Sabhāparva Adhyāya 36
सभापर्व • अध्यायः 36
Sabhāparva Adhyāya 36 of the classical Mahābhārata with 16 verses.
Total: 16 Verses
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एवमुक्त्वा ततो भीष्मो विरराम महायशाः । व्याजहारोत्तरं तत्र सहदेवोऽर्थवद्वचः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
एवम्
एवम् [ind]
उक्त्वा
वच् [2. P.]
ततो
ततस् [ind]
भीष्मो
भीष्म [m]
विरराम
विरम् [1. P.]
महायशाः
महत् [adj]
महायशाः
यशस् [n]
व्याजहारोत्तरं
व्याहृ [1. Ā.]
व्याजहारोत्तरं
उत्तर [n]
तत्र
तत्र [ind]
सहदेवो
सहदेव [m]
ऽर्थवद्
अर्थवत् [adj]
वचः
वचस् [n]
केशवं केशिहन्तारमप्रमेयपराक्रमम् । पूज्यमानं मया यो वः कृष्णं न सहते नृपाः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
केशवं
केशव [m]
केशिहन्तारम्
केशिहन्तृ [m]
अप्रमेयपराक्रमम्
अप्रमेय [adj]
अप्रमेयपराक्रमम्
पराक्रम [m]
पूज्यमानं
पूजय् [10. Ā.]
मया
मद् [pron]
यो
यद् [pron]
वः
त्वद् [pron]
कृष्णं
कृष्ण [m]
न
न [ind]
सहते
सह् [1. P.]
नृपाः
नृप [m]
सर्वेषां बलिनां मूर्ध्नि मयेदं निहितं पदम् । एवमुक्ते मया सम्यगुत्तरं प्रब्रवीतु सः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
सर्वेषां
सर्व [pron]
बलिनां
बलिन् [adj]
मूर्ध्नि
मूर्धन् [m]
मयेदं
मद् [pron]
मयेदं
इदम् [pron]
निहितं
निधा [3. Ā.]
पदम्
पद [mn]
एवम्
एवम् [ind]
उक्ते
वच् [2. P.]
मया
मद् [pron]
सम्यग्
सम्यक् [ind]
उत्तरं
उत्तर [n]
प्रब्रवीतु
प्रब्रू [2. Ā.]
सः
तद् [pron]
मतिमन्तस्तु ये केचिदाचार्यं पितरं गुरुम् । अर्च्यमर्चितमर्चार्हमनुजानन्तु ते नृपाः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
तम्
तद् [pron]
इमं
इदम् [pron]
सर्वसम्पन्नम्
सर्व [pron]
सर्वसम्पन्नम्
सम्पद् [4. P.]
आचार्यं
आचार्य [m]
पितरं
पितृ [m]
गुरुम्
गुरु [m]
अर्च्यम्
अर्च् [1. Ā.]
अर्चितम्
अर्चय् [10. Ā.]
अर्चार्हं
अर्चा [f]
अर्चार्हं
अर्ह [adj]
सर्वे
सर्व [pron]
संमन्तुम्
सम्मन् [8. Ā.]
अर्हथ
अर्ह् [1. Ā.]
ततो न व्याजहारैषां कश्चिद्बुद्धिमतां सताम् । मानिनां बलिनां राज्ञां मध्ये संदर्शिते पदे ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
ततो
ततस् [ind]
न
न [ind]
व्याजहारैषां
व्याहृ [1. Ā.]
व्याजहारैषां
इदम् [pron]
कश्चिद्
कश्चित् [pron]
बुद्धिमतां
बुद्धिमत् [adj]
सताम्
सत् [adj]
मानिनां
मानिन् [adj]
बलिनां
बलिन् [adj]
राज्ञां
राजन् [m]
मध्ये
मध्य [n]
संदर्शिते
संदर्शय् [10. P.]
पदे
पद [mn]
ततोऽपतत्पुष्पवृष्टिः सहदेवस्य मूर्धनि । अदृश्यरूपा वाचश्चाप्यब्रुवन्साधु साध्विति ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
ततो
ततस् [ind]
ऽपतत्
पत् [1. Ā.]
पुष्पवृष्टिः
पुष्प [n]
पुष्पवृष्टिः
वृष्टि [f]
सहदेवस्य
सहदेव [m]
मूर्धनि
मूर्धन् [m]
अदृश्यरूपा
अदृश्य [adj]
अदृश्यरूपा
रूप [n]
वाचश्चाप्यब्रुवन्
वाच् [f]
वाचश्चाप्यब्रुवन्
च [ind]
वाचश्चाप्यब्रुवन्
अपि [ind]
वाचश्चाप्यब्रुवन्
ब्रू [2. Ā.]
साधु
साधु [adj]
साध्विति
साधु [adj]
साध्विति
इति [ind]
आविध्यदजिनं कृष्णं भविष्यद्भूतजल्पकः । सर्वसंशयनिर्मोक्ता नारदः सर्वलोकवित् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
आविध्यद्
आव्यध् [4. Ā.]
अजिनं
अजिन [n]
कृष्णं
कृष्ण [adj]
भविष्यद्भूतजल्पकः
भू [1. Ā.]
भविष्यद्भूतजल्पकः
भू [1. Ā.]
भविष्यद्भूतजल्पकः
जल्पक [adj]
सर्वसंशयनिर्मोक्ता
सर्व [pron]
सर्वसंशयनिर्मोक्ता
संशय [m]
सर्वसंशयनिर्मोक्ता
निर्मोक्तृ [m]
नारदः
नारद [m]
सर्वलोकवित्
सर्व [pron]
सर्वलोकवित्
लोक [m]
सर्वलोकवित्
विद् [adj]
तत्राहूतागताः सर्वे सुनीथप्रमुखा गणाः । संप्रादृश्यन्त संक्रुद्धा विवर्णवदनास्तथा ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
तत्राहूतागताः
तत्र [ind]
तत्राहूतागताः
आह्वा [4. Ā.]
तत्राहूतागताः
आगम् [6. P.]
सर्वे
सर्व [pron]
सुनीथप्रमुखा
सुनीथ [m]
सुनीथप्रमुखा
प्रमुख [adj]
गणाः
गण [m]
सम्प्रादृश्यन्त
सम्प्रदृश् [4. Ā.]
संक्रुद्धा
संक्रुध् [4. Ā.]
विवर्णवदनास्तथा
विवर्ण [adj]
विवर्णवदनास्तथा
वदन [n]
विवर्णवदनास्तथा
तथा [ind]
युधिष्ठिराभिषेकं च वासुदेवस्य चार्हणम् । अब्रुवंस्तत्र राजानो निर्वेदादात्मनिश्चयात् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
युधिष्ठिराभिषेकं
युधिष्ठिर [m]
युधिष्ठिराभिषेकं
अभिषेक [m]
च
च [ind]
वासुदेवस्य
वासुदेव [m]
चार्हणम्
च [ind]
चार्हणम्
अर्हण [n]
अब्रुवंस्तत्र
ब्रू [2. Ā.]
अब्रुवंस्तत्र
तत्र [ind]
राजानो
राजन् [m]
निर्वेदाद्
निर्वेद [m]
आत्मनिश्चयात्
आत्मन् [m]
आत्मनिश्चयात्
निश्चय [m]
सुहृद्भिर्वार्यमाणानां तेषां हि वपुराबभौ । आमिषादपकृष्टानां सिंहानामिव गर्जताम् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
सुहृद्भिर्
सुहृद् [m]
वार्यमाणानां
वारय् [10. Ā.]
तेषां
तद् [pron]
हि
हि [ind]
वपुर्
वपुस् [n]
आबभौ
आभा [2. P.]
आमिषाद्
आमिष [n]
अपकृष्टानां
अपकृष् [1. Ā.]
सिंहानाम्
सिंह [m]
इव
इव [ind]
गर्जताम्
गर्ज् [1. Ā.]
तं बलौघमपर्यन्तं राजसागरमक्षयम् । कुर्वाणं समयं कृष्णो युद्धाय बुबुधे तदा ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
तं
तद् [pron]
धनौघम्
धन [n]
धनौघम्
ओघ [m]
अपर्यन्तं
अपर्यन्त [adj]
रत्नसागरम्
रत्न [mn]
रत्नसागरम्
सागर [m]
अक्षयम्
अक्षय [adj]
कुर्वाणं
कृ [2. Ā.]
समयं
समय [m]
कृष्णो
कृष्ण [m]
युद्धाय
युद्ध [n]
बुबुधे
बुध् [1. Ā.]
तदा
तदा [ind]
पूजयित्वा तु पूजार्हं ब्रह्मक्षत्रं विशेषतः । सहदेवो नृणां देवः समापयत कर्म तत् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
पूजयित्वा
पूजय् [10. Ā.]
तु
तु [ind]
पूजार्हं
पूजा [f]
पूजार्हं
अर्ह [adj]
ब्रह्मक्षत्रं
ब्रह्मन् [m]
ब्रह्मक्षत्रं
क्षत्र [n]
विशेषतः
विशेषतः [ind]
सहदेवो
सहदेव [m]
नृणां
नृ [m]
देवः
देव [m]
समापयत
समापय् [10. Ā.]
कर्म
कर्मन् [n]
तत्
तद् [pron]
तस्मिन्नभ्यर्चिते कृष्णे सुनीथः शत्रुकर्षणः । अतिताम्रेक्षणः कोपादुवाच मनुजाधिपान् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
तस्मिन्न्
तद् [pron]
अभ्यर्चिते
अभ्यर्च् [1. P.]
कृष्णे
कृष्ण [m]
सुनीथः
सुनीथ [m]
शत्रुकर्षणः
शत्रु [m]
शत्रुकर्षणः
कर्षण [adj]
अतिताम्रेक्षणः
अति [ind]
अतिताम्रेक्षणः
ताम्र [adj]
अतिताम्रेक्षणः
ईक्षण [n]
कोपाद्
कोप [m]
उवाच
वच् [2. P.]
मनुजाधिपान्
मनुज [m]
मनुजाधिपान्
अधिप [m]
स्थितः सेनापतिर्वोऽहं मन्यध्वं किं नु सांप्रतम् । युधि तिष्ठाम संनह्य समेतान्वृष्णिपाण्डवान् ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
स्थितः
स्था [1. Ā.]
सेनापतिर्
सेनापति [m]
वो
त्वद् [pron]
ऽहं
मद् [pron]
मन्यध्वं
मन् [8. P.]
किं
क [pron]
नु
नु [ind]
सांप्रतम्
सांप्रतम् [ind]
युधि
युध् [f]
तिष्ठाम
स्था [1. Ā.]
संनह्य
संनह् [4. Ā.]
समेतान्
समे [2. P.]
वृष्णिपाण्डवान्
वृष्णि [m]
वृष्णिपाण्डवान्
पाण्डव [m]
इति सर्वान्समुत्साह्य राज्ञस्तांश्चेदिपुंगवः । यज्ञोपघाताय ततः सोऽमन्त्रयत राजभिः ॥
Morphemic Decomposition & Padaccheda
इति
इति [ind]
सर्वान्
सर्व [pron]
समुत्साह्य
समुत्साहय् [10. P.]
राज्ञस्तांश्चेदिपुंगवः
राजन् [m]
राज्ञस्तांश्चेदिपुंगवः
तद् [pron]
राज्ञस्तांश्चेदिपुंगवः
चेदि [m]
राज्ञस्तांश्चेदिपुंगवः
पुंगव [m]
यज्ञोपघाताय
यज्ञ [m]
यज्ञोपघाताय
उपघात [m]
ततः
ततस् [ind]
सो
तद् [pron]
ऽमन्त्रयत
मन्त्रय् [Denom. Ā.]
राजभिः
राजन् [m]