Araṇyakaparva (Vanaparva) Adhyāya 17
अरण्यकपर्व • अध्यायः 17
Araṇyakaparva (Vanaparva) Adhyāya 17 of the classical Mahābhārata with 34 verses.
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तां तूपयात्वा राजेन्द्र शाल्वः सौभपतिस्तदा । प्रभूतनरनागेन बलेनोपविवेश ह ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
तां
तद् [pron]
तूपयात्वा
तु [ind]
तूपयात्वा
उपया [2. P.]
राजेन्द्र
राजन् [m]
राजेन्द्र
इन्द्र [m]
शाल्वः
शाल्व [m]
सौभपतिस्
सौभ [m]
सौभपतिस्
पति [m]
तदा
तदा [ind]
प्रभूतनरनागेन
प्रभू [1. Ā.]
प्रभूतनरनागेन
नर [m]
प्रभूतनरनागेन
नाग [m]
बलेनोपविवेश
बल [mn]
बलेनोपविवेश
उपविश् [6. P.]
ह
ह [ind]
समे निविष्टा सा सेना प्रभूतसलिलाशये । चतुरङ्गबलोपेता शाल्वराजाभिपालिता ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
समे
सम [pron]
निविष्टा
निविश् [6. Ā.]
सा
तद् [pron]
सेना
सेना [f]
प्रभूतसलिलाशये
प्रभू [1. Ā.]
प्रभूतसलिलाशये
सलिलाशय [m]
चतुरङ्गबलोपेता
चतुरङ्ग [adj]
चतुरङ्गबलोपेता
बल [mn]
चतुरङ्गबलोपेता
उपे [2. Ā.]
शाल्वराजाभिपालिता
शाल्व [m]
शाल्वराजाभिपालिता
राजन् [m]
शाल्वराजाभिपालिता
अभिपालय् [10. Ā.]
वर्जयित्वा श्मशानानि देवतायतनानि च । वल्मीकांश्चैव चैत्यांश्च तन्निविष्टमभूद्बलम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
यो
यद् [pron]
दिव्यानि
दिव्य [adj]
विमानानि
विमान [mn]
देवतानां
देवता [f]
चकार
कृ [2. Ā.]
ह
ह [ind]
वल्मीकांश्
वल्मीक [mn]
चैव
च [ind]
चैव
एव [ind]
चैत्यांश्
चैत्य [mn]
च
च [ind]
तन्निविष्टम्
तद् [pron]
तन्निविष्टम्
निविश् [6. Ā.]
अभूद्
भू [1. Ā.]
बलम्
बल [mn]
अनीकानां विभागेन पन्थानः षट्कृताभवन् । प्रवणा नव चैवासञ्शाल्वस्य शिबिरे नृप ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
अनीकानां
अनीक [mn]
विभागेन
विभाग [m]
पन्थानः
पथिन् [m]
षट्कृताभवन्
षष् [adj]
षट्कृताभवन्
कृत् [adj]
षट्कृताभवन्
भू [1. Ā.]
प्रवणा
प्रवण [mn]
नव
नवन् [adj]
चैवासञ्शाल्वस्य
च [ind]
चैवासञ्शाल्वस्य
एव [ind]
चैवासञ्शाल्वस्य
अस् [2. P.]
चैवासञ्शाल्वस्य
शाल्व [m]
शिबिरे
शिबिर [n]
नृप
नृप [m]
सर्वायुधसमोपेतं सर्वशस्त्रविशारदम् । रथनागाश्वकलिलं पदातिध्वजसंकुलम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
कुमारा
कुमार [m]
रूपसम्पन्नाः
रूप [n]
रूपसम्पन्नाः
सम्पद् [4. P.]
सर्वशस्त्रविशारदाः
सर्व [pron]
सर्वशस्त्रविशारदाः
शस्त्र [n]
सर्वशस्त्रविशारदाः
विशारद [adj]
रथनागाश्वकलिलं
रथ [m]
रथनागाश्वकलिलं
नाग [m]
रथनागाश्वकलिलं
अश्व [m]
रथनागाश्वकलिलं
कलिल [adj]
पदातिध्वजसंकुलम्
पदाति [m]
पदातिध्वजसंकुलम्
ध्वज [mn]
पदातिध्वजसंकुलम्
संकुल [adj]
तुष्टपुष्टजनोपेतं वीरलक्षणलक्षितम् । विचित्रध्वजसंनाहं विचित्ररथकार्मुकम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
सर्वसंहननोपेतं
सर्व [pron]
सर्वसंहननोपेतं
संहनन [n]
सर्वसंहननोपेतं
उपे [2. Ā.]
सर्वलक्षणलक्षितम्
सर्व [pron]
सर्वलक्षणलक्षितम्
लक्षण [n]
सर्वलक्षणलक्षितम्
लक्षय् [10. Ā.]
चित्राङ्गदं
चित्राङ्गद [m]
कुरुश्रेष्ठं
कुरु [m]
कुरुश्रेष्ठं
श्रेष्ठ [adj]
विचित्रशरकार्मुकम्
विचित्र [adj]
विचित्रशरकार्मुकम्
शर [m]
विचित्रशरकार्मुकम्
कार्मुक [n]
संनिवेश्य च कौरव्य द्वारकायां नरर्षभ । अभिसारयामास तदा वेगेन पतगेन्द्रवत् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
संनिवेश्य
संनिवेशय् [10. P.]
च
च [ind]
कौरव्य
कौरव्य [m]
द्वारकायां
द्वारका [fn]
नरर्षभ
नर [m]
नरर्षभ
ऋषभ [m]
अभिसारयामास
अभिसारय् [10. P.]
तदा
तदा [ind]
वेगेन
वेग [m]
पतगेन्द्रवत्
पतग [m]
पतगेन्द्रवत्
इन्द्र [m]
पतगेन्द्रवत्
वत् [ind]
तदापतन्तं संदृश्य बलं शाल्वपतेस्तदा । निर्याय योधयामासुः कुमारा वृष्णिनन्दनाः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
तदापतन्तं
तदा [ind]
तदापतन्तं
आपत् [1. Ā.]
संदृश्य
संदृश् [4. Ā.]
बलं
बल [mn]
शाल्वपतेस्
शाल्व [m]
शाल्वपतेस्
पति [m]
तदा
तदा [ind]
निर्याय
निर्या [2. P.]
योधयामासुः
योधय् [10. Ā.]
कुमारा
कुमार [m]
वृष्णिनन्दनाः
वृष्णि [m]
वृष्णिनन्दनाः
नन्दन [m]
असहन्तोऽभियानं तच्छाल्वराजस्य कौरव । चारुदेष्णश्च साम्बश्च प्रद्युम्नश्च महारथः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
असहन्तो
असहत् [adj]
ऽभियानं
अभियान [n]
तच्छाल्वराजस्य
तद् [pron]
तच्छाल्वराजस्य
शाल्व [m]
तच्छाल्वराजस्य
राज [m]
कौरव
कौरव [m]
सुधर्मा
सुधर्मन् [m]
चानिरुद्धश्च
च [ind]
चानिरुद्धश्च
अनिरुद्ध [m]
चानिरुद्धश्च
च [ind]
श्रुतायुश्च
श्रुतायु [m]
श्रुतायुश्च
च [ind]
महाबलः
महत् [adj]
महाबलः
बल [mn]
ते रथैर्दंशिताः सर्वे विचित्राभरणध्वजाः । संसक्ताः शाल्वराजस्य बहुभिर्योधपुंगवैः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
ते
तद् [pron]
रथैर्
रथ [m]
दंशिताः
दंशय् [10. P.]
सर्वे
सर्व [pron]
विचित्राभरणध्वजाः
विचित्र [adj]
विचित्राभरणध्वजाः
आभरण [n]
विचित्राभरणध्वजाः
ध्वज [mn]
संसक्ताः
संसञ्ज् [1. Ā.]
शाल्वराजस्य
शाल्व [m]
शाल्वराजस्य
राज [m]
बहुभिर्
बहु [adj]
योधपुंगवैः
योध [m]
योधपुंगवैः
पुंगव [m]
गृहीत्वा तु धनुः साम्बः शाल्वस्य सचिवं रणे । योधयामास संहृष्टः क्षेमवृद्धिं चमूपतिम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
गृहीत्वा
ग्रह् [6. Ā.]
तु
तु [ind]
धनुः
धनुस् [n]
साम्बः
साम्ब [m]
शाल्वस्य
शाल्व [m]
सचिवं
सचिव [m]
रणे
रण [m]
योधयाम्
यद् [pron]
योधयाम्
धय [adj]
आस
अस् [2. P.]
संहृष्टः
संहृष् [1. Ā.]
क्षेमवृद्धिं
क्षेमवृद्धि [m]
चमूपतिम्
चमूपति [m]
तस्य बाणमयं वर्षं जाम्बवत्याः सुतो महत् । मुमोच भरतश्रेष्ठ यथा वर्षं सहस्रदृक् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
तस्य
तद् [pron]
बाणमयं
बाण [m]
बाणमयं
इदम् [pron]
वर्षं
वर्ष [mn]
जाम्बवत्याः
जाम्बवती [f]
सुतो
सुत [m]
महत्
महत् [adj]
प्रोवाच
प्रवच् [2. P.]
भरतश्रेष्ठ
भरत [m]
भरतश्रेष्ठ
श्रेष्ठ [adj]
व्रतं
व्रत [n]
वर्षसहस्रिकम्
वर्ष [mn]
वर्षसहस्रिकम्
सहस्रिक [adj]
तद्बाणवर्षं तुमुलं विषेहे स चमूपतिः । क्षेमवृद्धिर्महाराज हिमवानिव निश्चलः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
तद्
तद् [pron]
बाणवर्षं
बाण [m]
बाणवर्षं
वर्ष [mn]
तुमुलं
तुमुल [adj]
विषेहे
विषह् [1. P.]
स
तद् [pron]
चमूपतिः
चमूपति [m]
क्षेमवृद्धिर्
क्षेमवृद्धि [m]
महाराज
महत् [adj]
महाराज
राज [m]
हिमवान्
हिमवन्त् [m]
इव
इव [ind]
निश्चलः
निश्चल [adj]
ततः साम्बाय राजेन्द्र क्षेमवृद्धिरपि स्म ह । मुमोच मायाविहितं शरजालं महत्तरम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
ततः
ततस् [ind]
साम्बाय
साम्ब [m]
राजेन्द्र
राजन् [m]
राजेन्द्र
इन्द्र [m]
क्षेमवृद्धिर्
क्षेमवृद्धि [m]
अपि
अपि [ind]
स्म
स्म [ind]
ह
ह [ind]
मुमोच
मुच् [6. Ā.]
मायाविहितं
माया [f]
मायाविहितं
विधा [3. Ā.]
शरजालं
शर [m]
शरजालं
जाल [n]
महत्तरम्
महत्तर [adj]
ततो मायामयं जालं माययैव विदार्य सः । साम्बः शरसहस्रेण रथमस्याभ्यवर्षत ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
ततो
ततस् [ind]
मायामयं
माया [f]
मायामयं
मय [adj]
जालं
जाल [n]
माययैव
माया [f]
माययैव
एव [ind]
विदार्य
विदारय् [10. Ā.]
सः
तद् [pron]
साम्बः
साम्ब [m]
शरसहस्रेण
शर [m]
शरसहस्रेण
सहस्र [mn]
रथम्
रथ [m]
अस्याभ्यवर्षत
इदम् [pron]
अस्याभ्यवर्षत
अभिवृष् [1. Ā.]
ततः स विद्धः साम्बेन क्षेमवृद्धिश्चमूपतिः । अपायाज्जवनैरश्वैः साम्बबाणप्रपीडितः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
ततः
ततस् [ind]
स
तद् [pron]
विद्धः
व्यध् [4. Ā.]
साम्बेन
साम्ब [m]
क्षेमवृद्धिश्
क्षेमवृद्धि [m]
चमूपतिः
चमूपति [m]
अपायाज्
अपया [2. Ā.]
जवनैर्
जवन [adj]
अश्वैः
अश्व [m]
साम्बबाणप्रपीडितः
साम्ब [m]
साम्बबाणप्रपीडितः
बाण [m]
साम्बबाणप्रपीडितः
प्रपीडय् [10. P.]
तस्मिन्विप्रद्रुते क्रूरे शाल्वस्याथ चमूपतौ । वेगवान्नाम दैतेयः सुतं मेऽभ्यद्रवद्बली ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
तस्मिन्
तद् [pron]
विप्रद्रुते
विप्रद्रु [1. P.]
क्रूरे
क्रूर [adj]
शाल्वस्याथ
शाल्व [m]
शाल्वस्याथ
अथ [ind]
चमूपतौ
चमूपति [m]
वेगवान्
वेगवन्त् [m]
नाम
नाम [ind]
दैतेयः
दैतेय [m]
सुतं
सुत [m]
मे
मद् [pron]
ऽभ्यद्रवद्
अभिद्रु [1. Ā.]
बली
बलिन् [adj]
अभिपन्नस्तु राजेन्द्र साम्बो वृष्णिकुलोद्वहः । वेगं वेगवतो राजंस्तस्थौ वीरो विधारयन् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
अभिपन्नस्
अभिपद् [4. P.]
तु
तु [ind]
राजेन्द्र
राजन् [m]
राजेन्द्र
इन्द्र [m]
साम्बो
साम्ब [m]
वृष्णिकुलोद्वहः
वृष्णि [m]
वृष्णिकुलोद्वहः
कुल [n]
वृष्णिकुलोद्वहः
उद्वह [adj]
वेगं
वेग [m]
वेगवतो
वेगवत् [adj]
राजंस्
राजन् [m]
तस्थौ
स्था [1. Ā.]
वीरो
वीर [m]
विधारयन्
विधारय् [10. P.]
स वेगवति कौन्तेय साम्बो वेगवतीं गदाम् । चिक्षेप तरसा वीरो व्याविध्य सत्यविक्रमः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
स
तद् [pron]
वेगवति
वेगवन्त् [m]
कौन्तेय
कौन्तेय [m]
साम्बो
साम्ब [m]
वेगवतीं
वेगवत् [adj]
गदाम्
गदा [f]
चिक्षेप
क्षिप् [6. Ā.]
तरसा
तरस् [n]
वीरो
वीर [m]
व्याविध्य
व्याव्यध् [4. P.]
सत्यविक्रमः
सत्य [adj]
सत्यविक्रमः
विक्रम [m]
तया त्वभिहतो राजन्वेगवानपतद्भुवि । वातरुग्ण इव क्षुण्णो जीर्णमूलो वनस्पतिः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
तया
तद् [pron]
त्वभिहतो
तु [ind]
त्वभिहतो
अभिहन् [4. P.]
राजन्
राजन् [m]
वेगवान्
वेगवन्त् [m]
अपतद्
पत् [1. Ā.]
भुवि
भू [f]
वातरुग्ण
वात [m]
वातरुग्ण
रुज् [6. Ā.]
इव
इव [ind]
क्षुण्णो
क्षुद् [1. Ā.]
जीर्णमूलो
जृ [6. P.]
जीर्णमूलो
मूल [mn]
वनस्पतिः
वनस्पति [mf]
तस्मिन्निपतिते वीरे गदानुन्ने महासुरे । प्रविश्य महतीं सेनां योधयामास मे सुतः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
तस्मिन्
तद् [pron]
निपतिते
निपत् [1. Ā.]
वीरे
वीर [m]
गदानुन्ने
गद [m]
गदानुन्ने
नुद् [2. P.]
महासुरे
महत् [adj]
महासुरे
असुर [m]
प्रविश्य
प्रविश् [4. P.]
महतीं
महत् [adj]
सेनां
सेना [f]
योधयाम्
यद् [pron]
योधयाम्
धय [adj]
आस
अस् [2. P.]
मे
मद् [pron]
सुतः
सुत [m]
चारुदेष्णेन संसक्तो विविन्ध्यो नाम दानवः । महारथः समाज्ञातो महाराज महाधनुः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
चारुदेष्णेन
चारुदेष्ण [m]
संसक्तो
संसञ्ज् [1. Ā.]
विविन्ध्यो
विविन्ध्य [m]
नाम
नाम [ind]
दानवः
दानव [m]
महारथः
महत् [adj]
महारथः
रथ [m]
समाज्ञातो
समाज्ञा [9. P.]
महाराज
महत् [adj]
महाराज
राज [m]
महाधनुः
महत् [adj]
महाधनुः
धनुस् [n]
ततः सुतुमुलं युद्धं चारुदेष्णविविन्ध्ययोः । वृत्रवासवयो राजन्यथा पूर्वं तथाभवत् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
ततः
ततस् [ind]
सुतुमुलं
सु [ind]
सुतुमुलं
तुमुल [adj]
युद्धं
युद्ध [n]
चारुदेष्णविविन्ध्ययोः
चारुदेष्ण [m]
चारुदेष्णविविन्ध्ययोः
विविन्ध्य [m]
वृत्रवासवयो
वृत्र [m]
वृत्रवासवयो
वासव [m]
राजन्
राजन् [m]
यथा
यथा [ind]
पूर्वं
पूर्वम् [ind]
तथाभवत्
तथा [ind]
तथाभवत्
भू [1. Ā.]
अन्योन्यस्याभिसंक्रुद्धावन्योन्यं जघ्नतुः शरैः । विनदन्तौ महाराज सिंहाविव महाबलौ ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
तिलोत्तमार्थे
तिलोत्तमा [f]
तिलोत्तमार्थे
अर्थ [mn]
संक्रुद्धावन्योन्यम्
संक्रुध् [4. Ā.]
संक्रुद्धावन्योन्यम्
अन्योन्य [adj]
अभिजघ्नतुः
अभिहन् [4. P.]
विनदन्तौ
विनद् [1. Ā.]
महाराज
महत् [adj]
महाराज
राज [m]
सिंहाविव
सिंह [m]
सिंहाविव
इव [ind]
महाबलौ
महत् [adj]
महाबलौ
बल [mn]
रौक्मिणेयस्ततो बाणमग्न्यर्कोपमवर्चसम् । अभिमन्त्र्य महास्त्रेण संदधे शत्रुनाशनम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
रौक्मिणेयस्
रौक्मिणेय [m]
ततो
ततस् [ind]
बाणम्
बाण [m]
अग्न्यर्कोपमवर्चसम्
अग्नि [m]
अग्न्यर्कोपमवर्चसम्
अर्क [m]
अग्न्यर्कोपमवर्चसम्
उपम [adj]
अग्न्यर्कोपमवर्चसम्
वर्चस् [n]
महास्त्रेण
महत् [adj]
महास्त्रेण
अस्त्र [mn]
संदधे
संधा [1. P.]
शत्रुनाशनम्
शत्रु [m]
शत्रुनाशनम्
नाशन [adj]
स विविन्ध्याय सक्रोधः समाहूय महारथः । चिक्षेप मे सुतो राजन्स गतासुरथापतत् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
स
तद् [pron]
विविन्ध्याय
विविन्ध्य [m]
सक्रोधः
स [ind]
सक्रोधः
क्रोध [m]
समाहूय
समाह्वा [4. Ā.]
महारथः
महत् [adj]
महारथः
रथ [m]
चिक्षेप
क्षिप् [6. Ā.]
मे
मद् [pron]
सुतो
सुत [m]
राजन्
राजन् [m]
स
तद् [pron]
गतासुर्
गतासु [adj]
अथापतत्
अथ [ind]
अथापतत्
पत् [1. Ā.]
विविन्ध्यं निहतं दृष्ट्वा तां च विक्षोभितां चमूम् । कामगेन स सौभेन शाल्वः पुनरुपागमत् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
विविन्ध्यं
विविन्ध्य [m]
निहतं
निहन् [2. Ā.]
दृष्ट्वा
दृश् [6. P.]
तां
तद् [pron]
च
च [ind]
विक्षोभितां
विक्षोभय् [10. Ā.]
चमूम्
चमू [f]
कामगेन
कामग [adj]
स
तद् [pron]
सौभेन
सौभ [m]
शाल्वः
शाल्व [m]
पुनर्
पुनर् [ind]
उपागमत्
उपगम् [6. P.]
ततो व्याकुलितं सर्वं द्वारकावासि तद्बलम् । दृष्ट्वा शाल्वं महाबाहो सौभस्थं पृथिवीगतम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
ततो
ततस् [ind]
व्याकुलितं
व्याकुलित [adj]
सर्वं
सर्व [pron]
द्वारकावासि
द्वारका [fn]
द्वारकावासि
वासिन् [adj]
तद्
तद् [pron]
बलम्
बल [mn]
दृष्ट्वा
दृश् [6. P.]
शाल्वं
शाल्व [m]
महाबाहो
महत् [adj]
महाबाहो
बाहु [mf]
सौभस्थं
सौभ [m]
सौभस्थं
स्थ [adj]
पृथिवीगतम्
पृथिवी [f]
पृथिवीगतम्
गम् [6. Ā.]
ततो निर्याय कौन्तेय व्यवस्थाप्य च तद्बलम् । आनर्तानां महाराज प्रद्युम्नो वाक्यमब्रवीत् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
ततो
ततस् [ind]
निर्याय
निर्या [2. P.]
कौन्तेय
कौन्तेय [m]
व्यवस्थाप्य
व्यवस्थापय् [10. P.]
च
च [ind]
तद्
तद् [pron]
बलम्
बल [mn]
निर्जित्याजौ
निर्जि [1. P.]
निर्जित्याजौ
आजि [mf]
महाराज
महत् [adj]
महाराज
राज [m]
वङ्गराजम्
वङ्ग [m]
वङ्गराजम्
राज [m]
उपाद्रवत्
उपद्रु [1. P.]
सर्वे भवन्तस्तिष्ठन्तु सर्वे पश्यन्तु मां युधि । निवारयन्तं संग्रामे बलात्सौभं सराजकम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
सर्वे
सर्व [pron]
भवन्तस्
भवत् [adj]
तिष्ठन्तु
स्था [1. Ā.]
सर्वे
सर्व [pron]
पश्यन्तु
पश् [4. Ā.]
मां
मद् [pron]
युधि
युध् [f]
निवारयन्तं
निवारय् [10. Ā.]
संग्रामे
संग्राम [mn]
बलात्
बल [mn]
सौभं
सौभ [m]
सराजकम्
स [ind]
सराजकम्
राजक [m]
अहं सौभपतेः सेनामायसैर्भुजगैरिव । धनुर्भुजविनिर्मुक्तैर्नाशयाम्यद्य यादवाः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
अहं
मद् [pron]
सौभपतेः
सौभ [m]
सौभपतेः
पति [m]
सेनाम्
सेना [f]
आयसैर्
आयस [adj]
भुजगैर्
भुजग [m]
इव
इव [ind]
धनुर्भुजविनिर्मुक्तैर्
धनुस् [n]
धनुर्भुजविनिर्मुक्तैर्
भुज [m]
धनुर्भुजविनिर्मुक्तैर्
विनिर्मुच् [6. P.]
नाशयाम्यद्य
नाशय् [10. Ā.]
नाशयाम्यद्य
अद्य [ind]
यादवाः
यादव [m]
आश्वसध्वं न भीः कार्या सौभराडद्य नश्यति । मयाभिपन्नो दुष्टात्मा ससौभो विनशिष्यति ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
आश्वसध्वं
आश्वस् [2. Ā.]
न
न [ind]
भीः
भी [f]
कार्या
कृ [2. Ā.]
सौभराड्
सौभ [m]
सौभराड्
राज् [m]
अद्य
अद्य [ind]
नश्यति
नश् [1. P.]
मयाभिपन्नो
मद् [pron]
मयाभिपन्नो
अभिपद् [4. P.]
दुष्टात्मा
दुष् [4. Ā.]
दुष्टात्मा
आत्मन् [m]
ससौभो
ससौभ [adj]
विनशिष्यति
विनश् [4. Ā.]
एवं ब्रुवति संहृष्टे प्रद्युम्ने पाण्डुनन्दन । विष्ठितं तद्बलं वीर युयुधे च यथासुखम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
एवं
एवम् [ind]
ब्रुवति
ब्रू [2. Ā.]
संहृष्टे
संहृष् [1. Ā.]
प्रद्युम्ने
प्रद्युम्न [m]
पाण्डुनन्दन
पाण्डु [m]
पाण्डुनन्दन
नन्दन [m]
विष्ठितं
विष्ठा [1. Ā.]
तद्
तद् [pron]
बलं
बल [mn]
वीर
वीर [m]
युयुधे
युध् [2. P.]
च
च [ind]
यथासुखम्
यथासुखम् [ind]