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Ch. 1 SP 1.732
Full Chapter
SP • Chapter 1: Prakāśa 1: प्रकृत्यादिप्रकाशः

SP 1.732

Canonical Ref: SP 1.732
Sanskrit (Devanāgarī)
कार्यार्थाः। यथा— 'विजयते, पराजयते, न्यविक्षत, समगंस्त, अन्वकरोत्, पराकरोत्, विरराम्, उपरराम, उदसिष्यति, उदसिष्यते, अपस्किरते, प्रतिचस्कार, उपस्कुरुते, प्लायते, प्रार्षभीयति, निष्टपति, अभिषेणयति, विषहते, परिष्वजते, विष्णवति, प्रहिणोति, प्रणश्यति, परिणेष्यति, अन्तर्णयति' (काशिका ८.३.६५)
Canonical CTS URN Reference
Śṛṅgāraprakāśa of Bhoja, SP 1.732. Poorvam Open Research Engine (PORE) Corpus.
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