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विक्रम संवत २०८३
रविवार · १ नवंबर २०२६
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आगामी कार्यक्रम 22 Nov 2026
Exploring Enduring Colonialism: Classical Presences and Modern Absences in Indian Philosophy
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সাহিত্যিক ও চিন্তক

डॉ. प्रकाश कुमार पोद्दार

आनुपूर्वी में साहित्य, दर्शन एवं विचारपरक रचनाओं के लेखक। नीचे लेखक की प्रकाशित रचनाएँ संकलित हैं।

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डॉ. प्रकाश कुमार पोद्दार की रचनाएँ

1 रचनाएँ उपलब्ध
हो जाता जीवन धन्य-धन्य
मुक्त पाठ
कविता 2 मिनट

हो जाता जीवन धन्य-धन्य

इस कविता का मुख्य भाव संकट के समय मिलने वाली राहत, संतोष और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण है। कवि यह दर्शाना चाहते हैं कि जब मनुष्य जीवन के संघर्षों, दुखों, अभावों और विकृतियों से घिरकर पूरी तरह हताश हो जाता है, तब जीवन में मिलने वाली थोड़ी सी भी राहत (चाहे वह सुख का समंदर हो, वर्षा हो, सच्चे संबंध हों या अंतरात्मा की पुकार हो) जीवन को कृतज्ञता और धन्य-धन्य भाव से भर देती है। यह कविता प्रतिकूल परिस्थितियों में भी आशा की किरण तलाशने की प्रेरणा देती है।