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विक्रम संवत २०८३
शुक्रवार · ३० अक्टूबर २०२६
आनुपूर्वी हिन्दी
✦ अतीत और अनागत के संधिकाल में ✦
आगामी कार्यक्रम 31 Oct 2026
Exploring the Place of Devotion: Siting and Experiencing Divinity in Bengal-Vaishnavism
Sukanya Sarbadhikary
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Sohan Sanap
সাহিত্যিক ও চিন্তক
PID: PV-2026-1844

Sohan Sanap

आनुपूर्वी में साहित्य, दर्शन एवं विचारपरक रचनाओं के लेखक। नीचे लेखक की प्रकाशित रचनाएँ संकलित हैं।

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Sohan Sanap की रचनाएँ

1 रचनाएँ उपलब्ध
बाल गोपाल को प्रातः काल उठाने के लिए— जागो लाल
मुक्त पाठ
कविता 5 मिनट

बाल गोपाल को प्रातः काल उठाने के लिए— जागो लाल

यह पद वात्सल्य और भक्ति के भाव से कृष्ण को प्रातःकाल जगाने की मधुर पुकार है। बालकृष्ण की चंचल क्रीड़ा, मंद मुस्कान और मनोहर रूप के माध्यम से भक्त का आत्मीय प्रेम अभिव्यक्त होता है। सूर्य, प्रभात और गृहस्थ जीवन के बिम्ब कृष्ण के प्रति स्नेह, समर्पण और अंतरंग भक्ति को उजागर करते हैं।