Sabhāparva Adhyāya 41
सभापर्व • अध्यायः 41
Sabhāparva Adhyāya 41 of the classical Mahābhārata with 34 verses.
Total: 34 Verses
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250 Lexicon Terms
नैषा चेदिपतेर्बुद्धिर्यया त्वाह्वयतेऽच्युतम् । नूनमेष जगद्भर्तुः कृष्णस्यैव विनिश्चयः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
नैषा
न [ind]
नैषा
एतद् [pron]
चेदिपतेर्
चेदि [m]
चेदिपतेर्
पति [m]
बुद्धिर्
बुद्धि [f]
यया
यद् [pron]
त्वाह्वयते
त्वद् [pron]
त्वाह्वयते
आह्वा [4. Ā.]
ऽच्युतम्
अच्युत [m]
नूनम्
नूनम् [ind]
एष
एतद् [pron]
जगद्भर्तुः
जगन्त् [n]
जगद्भर्तुः
भर्तृ [m]
कृष्णस्यैव
कृष्ण [m]
कृष्णस्यैव
एव [ind]
विनिश्चयः
विनिश्चय [m]
को हि मां भीमसेनाद्य क्षितावर्हति पार्थिवः । क्षेप्तुं दैवपरीतात्मा यथैष कुलपांसनः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
को
क [pron]
हि
हि [ind]
मां
मद् [pron]
भीमसेनाद्य
भीमसेन [m]
भीमसेनाद्य
अद्य [ind]
क्षितावर्हति
क्षिति [f]
क्षितावर्हति
अर्ह् [1. Ā.]
पार्थिवः
पार्थिव [m]
क्षेप्तुं
क्षिप् [6. Ā.]
दैवपरीतात्मा
दैव [n]
दैवपरीतात्मा
परी [2. Ā.]
दैवपरीतात्मा
आत्मन् [m]
यथैष
यथा [ind]
यथैष
एतद् [pron]
कुलपांसनः
कुल [n]
कुलपांसनः
पांसन [adj]
एष ह्यस्य महाबाहो तेजोंशश्च हरेर्ध्रुवम् । तमेव पुनरादातुमिच्छत्पृथुयशा हरिः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
एष
एतद् [pron]
ह्यस्य
हि [ind]
ह्यस्य
इदम् [pron]
महाबाहो
महत् [adj]
महाबाहो
बाहु [mf]
तेजोऽंशश्च
तेजस् [n]
तेजोऽंशश्च
अंश [m]
तेजोऽंशश्च
च [ind]
हरेर्ध्रुवम्
हरि [m]
हरेर्ध्रुवम्
ध्रुवम् [ind]
तम्
तद् [pron]
एव
एव [ind]
पुनर्
पुनर् [ind]
आदातुम्
आदा [4. Ā.]
इच्छत्
इष् [1. P.]
पृथुयशा
पृथु [adj]
पृथुयशा
यशस् [n]
हरिः
हरि [m]
येनैष कुरुशार्दूल शार्दूल इव चेदिराट् । गर्जत्यतीव दुर्बुद्धिः सर्वानस्मानचिन्तयन् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
स्मृत्वा
स्मृ [1. Ā.]
पुरुषशार्दूल
पुरुष [m]
पुरुषशार्दूल
शार्दूल [m]
शार्दूलसमविक्रमम्
शार्दूल [m]
शार्दूलसमविक्रमम्
सम [pron]
शार्दूलसमविक्रमम्
विक्रम [m]
गर्जत्यतीव
गर्ज् [1. Ā.]
गर्जत्यतीव
अतीव [ind]
दुर्बुद्धिः
दुर्बुद्धि [adj]
सर्वान्
सर्व [pron]
अस्मान्
मद् [pron]
अचिन्तयन्
अ [ind]
अचिन्तयन्
चिन्तय् [10. Ā.]
ततो न ममृषे चैद्यस्तद्भीष्मवचनं तदा । उवाच चैनं संक्रुद्धः पुनर्भीष्ममथोत्तरम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
ततो
ततस् [ind]
न
न [ind]
ममृषे
मृष् [2. P.]
चैद्यस्तद्
चैद्य [m]
चैद्यस्तद्
तद् [pron]
भीष्मवचनं
भीष्म [m]
भीष्मवचनं
वचन [n]
तदा
तदा [ind]
उवाच
वच् [2. P.]
चैनं
च [ind]
चैनं
एनद् [pron]
संक्रुद्धः
संक्रुध् [4. Ā.]
पुनर्
पुनर् [ind]
भीष्मम्
भीष्म [m]
अथोत्तरम्
अथ [ind]
अथोत्तरम्
उत्तर [n]
द्विषतां नोऽस्तु भीष्मैष प्रभावः केशवस्य यः । यस्य संस्तववक्ता त्वं बन्दिवत्सततोत्थितः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
द्विषतां
द्विष् [1. P.]
नो
मद् [pron]
ऽस्तु
अस् [2. P.]
भीष्मैष
भीष्म [m]
भीष्मैष
एतद् [pron]
प्रभावः
प्रभाव [m]
केशवस्य
केशव [m]
यः
यद् [pron]
यस्य
यद् [pron]
संस्तववक्ता
संस्तव [m]
संस्तववक्ता
वक्तृ [m]
त्वं
त्वद् [pron]
बन्दिवत्
बन्दिन् [m]
बन्दिवत्
वत् [ind]
सततोत्थितः
सतत [adj]
सततोत्थितः
उत्था [1. Ā.]
संस्तवाय मनो भीष्म परेषां रमते सदा । यदि संस्तौषि राज्ञस्त्वमिमं हित्वा जनार्दनम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
संस्तवाय
संस्तव [m]
मनो
मनस् [n]
भीष्म
भीष्म [m]
परेषां
पर [pron]
रमते
रम् [4. Ā.]
सदा
सदा [ind]
यदि
यदि [ind]
संस्तौषि
संस्तु [5. P.]
राज्ञस्त्वम्
राजन् [m]
राज्ञस्त्वम्
त्वद् [pron]
इमं
इदम् [pron]
हित्वा
हा [1. P.]
जनार्दनम्
जनार्दन [m]
दरदं स्तुहि बाह्लीकमिमं पार्थिवसत्तमम् । जायमानेन येनेयमभवद्दारिता मही ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
दरदं
दरद [m]
स्तुहि
स्तु [1. Ā.]
बाह्लीकम्
वाह्लीक [m]
इमं
इदम् [pron]
पार्थिवसत्तमम्
पार्थिव [m]
पार्थिवसत्तमम्
सत्तम [adj]
जायमानेन
जन् [4. P.]
येनेयम्
यद् [pron]
येनेयम्
इदम् [pron]
अभवद्
भू [1. Ā.]
दारिता
दारय् [10. Ā.]
मही
मही [f]
वङ्गाङ्गविषयाध्यक्षं सहस्राक्षसमं बले । स्तुहि कर्णमिमं भीष्म महाचापविकर्षणम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
वङ्गाङ्गविषयाध्यक्षं
वङ्ग [m]
वङ्गाङ्गविषयाध्यक्षं
अङ्ग [m]
वङ्गाङ्गविषयाध्यक्षं
विषय [mn]
वङ्गाङ्गविषयाध्यक्षं
अध्यक्ष [m]
सहस्राक्षसमं
सहस्राक्ष [m]
सहस्राक्षसमं
सम [pron]
बले
बल [mn]
स्तुहि
स्तु [1. Ā.]
कर्णम्
कर्ण [m]
इमं
इदम् [pron]
भीष्म
भीष्म [m]
महाचापविकर्षणम्
महत् [adj]
महाचापविकर्षणम्
चाप [mn]
महाचापविकर्षणम्
विकर्षण [adj]
द्रोणं द्रौणिं च साधु त्वं पितापुत्रौ महारथौ । स्तुहि स्तुत्याविमौ भीष्म सततं द्विजसत्तमौ ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
द्रोणं
द्रोण [m]
द्रौणिं
द्रौणि [m]
च
च [ind]
साधु
साधु [adj]
त्वं
त्वद् [pron]
पितापुत्रौ
पितापुत्र [m]
महारथौ
महत् [adj]
महारथौ
रथ [m]
स्तुहि
स्तु [1. Ā.]
स्तुत्याविमौ
स्तु [1. Ā.]
स्तुत्याविमौ
इदम् [pron]
भीष्म
भीष्म [m]
सततं
सततम् [ind]
द्विजसत्तमौ
द्विजसत्तम [m]
ययोरन्यतरो भीष्म संक्रुद्धः सचराचराम् । इमां वसुमतीं कुर्यादशेषामिति मे मतिः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
ययोर्
यद् [pron]
अन्यतरो
अन्यतर [pron]
भीष्म
भीष्म [m]
संक्रुद्धः
संक्रुध् [4. Ā.]
सचराचराम्
स [ind]
सचराचराम्
चराचर [n]
इमां
इदम् [pron]
वसुमतीं
वसुमती [f]
कुर्याद्
कृ [2. Ā.]
अशेषाम्
अशेष [adj]
इति
इति [ind]
मे
मद् [pron]
मतिः
मति [f]
द्रोणस्य हि समं युद्धे न पश्यामि नराधिपम् । अश्वत्थाम्नस्तथा भीष्म न चैतौ स्तोतुमिच्छसि ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
द्रोणस्य
द्रोण [m]
हि
हि [ind]
समं
सम [pron]
युद्धे
युद्ध [n]
न
न [ind]
पश्यामि
दृश् [6. P.]
नराधिपम्
नराधिप [m]
अश्वत्थाम्नस्तथा
अश्वत्थामन् [m]
अश्वत्थाम्नस्तथा
तथा [ind]
भीष्म
भीष्म [m]
न
न [ind]
चैतौ
च [ind]
चैतौ
एतद् [pron]
स्तोतुम्
स्तु [1. Ā.]
इच्छसि
इष् [1. P.]
शल्यादीनपि कस्मात्त्वं न स्तौषि वसुधाधिपान् । स्तवाय यदि ते बुद्धिर्वर्तते भीष्म सर्वदा ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
शल्यादीन्
शल्य [m]
शल्यादीन्
आदि [m]
अपि
अपि [ind]
कस्मात्
कस्मात् [ind]
त्वं
त्वद् [pron]
न
न [ind]
स्तौषि
स्तु [1. Ā.]
वसुधाधिपान्
वसुधाधिप [m]
यदि
यदि [ind]
ते
त्वद् [pron]
श्रवणे
श्रवण [n]
बुद्धिर्
बुद्धि [f]
वर्तते
वृत् [3. P.]
भरतर्षभ
भरत [m]
भरतर्षभ
ऋषभ [m]
किं हि शक्यं मया कर्तुं यद्वृद्धानां त्वया नृप । पुरा कथयतां नूनं न श्रुतं धर्मवादिनाम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
किं
क [pron]
हि
हि [ind]
शक्यं
शक् [4. P.]
मया
मद् [pron]
कर्तुं
कृ [2. Ā.]
यद्
यत् [ind]
वृद्धानां
वृद्ध [adj]
त्वया
त्वद् [pron]
नृप
नृप [m]
पुरा
पुरा [ind]
कथयतां
कथय् [10. Ā.]
नूनं
नूनम् [ind]
न
न [ind]
श्रुतं
श्रु [4. P.]
धर्मवादिनाम्
धर्म [mn]
धर्मवादिनाम्
वादिन् [adj]
आत्मनिन्दात्मपूजा च परनिन्दा परस्तवः । अनाचरितमार्याणां वृत्तमेतच्चतुर्विधम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
आत्मनिन्दात्मपूजा
आत्मन् [m]
आत्मनिन्दात्मपूजा
निन्दा [f]
आत्मनिन्दात्मपूजा
आत्मन् [m]
आत्मनिन्दात्मपूजा
पूजा [f]
च
च [ind]
परनिन्दा
पर [pron]
परनिन्दा
निन्दा [f]
परस्तवः
पर [pron]
परस्तवः
स्तव [m]
अनाचरितम्
अन् [ind]
अनाचरितम्
आचर् [1. Ā.]
आर्याणां
आर्य [adj]
वृत्तम्
वृत्त [n]
एतच्चतुर्विधम्
एतद् [pron]
एतच्चतुर्विधम्
चतुर्विध [adj]
यदस्तव्यमिमं शश्वन्मोहात्संस्तौषि भक्तितः । केशवं तच्च ते भीष्म न कश्चिदनुमन्यते ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
यद्
यत् [ind]
अस्तव्यम्
अ [ind]
अस्तव्यम्
स्तु [1. Ā.]
इमं
इदम् [pron]
शश्वन्मोहात्
शश्वत् [ind]
शश्वन्मोहात्
मोह [m]
संस्तौषि
संस्तु [5. P.]
भक्तितः
भक्ति [f]
केशवं
केशव [m]
तच्च
तद् [pron]
तच्च
च [ind]
ते
त्वद् [pron]
भीष्म
भीष्म [m]
न
न [ind]
कश्चिद्
कश्चित् [pron]
अनुमन्यते
अनुमन् [8. Ā.]
कथं भोजस्य पुरुषे वर्गपाले दुरात्मनि । समावेशयसे सर्वं जगत्केवलकाम्यया ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
कथं
कथम् [ind]
भोजस्य
भोज [m]
पुरुषे
पुरुष [m]
वर्गपाले
वर्ग [m]
वर्गपाले
पाल [m]
दुरात्मनि
दुरात्मन् [adj]
समावेशयसे
समावेशय् [10. Ā.]
सर्वं
सर्व [pron]
जगत्
जगन्त् [n]
केवलकाम्यया
केवल [adj]
केवलकाम्यया
काम्या [f]
अथ वैषा न ते भक्तिः प्रकृतिं याति भारत । मयैव कथितं पूर्वं भूलिङ्गशकुनिर्यथा ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
अथ
अथ [ind]
वैषा
वा [ind]
वैषा
एतद् [pron]
न
न [ind]
ते
त्वद् [pron]
भक्तिः
भक्ति [f]
याति
या [2. Ā.]
भारत
भारत [m]
प्रकृतिं
प्रकृति [f]
यान्ति
या [2. Ā.]
भूतानि
भूत [mn]
भूलिङ्गशकुनिर्
भूलिङ्ग [m]
भूलिङ्गशकुनिर्
शकुनि [m]
यथा
यथा [ind]
भूलिङ्गशकुनिर्नाम पार्श्वे हिमवतः परे । भीष्म तस्याः सदा वाचः श्रूयन्तेऽर्थविगर्हिताः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
भूलिङ्गशकुनिर्
भूलिङ्ग [m]
भूलिङ्गशकुनिर्
शकुनि [m]
नाम
नाम [ind]
पार्श्वे
पार्श्व [mn]
हिमवतः
हिमवन्त् [m]
परे
पर [pron]
भीष्म
भीष्म [m]
तस्याः
तद् [pron]
सदा
सदा [ind]
वाचः
वाच् [f]
श्रूयन्ते
श्रु [4. P.]
ऽर्थविगर्हिताः
अर्थ [mn]
ऽर्थविगर्हिताः
विगर्ह् [1. P.]
मा साहसमितीदं सा सततं वाशते किल । साहसं चात्मनातीव चरन्ती नावबुध्यते ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
मा
मा [ind]
साहसम्
साहस [n]
इतीदं
इति [ind]
इतीदं
इदम् [pron]
सा
तद् [pron]
सततं
सततम् [ind]
वाशते
वाश् [1. Ā.]
किल
किल [ind]
साहसं
साहस [n]
चात्मनातीव
च [ind]
चात्मनातीव
आत्मन् [m]
चात्मनातीव
अतीव [ind]
चरन्ती
चर् [1. Ā.]
नावबुध्यते
न [ind]
नावबुध्यते
अवबुध् [4. P.]
सा हि मांसार्गलं भीष्म मुखात्सिंहस्य खादतः । दन्तान्तरविलग्नं यत्तदादत्तेऽल्पचेतना ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
सा
तद् [pron]
हि
हि [ind]
मांसार्गलं
मांसार्गल [mn]
भीष्म
भीष्म [m]
मुखात्
मुख [n]
सिंहस्य
सिंह [m]
खादतः
खाद् [1. Ā.]
दन्तान्तरविलग्नं
दन्त [mn]
दन्तान्तरविलग्नं
अन्तर [n]
दन्तान्तरविलग्नं
विलग् [1. P.]
यत्
यद् [pron]
तद्
तद् [pron]
आदत्ते
आदा [4. Ā.]
ऽल्पचेतना
अल्प [adj]
ऽल्पचेतना
चेतना [f]
इच्छतः सा हि सिंहस्य भीष्म जीवत्यसंशयम् । तद्वत्त्वमप्यधर्मज्ञ सदा वाचः प्रभाषसे ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
इच्छतः
इष् [1. P.]
सा
तद् [pron]
हि
हि [ind]
सिंहस्य
सिंह [m]
भीष्म
भीष्म [m]
जीवत्यसंशयम्
जीव् [1. Ā.]
जीवत्यसंशयम्
असंशयम् [ind]
तद्वत्
तद्वत् [ind]
त्वम्
त्वद् [pron]
अप्यधर्मज्ञ
अपि [ind]
अप्यधर्मज्ञ
अ [ind]
अप्यधर्मज्ञ
धर्म [mn]
अप्यधर्मज्ञ
ज्ञ [adj]
सदा
सदा [ind]
वाचः
वाच् [f]
प्रभाषसे
प्रभाष् [1. P.]
इच्छतां पार्थिवेन्द्राणां भीष्म जीवस्यसंशयम् । लोकविद्विष्टकर्मा हि नान्योऽस्ति भवता समः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
विप्रियं
विप्रिय [n]
पार्थिवेन्द्राणां
पार्थिव [m]
पार्थिवेन्द्राणां
इन्द्र [m]
नैष
न [ind]
नैष
एतद् [pron]
वध्यः
वध् [4. P.]
कथंचन
कथंचन [ind]
लोकविद्विष्टकर्मा
लोक [m]
लोकविद्विष्टकर्मा
विद्विष् [6. Ā.]
लोकविद्विष्टकर्मा
कर्मन् [n]
हि
हि [ind]
नान्यो
न [ind]
नान्यो
अन्य [pron]
ऽस्ति
अस् [2. P.]
भवता
भवत् [adj]
समः
सम [pron]
ततश्चेदिपतेः श्रुत्वा भीष्मः स कटुकं वचः । उवाचेदं वचो राजंश्चेदिराजस्य शृण्वतः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
ततश्चेदिपतेः
ततस् [ind]
ततश्चेदिपतेः
चेदि [m]
ततश्चेदिपतेः
पति [m]
श्रुत्वा
श्रु [4. P.]
भीष्मः
भीष्म [m]
स
तद् [pron]
कटुकं
कटुक [adj]
वचः
वचस् [n]
उवाचेदं
वच् [2. P.]
उवाचेदं
इदम् [pron]
वचो
वचस् [n]
राजंश्चेदिराजस्य
राजन् [m]
राजंश्चेदिराजस्य
चेदि [m]
राजंश्चेदिराजस्य
राज [m]
शृण्वतः
श्रु [4. P.]
इच्छतां किल नामाहं जीवाम्येषां महीक्षिताम् । योऽहं न गणयाम्येतांस्तृणानीव नराधिपान् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
इच्छतां
इष् [1. P.]
किल
किल [ind]
नामाहं
नाम [ind]
नामाहं
मद् [pron]
जीवाम्येषां
जीव् [1. Ā.]
जीवाम्येषां
इदम् [pron]
महीक्षिताम्
महीक्षित् [m]
यो
यद् [pron]
ऽहं
मद् [pron]
न
न [ind]
गणयाम्येतांस्तृणानीव
गणय् [10. Ā.]
गणयाम्येतांस्तृणानीव
एतद् [pron]
गणयाम्येतांस्तृणानीव
तृण [n]
गणयाम्येतांस्तृणानीव
इव [ind]
नराधिपान्
नराधिप [m]
एवमुक्ते तु भीष्मेण ततः संचुक्रुधुर्नृपाः । केचिज्जहृषिरे तत्र केचिद्भीष्मं जगर्हिरे ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
एवम्
एवम् [ind]
उक्ते
वच् [2. P.]
तु
तु [ind]
भीष्मेण
भीष्म [m]
ततः
ततस् [ind]
संचुक्रुधुर्
संक्रुध् [4. Ā.]
नृपाः
नृप [m]
केचिज्जहृषिरे
कश्चित् [pron]
केचिज्जहृषिरे
हृष् [1. P.]
तत्र
तत्र [ind]
केचिद्
कश्चित् [pron]
भीष्मं
भीष्म [m]
जगर्हिरे
गर्ह् [1. P.]
केचिदूचुर्महेष्वासाः श्रुत्वा भीष्मस्य तद्वचः । पापोऽवलिप्तो वृद्धश्च नायं भीष्मोऽर्हति क्षमाम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
ततः
ततस् [ind]
स
तद् [pron]
राक्षसः
राक्षस [m]
श्रुत्वा
श्रु [4. P.]
भीमसेनस्य
भीमसेन [m]
तद्
तद् [pron]
वचः
वचस् [n]
पापो
पाप [adj]
ऽवलिप्तो
अवलिप्त [adj]
वृद्धश्च
वृद्ध [adj]
वृद्धश्च
च [ind]
नायं
न [ind]
नायं
इदम् [pron]
भीष्मो
भीष्म [m]
ऽर्हति
अर्ह् [1. Ā.]
क्षमाम्
क्षमा [f]
हन्यतां दुर्मतिर्भीष्मः पशुवत्साध्वयं नृपैः । सर्वैः समेत्य संरब्धैर्दह्यतां वा कटाग्निना ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
हन्यतां
हन् [6. P.]
दुर्मतिर्
दुर्मति [adj]
भीष्मः
भीष्म [m]
पशुवत्
पशु [m]
पशुवत्
वत् [ind]
साध्वयं
साधु [adj]
साध्वयं
इदम् [pron]
नृपैः
नृप [m]
सर्वैः
सर्व [pron]
समेत्य
समे [2. P.]
संरब्धैर्
संरभ् [1. Ā.]
दह्यतां
दह् [2. P.]
वा
वा [ind]
कटाग्निना
कटाग्नि [m]
इति तेषां वचः श्रुत्वा ततः कुरुपितामहः । उवाच मतिमान्भीष्मस्तानेव वसुधाधिपान् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
उवाचेदं
वच् [2. P.]
उवाचेदं
इदम् [pron]
वचो
वचस् [n]
भीष्मस्ततः
भीष्म [m]
भीष्मस्ततः
ततस् [ind]
कुरुपितामहः
कुरु [m]
कुरुपितामहः
पितामह [m]
उवाच
वच् [2. P.]
मतिमान्
मतिमत् [adj]
भीष्मस्तान्
भीष्म [m]
भीष्मस्तान्
तद् [pron]
एव
एव [ind]
वसुधाधिपान्
वसुधाधिप [m]
उक्तस्योक्तस्य नेहान्तमहं समुपलक्षये । यत्तु वक्ष्यामि तत्सर्वं शृणुध्वं वसुधाधिपाः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
उक्तस्योक्तस्य
वच् [2. P.]
उक्तस्योक्तस्य
वच् [2. P.]
नेहान्तम्
न [ind]
नेहान्तम्
इह [ind]
नेहान्तम्
अन्त [m]
अहं
मद् [pron]
समुपलक्षये
समुपलक्षय् [10. Ā.]
यत्
यद् [pron]
तु
तु [ind]
वक्ष्यामि
वच् [2. P.]
तत्
तद् [pron]
सर्वं
सर्व [pron]
शृणुध्वं
श्रु [4. P.]
वसुधाधिपाः
वसुधाधिप [m]
पशुवद्घातनं वा मे दहनं वा कटाग्निना । क्रियतां मूर्ध्नि वो न्यस्तं मयेदं सकलं पदम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
पशुवद्
पशु [m]
पशुवद्
वत् [ind]
घातनं
घातन [n]
वा
वा [ind]
मे
मद् [pron]
दहनं
दहन [n]
वा
वा [ind]
कटाग्निना
कटाग्नि [m]
क्रियतां
कृ [2. Ā.]
मूर्ध्नि
मूर्धन् [m]
वो
त्वद् [pron]
न्यस्तं
न्यस् [2. P.]
मयेदं
मद् [pron]
मयेदं
इदम् [pron]
सकलं
सकल [adj]
पदम्
पद [mn]
एष तिष्ठति गोविन्दः पूजितोऽस्माभिरच्युतः । यस्य वस्त्वरते बुद्धिर्मरणाय स माधवम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
एष
एतद् [pron]
तिष्ठति
स्था [1. Ā.]
गोविन्दः
गोविन्द [m]
पूजितो
पूजय् [10. Ā.]
ऽस्माभिर्
मद् [pron]
अच्युतः
अच्युत [m]
यस्य
यद् [pron]
वस्त्वरते
त्वद् [pron]
वस्त्वरते
त्वर् [1. P.]
बुद्धिर्
बुद्धि [f]
मरणाय
मरण [n]
स
स [ind]
माधवम्
माधव [m]
कृष्णमाह्वयतामद्य युद्धे शार्ङ्गगदाधरम् । यावदस्यैव देवस्य देहं विशतु पातितः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
कृष्णम्
कृष्ण [m]
आह्वयताम्
आह्वा [4. Ā.]
अद्य
अद्य [ind]
युद्धे
युद्ध [n]
शार्ङ्गगदाधरम्
शार्ङ्ग [n]
शार्ङ्गगदाधरम्
गदा [f]
शार्ङ्गगदाधरम्
धर [adj]
यावद्
यावत् [ind]
अस्यैव
इदम् [pron]
अस्यैव
एव [ind]
देवस्य
देव [m]
देहं
देह [mn]
विशतु
विश् [4. P.]
पातितः
पातय् [10. Ā.]