१. हमारा मूल दर्शन एवं उद्देश्य
समसामयिक राजनीतिक सतहीपन और अंतर्जाल की उथली संवेदना के युग में दीर्घकालिक चिंतन, गहन समाज-विश्लेषण और साहित्यिक सौंदर्यशास्त्र का एक विशिष्ट मंच निर्मित करना ‘आनुपूर्वी’ पत्रिका का प्रधान लक्ष्य है। पूर्वम (Poorvam) के तत्वावधान में प्रकाशित यह पत्रिका प्रतिष्ठित निबंधकारों, नवोदित विचारकों, कवियों और शोधकर्ताओं को एक साझी साहित्यिक चौपाल प्रदान करती है।
२. प्रमुख श्रेणियाँ
- धारावाहिक : धारावाहिक उपन्यास, दीर्घ आख्यान एवं शृंखलाबद्ध साहित्य।
- निबंध : सिद्धांत, दर्शन, सौंदर्यशास्त्र, इतिहास एवं समाज-चिंतन पर मौलिक निबंध।
- लेख : समसामयिक विषय, साहित्य एवं संस्कृति के तथ्यपरक आलेख।
- कविता : पारंपरिक एवं आधुनिक प्रयोगात्मक कविताएँ व काव्य-पंक्तियाँ।
- अनुवाद : विश्व साहित्य, शास्त्रीय साहित्य एवं समकालीन कृतियों के श्रेष्ठ अनुवाद।
- कहानी : मौलिक लघुकथाएँ, कहानियाँ एवं विचारशील कथा साहित्य।
- यात्रा-वृत्तांत : देश-विदेश के मार्ग, प्रकृति एवं जनजीवन के सजीव यात्रा संस्मरण।
- विज्ञान : वैज्ञानिक चिंतन, प्रकृति, पर्यावरण, तकनीक एवं खगोल विज्ञान।
- साक्षात्कार : विशिष्ट साहित्यकारों, कलाकारों, विचारकों एवं विभूतियों से संवाद।
- समीक्षा : पुस्तकों, चलचित्रों एवं कला-कृतियों की निष्पक्ष साहित्यिक समीक्षा।
३. मुक्त अभिगम्यता नीति (Open Access)
हमारा विश्वास है कि ज्ञान और साहित्य सर्वजनीय हैं। ‘आनुपूर्वी’ पत्रिका की समस्त रचनाएँ डिजिटल माध्यम में सर्वसाधारण के लिए मुक्त (Open Access) उपलब्ध हैं और मुद्रित संकलन भी नियमित रूप से पाठकों तक पहुँचाया जाता है।