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Ch. 11 SP 11.776
Full Chapter
SP • Chapter 11: Prakāśa 11: रसावियोगप्रकाशनप्रकाशः

SP 11.776

Canonical Ref: SP 11.776
Sanskrit (Devanāgarī)
अत्र श्लाघ्यविशेषणयोग उदात्तत्वमिति शब्दगुणे अर्थप्राकट्यं प्रसादः, विशेष्यानुपादानादसम्पूर्णवाक्यता नेयत्वमिति दोषगुणश्च नोल्लिखति, विभाव्यमानस्तु प्रतीयते। ज्ञापकहेत्वर्थालङ्कारे 'तासां त्व प्रभव' इति कारकहेतुरर्थालङ्कारः क्रमरचनेति शब्दालङ्कार १नोल्लिखति विभाव्यमानस्तु प्रतीयते। प्रेयसि रसे विस्मयप्रकर्षो हर्षोत्कर्षं (र्षश्च?) नोल्लिखति विभाव्यमानस्तु प्रतीयते। एवं
Canonical CTS URN Reference
Śṛṅgāraprakāśa of Bhoja, SP 11.776. Poorvam Open Research Engine (PORE) Corpus.
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