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Sohan Sanap

Sohan Sanap

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Œuvre

Complete categorized corpus of academic papers, philosophical discourses, literary works, published books, lectures, and institutional appointments.

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Literary Works & Creative Writing 1 Work

Published in Anupurvi — Literature in Bengali, Hindi & Sanskrit (আনুপূর্বী / आनुपूर्वी)

आनुपूर्वी हिन्दी Poetry 4 Oct 2026

बाल गोपाल को प्रातः काल उठाने के लिए— जागो लाल

यह पद वात्सल्य और भक्ति के भाव से कृष्ण को प्रातःकाल जगाने की मधुर पुकार है। बालकृष्ण की चंचल क्रीड़ा, मंद मुस्कान और मनोहर रूप के माध्यम से भक्त का आत्मीय प्रेम अभिव्यक्त होता है। सूर्य, प्रभात और गृहस्थ जीवन के बिम्ब कृष्ण के प्रति स्नेह, समर्पण और अंतरंग भक्ति को उजागर करते हैं।

हिन्दी edition 162 reads
हिन्दी literature

बाल गोपाल को प्रातः काल उठाने के लिए— जागो लाल

यह पद वात्सल्य और भक्ति के भाव से कृष्ण को प्रातःकाल जगाने की मधुर पुकार है। बालकृष्ण की चंचल क्रीड़ा, मंद मुस्कान और मनोहर रूप के माध्यम से भक्त का आत्मीय प्रेम अभिव्यक्त होता है। सूर्य, प्रभात और गृहस्थ जीवन के बिम्ब कृष्ण के प्रति स्नेह, समर्पण और अंतरंग भक्ति को उजागर करते हैं।

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  • Poorvam ID: PV-2026-1844

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sohansanap2011@gmail.com