Ādiparva Adhyāya 192
आदिपर्व • अध्यायः 192
Ādiparva Adhyāya 192 of the classical Mahābhārata with 30 verses.
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250 Lexicon Terms
ततो राज्ञां चरैराप्तैश्चारः समुपनीयत । पाण्डवैरुपसंपन्ना द्रौपदी पतिभिः शुभा ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
ततो
ततस् [ind]
राज्ञां
राजन् [m]
चरैर्
चर [m]
आप्तैश्चारः
आप्त [adj]
आप्तैश्चारः
चार [m]
समुपनीयत
समुपनी [1. P.]
पाण्डवैर्
पाण्डव [m]
उपसंपन्ना
उपसंपद् [4. Ā.]
द्रौपदी
द्रौपदी [f]
पतिभिः
पति [m]
शुभा
शुभ [adj]
येन तद्धनुरायम्य लक्ष्यं विद्धं महात्मना । सोऽर्जुनो जयतां श्रेष्ठो महाबाणधनुर्धरः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
येन
यद् [pron]
तद्
तद् [pron]
धनुर्
धनुस् [n]
आयम्य
आयम् [6. P.]
लक्ष्यं
लक्ष्य [n]
विद्धं
व्यध् [4. Ā.]
महात्मना
महात्मन् [adj]
अर्जुनो
अर्जुन [m]
जयतां
जि [9. P.]
श्रेष्ठः
श्रेष्ठ [adj]
यः शल्यं मद्रराजानमुत्क्षिप्याभ्रामयद्बली । त्रासयंश्चापि संक्रुद्धो वृक्षेण पुरुषान्रणे ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
यः
यद् [pron]
शल्यं
शल्य [m]
मद्रराजानम्
मद्र [m]
मद्रराजानम्
राजन् [m]
उत्क्षिप्याभ्रामयद्
उत्क्षिप् [6. P.]
उत्क्षिप्याभ्रामयद्
भ्रामय् [10. Ā.]
बली
बलिन् [adj]
त्रासयंश्चापि
त्रासय् [10. Ā.]
त्रासयंश्चापि
च [ind]
त्रासयंश्चापि
अपि [ind]
संक्रुद्धो
संक्रुध् [4. Ā.]
वृक्षेण
वृक्ष [m]
पुरुषान्
पुरुष [m]
रणे
रण [m]
न चापि संभ्रमः कश्चिदासीत्तत्र महात्मनः । स भीमो भीमसंस्पर्शः शत्रुसेनाङ्गपातनः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
न
न [ind]
चापि
च [ind]
चापि
अपि [ind]
संभ्रमः
सम्भ्रम [m]
कश्चिद्
कश्चित् [pron]
आसीत्
अस् [2. P.]
तत्र
तत्र [ind]
महात्मनः
महात्मन् [adj]
स
तद् [pron]
भीमो
भीम [m]
भीमसंस्पर्शः
भीम [adj]
भीमसंस्पर्शः
संस्पर्श [m]
शत्रुसेनाङ्गपातनः
शत्रु [m]
शत्रुसेनाङ्गपातनः
सेना [f]
शत्रुसेनाङ्गपातनः
अङ्ग [n]
शत्रुसेनाङ्गपातनः
पातन [adj]
ब्रह्मरूपधराञ्श्रुत्वा पाण्डुराजसुतांस्तदा । कौन्तेयान्मनुजेन्द्राणां विस्मयः समजायत ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
ब्रह्मरूपधराञ्
ब्रह्मन् [m]
ब्रह्मरूपधराञ्
रूप [n]
ब्रह्मरूपधराञ्
धर [adj]
श्रुत्वा
श्रु [4. P.]
पाण्डुराजसुतांस्तदा
पाण्डु [m]
पाण्डुराजसुतांस्तदा
राजन् [m]
पाण्डुराजसुतांस्तदा
सुत [m]
पाण्डुराजसुतांस्तदा
तदा [ind]
कौन्तेयान्
कौन्तेय [m]
मनुजेन्द्राणां
मनुज [m]
मनुजेन्द्राणां
इन्द्र [m]
विस्मयः
विस्मय [m]
समजायत
संजन् [4. Ā.]
सपुत्रा हि पुरा कुन्ती दग्धा जतुगृहे श्रुता । पुनर्जातानिति स्मैतान्मन्यन्ते सर्वपार्थिवाः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
सपुत्रा
स [ind]
सपुत्रा
पुत्र [m]
हि
हि [ind]
पुरा
पुरा [ind]
कुन्ती
कुन्ती [f]
दग्धा
दह् [2. P.]
जतुगृहे
जतु [mn]
जतुगृहे
गृह [mn]
श्रुता
श्रु [4. P.]
स्पर्धमानास्तदान्योन्यं
स्पृध् [6. P.]
स्पर्धमानास्तदान्योन्यं
तदा [ind]
स्पर्धमानास्तदान्योन्यं
अन्योन्य [adj]
निषेदुः
निषद् [1. Ā.]
सर्वपार्थिवाः
सर्व [pron]
सर्वपार्थिवाः
पार्थिव [m]
धिक्कुर्वन्तस्तदा भीष्मं धृतराष्ट्रं च कौरवम् । कर्मणा सुनृशंसेन पुरोचनकृतेन वै ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
धिक्
धिक् [ind]
कुर्वन्तस्तदा
कृ [2. Ā.]
कुर्वन्तस्तदा
तदा [ind]
भीष्मं
भीष्म [m]
धृतराष्ट्रं
धृतराष्ट्र [m]
च
च [ind]
कौरवम्
कौरव [m]
कर्मणा
कर्मन् [n]
सुनृशंसेन
सु [ind]
सुनृशंसेन
नृशंस [adj]
पुरोचनकृतेन
पुरोचन [m]
पुरोचनकृतेन
कृ [2. Ā.]
वै
वै [ind]
वृत्ते स्वयंवरे चैव राजानः सर्व एव ते । यथागतं विप्रजग्मुर्विदित्वा पाण्डवान्वृतान् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
वृत्ते
वृत् [3. P.]
स्वयंवरे
स्वयंवर [mn]
चैव
च [ind]
चैव
एव [ind]
राजानः
राजन् [m]
सर्व
सर्व [pron]
एव
एव [ind]
ते
तद् [pron]
यथागतं
यथागत [adj]
विप्रजग्मुर्
विप्रगम् [1. P.]
विदित्वा
विद् [6. Ā.]
पाण्डवान्
पाण्डव [m]
वृतान्
वृ [5. Ā.]
अथ दुर्योधनो राजा विमना भ्रातृभिः सह । अश्वत्थाम्ना मातुलेन कर्णेन च कृपेण च ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
अथ
अथ [ind]
दुर्योधनस्तत्र
दुर्योधन [m]
दुर्योधनस्तत्र
तत्र [ind]
भ्रातृभिः
भ्रातृ [m]
सह
सह [ind]
भारत
भारत [m]
अश्वत्थाम्ना
अश्वत्थामन् [m]
मातुलेन
मातुल [m]
कर्णेन
कर्ण [m]
च
च [ind]
कृपेण
कृप [mf]
च
च [ind]
विनिवृत्तो वृतं दृष्ट्वा द्रौपद्या श्वेतवाहनम् । तं तु दुःशासनो व्रीडन्मन्दं मन्दमिवाब्रवीत् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
विनिवृत्तो
विनिवृत् [1. Ā.]
वृतं
वृ [5. Ā.]
दृष्ट्वा
दृश् [6. P.]
द्रौपद्या
द्रौपदी [f]
श्वेतवाहनम्
श्वेतवाहन [m]
तं
तद् [pron]
तु
तु [ind]
दुःशासनो
दुःशासन [m]
व्रीडन्
व्रीड् [1. P.]
मन्दं
मन्द [adj]
मन्दम्
मन्द [adj]
इवाब्रवीत्
इव [ind]
इवाब्रवीत्
ब्रू [2. Ā.]
यद्यसौ ब्राह्मणो न स्याद्विन्देत द्रौपदीं न सः । न हि तं तत्त्वतो राजन्वेद कश्चिद्धनंजयम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
यद्यसौ
यदि [ind]
यद्यसौ
अदस् [pron]
ब्राह्मणो
ब्राह्मण [m]
न
न [ind]
स्याद्
अस् [2. P.]
विन्देत
विद् [2. Ā.]
द्रौपदीं
द्रौपदी [f]
न
न [ind]
सः
तद् [pron]
न
न [ind]
हि
हि [ind]
तं
तद् [pron]
तत्त्वतो
तत्त्व [n]
राजन्
राजन् [m]
वेद
विद् [6. Ā.]
कश्चिद्
कश्चित् [pron]
धनंजयम्
धनंजय [m]
दैवं तु परमं मन्ये पौरुषं तु निरर्थकम् । धिगस्मत्पौरुषं तात यद्धरन्तीह पाण्डवाः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
दैवं
दैव [n]
तु
तु [ind]
परमं
परम [adj]
मन्ये
मन् [8. P.]
पौरुषं
पौरुष [n]
तु
तु [ind]
निरर्थकम्
निरर्थक [adj]
अस्मत्पौरुषं
मद् [pron]
अस्मत्पौरुषं
पौरुष [n]
तात
तात [m]
यद्
यत् [ind]
धरन्तीह
धृ [4. P.]
धरन्तीह
इह [ind]
पाण्डवाः
पाण्डव [m]
एवं संभाषमाणास्ते निन्दन्तश्च पुरोचनम् । विविशुर्हास्तिनपुरं दीना विगतचेतसः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
एवं
एवम् [ind]
सम्भाषमाणास्ते
सम्भाष् [1. P.]
सम्भाषमाणास्ते
तद् [pron]
निन्दन्तश्च
निन्द् [1. Ā.]
निन्दन्तश्च
च [ind]
पुरोचनम्
पुरोचन [m]
विविशुर्
विश् [4. P.]
हास्तिनपुरं
हास्तिनपुर [n]
दीना
दीन [adj]
विगतचेतसः
विगम् [6. P.]
विगतचेतसः
चेतस् [n]
त्रस्ता विगतसंकल्पा दृष्ट्वा पार्थान्महौजसः । मुक्तान्हव्यवहाच्चैनान्संयुक्तान्द्रुपदेन च ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
त्रस्ता
त्रस् [4. Ā.]
विगतसंकल्पा
विगम् [6. P.]
विगतसंकल्पा
संकल्प [m]
दृष्ट्वा
दृश् [6. P.]
पार्थान्
पार्थ [m]
महौजसः
महत् [adj]
महौजसः
ओजस् [n]
मुक्तान्
मुच् [6. Ā.]
हव्यवहाच्चैनान्
हव्यवह [m]
हव्यवहाच्चैनान्
च [ind]
हव्यवहाच्चैनान्
एनद् [pron]
संयुक्तान्
संयुज् [7. Ā.]
द्रुपदेन
द्रुपद [m]
च
च [ind]
धृष्टद्युम्नं च संचिन्त्य तथैव च शिखण्डिनम् । द्रुपदस्यात्मजांश्चान्यान्सर्वयुद्धविशारदान् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
धृष्टद्युम्नस्य
धृष्टद्युम्न [m]
चोत्पत्तिम्
च [ind]
चोत्पत्तिम्
उत्पत्ति [f]
उत्पत्तिं
उत्पत्ति [f]
च
च [ind]
शिखण्डिनः
शिखण्डिन् [m]
द्रुपदस्यात्मजांश्चान्यान्
द्रुपद [m]
द्रुपदस्यात्मजांश्चान्यान्
आत्मज [m]
द्रुपदस्यात्मजांश्चान्यान्
च [ind]
द्रुपदस्यात्मजांश्चान्यान्
अन्य [pron]
सर्वयुद्धविशारदान्
सर्व [pron]
सर्वयुद्धविशारदान्
युद्ध [n]
सर्वयुद्धविशारदान्
विशारद [adj]
विदुरस्त्वथ ताञ्श्रुत्वा द्रौपद्या पाण्डवान्वृतान् । व्रीडितान्धार्तराष्ट्रांश्च भग्नदर्पानुपागतान् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
विदुरस्त्वथ
विदुर [m]
विदुरस्त्वथ
तु [ind]
विदुरस्त्वथ
अथ [ind]
ताञ्
तद् [pron]
श्रुत्वा
श्रु [4. P.]
द्रौपद्या
द्रौपदी [f]
पाण्डवान्
पाण्डव [m]
वृतान्
वृ [5. Ā.]
व्रीडितान्
व्रीड् [1. P.]
धार्तराष्ट्रांश्च
धार्तराष्ट्र [m]
धार्तराष्ट्रांश्च
च [ind]
भग्नदर्पान्
भञ्ज् [4. P.]
भग्नदर्पान्
दर्प [m]
उपागतान्
उपागम् [1. P.]
ततः प्रीतमनाः क्षत्ता धृतराष्ट्रं विशां पते । उवाच दिष्ट्या कुरवो वर्धन्त इति विस्मितः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
ततः
ततस् [ind]
प्रीतमनाः
प्री [9. Ā.]
प्रीतमनाः
मनस् [n]
क्षत्ता
क्षत्तृ [m]
धृतराष्ट्रं
धृतराष्ट्र [m]
विशां
विश् [f]
पते
पति [m]
उवाच
वच् [2. P.]
दिष्ट्या
दिष्टि [f]
कुरवो
कुरु [m]
वर्धन्त
वृध् [6. P.]
इति
इति [ind]
विस्मितः
विस्मि [1. P.]
वैचित्रवीर्यस्तु नृपो निशम्य विदुरस्य तत् । अब्रवीत्परमप्रीतो दिष्ट्या दिष्ट्येति भारत ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
वैचित्रवीर्यस्तु
वैचित्रवीर्य [m]
वैचित्रवीर्यस्तु
तु [ind]
नृपो
नृप [m]
निशम्य
निशामय् [10. Ā.]
विदुरस्य
विदुर [m]
तत्
तद् [pron]
अब्रवीत्
ब्रू [2. Ā.]
परमप्रीतो
परम [adj]
परमप्रीतो
प्री [9. Ā.]
दिष्ट्या
दिष्टि [f]
दिष्ट्येति
दिष्टि [f]
दिष्ट्येति
इति [ind]
भारत
भारत [m]
मन्यते हि वृतं पुत्रं ज्येष्ठं द्रुपदकन्यया । दुर्योधनमविज्ञानात्प्रज्ञाचक्षुर्नरेश्वरः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
मन्यते
मन् [8. P.]
हि
हि [ind]
वृतं
वृ [5. Ā.]
पुत्रं
पुत्र [m]
ज्येष्ठं
ज्येष्ठ [adj]
द्रुपदकन्यया
द्रुपद [m]
द्रुपदकन्यया
कन्या [f]
दुर्योधनम्
दुर्योधन [m]
अविज्ञानात्
अविज्ञान [n]
प्रज्ञाचक्षुर्
प्रज्ञाचक्षुस् [m]
नरेश्वरः
नरेश्वर [m]
अथ त्वाज्ञापयामास द्रौपद्या भूषणं बहु । आनीयतां वै कृष्णेति पुत्रं दुर्योधनं तदा ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
अथ
अथ [ind]
त्वाज्ञापयामास
तु [ind]
त्वाज्ञापयामास
आज्ञापय् [10. Ā.]
द्रौपद्या
द्रौपदी [f]
भूषणं
भूषण [n]
बहु
बहु [adj]
आनीयतां
आनी [1. Ā.]
वै
वै [ind]
कृष्णेति
कृष्णा [f]
कृष्णेति
इति [ind]
पुत्रं
पुत्र [m]
दुर्योधनं
दुर्योधन [m]
तदा
तदा [ind]
अथास्य पश्चाद्विदुर आचख्यौ पाण्डवान्वृतान् । सर्वान्कुशलिनो वीरान्पूजितान्द्रुपदेन च । तेषां संबन्धिनश्चान्यान्बहून्बलसमन्वितान् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
अथास्य
अथ [ind]
अथास्य
इदम् [pron]
पश्चाद्
पश्चात् [ind]
विदुर
विदुर [m]
आचख्यौ
आख्या [4. P.]
पाण्डवान्
पाण्डव [m]
वृतान्
वृ [5. Ā.]
सर्वांस्तु
सर्व [pron]
सर्वांस्तु
तु [ind]
बलिनो
बलिन् [adj]
वीरान्
वीर [m]
संयुक्तान्
संयुज् [7. Ā.]
द्रुपदेन
द्रुपद [m]
च
च [ind]
तेषां
तद् [pron]
संबन्धिनश्चान्यान्
सम्बन्धिन् [adj]
संबन्धिनश्चान्यान्
च [ind]
संबन्धिनश्चान्यान्
अन्य [pron]
बहून्
बहु [adj]
बलसमन्वितान्
बल [mn]
बलसमन्वितान्
समन्वित [adj]
यथैव पाण्डोः पुत्रास्ते तथैवाभ्यधिका मम । सेयमभ्यधिका प्रीतिर्वृद्धिर्विदुर मे मता । यत्ते कुशलिनो वीरा मित्रवन्तश्च पाण्डवाः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
यथैव
यथा [ind]
यथैव
एव [ind]
पाण्डोः
पाण्डु [m]
पुत्रास्ते
पुत्र [m]
पुत्रास्ते
तद् [pron]
तथैवाभ्यधिका
तथा [ind]
तथैवाभ्यधिका
एव [ind]
तथैवाभ्यधिका
अभ्यधिक [adj]
मम
मद् [pron]
सेयम्
तद् [pron]
सेयम्
इदम् [pron]
अभ्यधिका
अभ्यधिक [adj]
प्रीतिर्
प्रीति [f]
वृद्धिर्
वृद्धि [f]
विदुर
विदुर [m]
मे
मद् [pron]
मता
मन् [8. P.]
यत्
यत् [ind]
ते
तद् [pron]
कुशलिनो
कुशलिन् [adj]
वीरा
वीर [m]
मित्रवन्तश्च
मित्रवत् [adj]
मित्रवन्तश्च
च [ind]
पाण्डवाः
पाण्डव [m]
को हि द्रुपदमासाद्य मित्रं क्षत्तः सबान्धवम् । न बुभूषेद्भवेनार्थी गतश्रीरपि पार्थिवः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
को
क [pron]
हि
हि [ind]
द्रुपदम्
द्रुपद [m]
आसाद्य
आसादय् [10. Ā.]
मित्रं
मित्र [mn]
क्षत्तः
क्षत्तृ [m]
सबान्धवम्
स [ind]
सबान्धवम्
बान्धव [m]
न
न [ind]
बुभूषेद्
बुभूष् [Desid. Ā.]
भवेनार्थी
भव [m]
भवेनार्थी
अर्थिन् [adj]
गतश्रीर्
गम् [6. Ā.]
गतश्रीर्
श्री [f]
अपि
अपि [ind]
पार्थिवः
पार्थिव [m]
तं तथा भाषमाणं तु विदुरः प्रत्यभाषत । नित्यं भवतु ते बुद्धिरेषा राजञ्शतं समाः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
देशकालं
देश [m]
देशकालं
काल [m]
समाज्ञाय
समाज्ञा [9. P.]
विदुरः
विदुर [m]
प्रत्यभाषत
प्रतिभाष् [1. P.]
नित्यं
नित्यम् [ind]
भवतु
भू [1. Ā.]
ते
त्वद् [pron]
बुद्धिर्
बुद्धि [f]
एषा
एतद् [pron]
राजञ्
राजन् [m]
शतं
शत [mn]
समाः
समा [f]
ततो दुर्योधनश्चैव राधेयश्च विशां पते । धृतराष्ट्रमुपागम्य वचोऽब्रूतामिदं तदा ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
ततो
ततस् [ind]
दुर्योधनश्चैव
दुर्योधन [m]
दुर्योधनश्चैव
च [ind]
दुर्योधनश्चैव
एव [ind]
राधेयश्च
राधेय [m]
राधेयश्च
च [ind]
विशां
विश् [f]
पते
पति [m]
धृतराष्ट्रम्
धृतराष्ट्र [m]
उपागम्य
उपागम् [1. P.]
वचो
वचस् [n]
ऽब्रूताम्
ब्रू [2. Ā.]
इदं
इदम् [pron]
तदा
तदा [ind]
संनिधौ विदुरस्य त्वां वक्तुं नृप न शक्नुवः । विविक्तमिति वक्ष्यावः किं तवेदं चिकीर्षितम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
संनिधौ
संनिधि [m]
विदुरस्य
विदुर [m]
त्वां
त्वद् [pron]
वक्तुं
वच् [2. P.]
नृप
नृप [m]
न
न [ind]
शक्नुवः
शक् [4. P.]
विविक्तम्
विविक्त [n]
इति
इति [ind]
वक्ष्यावः
वच् [2. P.]
किं
क [pron]
तवेदं
त्वद् [pron]
तवेदं
इदम् [pron]
चिकीर्षितम्
चिकीर्षित [n]
सपत्नवृद्धिं यत्तात मन्यसे वृद्धिमात्मनः । अभिष्टौषि च यत्क्षत्तुः समीपे द्विपदां वर ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
सपत्नवृद्धिं
सपत्न [m]
सपत्नवृद्धिं
वृद्धि [f]
यत्
यत् [ind]
तात
तात [m]
मन्यसे
मन् [8. P.]
वृद्धिम्
वृद्धि [f]
आत्मनः
आत्मन् [m]
अभिष्टौषि
अभिष्टु [5. P.]
च
च [ind]
यत्
यद् [pron]
क्षत्तुः
क्षत्तृ [m]
समीपे
समीप [n]
द्विपदां
द्विपद् [m]
वर
वर [adj]
अन्यस्मिन्नृप कर्तव्ये त्वमन्यत्कुरुषेऽनघ । तेषां बलविघातो हि कर्तव्यस्तात नित्यशः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
अन्यस्मिन्
अन्य [pron]
नृप
नृप [m]
कर्तव्ये
कृ [2. Ā.]
त्वम्
त्वद् [pron]
अन्यत्
अन्य [pron]
कुरुषे
कृ [2. Ā.]
ऽनघ
अनघ [adj]
तेषां
तद् [pron]
बलविघातो
बल [mn]
बलविघातो
विघात [m]
हि
हि [ind]
कर्तव्यस्तात
कृ [2. Ā.]
कर्तव्यस्तात
तात [m]
नित्यशः
नित्यशस् [ind]
ते वयं प्राप्तकालस्य चिकीर्षां मन्त्रयामहे । यथा नो न ग्रसेयुस्ते सपुत्रबलबान्धवान् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
ते
तद् [pron]
वयं
मद् [pron]
प्राप्तकालस्य
प्राप् [1. P.]
प्राप्तकालस्य
काल [m]
चिकीर्षां
चिकीर्षा [f]
मन्त्रयामहे
मन्त्रय् [Denom. Ā.]
यथा
यथा [ind]
नो
मद् [pron]
न
न [ind]
ग्रसेयुस्ते
ग्रस् [1. Ā.]
ग्रसेयुस्ते
तद् [pron]
सपुत्रबलबान्धवान्
स [ind]
सपुत्रबलबान्धवान्
पुत्र [m]
सपुत्रबलबान्धवान्
बल [mn]
सपुत्रबलबान्धवान्
बान्धव [m]