाश्रमात्
आश्रम [mn]
ततः
ततस् [ind]
शृणोमि ते रवं भद्रे विनदन्त्याः पुनः पुनः । बलाद्ध्रियसि मे नन्दि क्षमावान्ब्राह्मणो ह्यहम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
शृणोमि
श्रु [4. P.]
ते
त्वद् [pron]
रवं
रव [m]
भद्रे
भद्र [adj]
विनदन्त्याः
विनद् [1. Ā.]
पुनः
पुनर् [ind]
पुनः
पुनर् [ind]
मे
मद् [pron]
नन्दि
नन्दी [f]
क्षमावान्
क्षमावत् [adj]
ब्राह्मणो
ब्राह्मण [m]
ह्यहम्
हि [ind]
ह्यहम्
मद् [pron]
सा तु तेषां बलान्नन्दी बलानां भरतर्षभ । विश्वामित्रभयोद्विग्ना वसिष्ठं समुपागमत् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
सा
तद् [pron]
तु
तु [ind]
तेषां
तद् [pron]
बलान्
बल [mn]
नन्दी
नन्दी [f]
बलानां
बल [mn]
भरतर्षभ
भरत [m]
भरतर्षभ
ऋषभ [m]
विश्वामित्रभयोद्विग्ना
विश्वामित्र [m]
विश्वामित्रभयोद्विग्ना
भय [n]
विश्वामित्रभयोद्विग्ना
उद्विज् [6. P.]
वसिष्ठं
वसिष्ठ [m]
समुपागमत्
समुपागम् [1. P.]
पाषाणदण्डाभिहतां क्रन्दन्तीं मामनाथवत् । विश्वामित्रबलैर्घोरैर्भगवन्किमुपेक्षसे ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
पाषाणदण्डाभिहतां
पाषाण [m]
पाषाणदण्डाभिहतां
दण्ड [mn]
पाषाणदण्डाभिहतां
अभिहन् [4. P.]
क्रन्दन्तीं
क्रन्द् [1. Ā.]
माम्
मद् [pron]
अनाथवत्
अनाथ [adj]
अनाथवत्
वत् [ind]
विश्वामित्रबलैर्
विश्वामित्र [m]
विश्वामित्रबलैर्
बल [mn]
घोरैर्
घोर [adj]
भगवन्
भगवत् [adj]
किम्
क [pron]
उपेक्षसे
उपेक्ष् [1. P.]
एवं तस्यां तदा पर्थ धर्षितायां महामुनिः । न चुक्षुभे न धैर्याच्च विचचाल धृतव्रतः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
एवं
एवम् [ind]
तस्यां
तद् [pron]
तदा
तदा [ind]
पार्थ
पार्थ [m]
धर्षितायां
धर्षय् [10. P.]
महामुनिः
महत् [adj]
महामुनिः
मुनि [m]
न
न [ind]
चुक्षुभे
क्षुभ् [1. Ā.]
न
न [ind]
धैर्याच्च
धैर्य [n]
धैर्याच्च
च [ind]
विचचाल
विचल् [1. Ā.]
धृतव्रतः
धृ [4. P.]
धृतव्रतः
व्रत [n]
क्षत्रियाणां बलं तेजो ब्राह्मणानां क्षमा बलम् । क्षमा मां भजते तस्माद्गम्यतां यदि रोचते ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
क्षत्रियाणां
क्षत्रिय [m]
बलं
बल [mn]
तेजो
तेजस् [n]
ब्राह्मणानां
ब्राह्मण [m]
क्षमा
क्षमा [f]
बलम्
बल [mn]
क्षमा
क्षम [adj]
मां
मद् [pron]
भजते
भज् [1. Ā.]
तस्माद्
तद् [pron]
गम्यतां
गम् [6. Ā.]
यदि
यदि [ind]
रोचते
रुच् [1. P.]
किं नु त्यक्तास्मि भगवन्यदेवं मां प्रभाषसे । अत्यक्ताहं त्वया ब्रह्मन्न शक्या नयितुं बलात् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
किं
क [pron]
नु
नु [ind]
त्यक्तास्मि
त्यज् [1. Ā.]
त्यक्तास्मि
अस् [2. P.]
भगवन्
भगवत् [adj]
यद्
यत् [ind]
एवं
एवम् [ind]
मां
मद् [pron]
प्रभाषसे
प्रभाष् [1. P.]
अत्यक्ताहं
अत्यक्त [adj]
अत्यक्ताहं
मद् [pron]
त्वया
त्वद् [pron]
ब्रह्मन्
ब्रह्मन् [m]
न
न [ind]
शक्या
शक्य [adj]
नयितुं
नी [2. P.]
बलात्
बल [mn]